जिनपिंग आजीवन बने रहेंगे राष्ट्रपति, संसद ने लगाई मुहर

जिनपिंग आजीवन बने रहेंगे राष्ट्रपति, संसद ने लगाई मुहर
जिनपिंग आजीवन बने रहेंगे राष्ट्रपति, संसद ने लगाई मुहर

नई दिल्ली। चीन की संसद ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिए महज दो कार्यकाल की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। संसद के इस कदम से देश के मौजूदा राष्ट्रपति शी जिनपिंग जिंदगी भर इस शीर्ष पद पर बने रह सकेंगे। चीनी संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के करीब 3,000 सांसदों में से दो-तिहाई ने देश के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की अधिकतम दो कार्यकाल की अनिवार्यता खत्म करने के कानून को मंजूरी दी।

स पर चीन और विदेशों में चिंता और अटकलों का दौर शुरू हो गया था। चीनी क्रांति के बाद पार्टी के संस्थापक माओ जेदोंग ने भी निरंकुश सत्ता का उपभोग किया था। नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के प्रवक्ता झांग येसूई ने पहली बार पार्टी के इस फैसले पर कहा था कि सीपीसी के संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति के लिए तो कार्यकाल की सीमा है, लेकिन पार्टी प्रमुख और सैन्य प्रमुख के कार्यकाल के बारे में कोई सीमा निर्धारित नहीं है। संविधान अब तक राष्ट्रपति के कार्यकाल के बारे में भी इसी परंपरा का पालन करता रहा है।

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माओ के बाद शी को देश का सबसे मजबूत नेता माना जाने लगा है, क्योंकि वह देश के राष्ट्रपति होने के अलावा सीपीसी और सेना दोनों के प्रमुख भी हैं ।

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नई दिल्ली। चीन की संसद ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिए महज दो कार्यकाल की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। संसद के इस कदम से देश के मौजूदा राष्ट्रपति शी जिनपिंग जिंदगी भर इस शीर्ष पद पर बने रह सकेंगे। चीनी संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के करीब 3,000 सांसदों में से दो-तिहाई ने देश के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की अधिकतम दो कार्यकाल की अनिवार्यता खत्म करने के कानून को मंजूरी दी। स पर चीन और विदेशों में…
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