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चीन का बड़ा फैसला- इस साल कोई GDP लक्ष्य नहीं लेकिन 6.6% बढ़ेगा रक्षा बजट

By रवि तिवारी 
Updated Date

दुनिया कोरोना संकट के कारण भीषण आर्थिक मंदी से जूझ रही है। इसके अलावा दुनियाभर के देश रक्षा खर्च घटा रहे हैं। इसके बावजूद चीन ने 2020 के लिए रक्षा बजट में 6.6% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। चीन की सरकार ने कहा कि कोरोना संकट को देखते हुए पिछले कुछ साल में यह सबसे कम वृद्धि है।

अमेरिका के बाद चीन सबसे ज्यादा पैसा रक्षा पर खर्च कर रहा है। कोरोना संकट के बाद भी चीन इस वर्ष 13.68 लाख करोड़ रुपए रक्षा पर खर्च करेगा। नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के वार्षिक सत्र में इसका ऐलान किया गया। सत्र के दौरान प्रधानमंत्री ली केचियांग ने कहा है कि महामारी की वजह से देश ‘अनिश्चितता’ के बीच फंसा है और अर्थव्यवस्था बुरे दौर का सामना कर रही है।

उन्होंने अर्थव्यवस्था के लिए सरकारी मदद का वादा किया और कहा कि आने वाले कुछ वक्त के लिए आर्थिक विकास के टारगेट के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल होगा। 1990 के बाद पहली बार चीन ने आर्थिक विकास के लिए कोई टारगेट नहीं दिया है।

इरादा: दक्षिण चीन सागर में मजबूती के लिए बढ़ाई राशि

चीन ने कहा है कि रक्षा बजट की बड़ी राशि सैनिकों की स्थिति सुधारने में खर्च की जाएगी। पर विदेशी रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि असली राशि कहीं ज्यादा है। पिछले साल चीन का वास्तविक रक्षा बजट 16.72 लाख करोड़ रुपए था। इस बार वह राशि का इस्तेमाल नौसेना के प्रसार में करेगा।

अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट और घातक हथियार खरीदने में बजट खर्च करेगा ताकि दक्षिण चीन सागर में पकड़ और ज्यादा मजबूत की जा सके।

दिखावा: कोरोना से कमजोर नहीं होने का संदेश दिया

चीन ने यह रक्षा बजट अपनी अर्थव्यवस्था में आई भारी गिरावट और बजट घाटे के बाद भी बढ़ाया है। दरअसल, चीन के सामने नई नौकरियों को पैदा करने का संकट मंडरा रहा है। माना जा रहा है कि अर्थव्यवस्था में संकट के बाद भी चीन के नेता सेना को मजबूती देना जारी रखना चाहते हैं। साथ ही सरकार लोगों को यह दिखाना चाहती है कि कोरोना और अर्थव्यवस्था के कारण देश की स्थिति जरा भी कमजोर नहीं हुई।

धमकी: ताइवान पर सैन्य कार्रवाई से कब्जा कर लेंगे

ताइवान और हांगकांग पर भी अब चीन सख्ती बरतने जा रहा है। चीन ने कहा है कि अगर ताइवान खुद से चीन में शामिल नहीं हुआ तो वह सैन्य कार्रवाई करके ताइवान पर कब्जा कर लेगा। संसद में पीएम केकियांग ने कहा, ‘हम ताइवान की आजादी के लिए की गई हर कार्रवाई का विरोध करेंगे।’ इसके अलावा हांगकांग में चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने का फैसला ले लिया है। इसके बाद चीन वहां के प्रदर्शनों पर सख्ती कर सकेगा।

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