चीन की नापाक हरकत: 45 वर्षों बाद सीमा पर बहा खून, 3 भारतीय जवान शहीद

india and china
गलवान घाटी में झड़प: चीन का कमांडिंग अफसर मारा गया, 43 हताहत

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच लाईन आॅफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को लेकर चल रहा तनाव और बढ़ गया है। गलवान घाटी पर सोमवार रात भारतीय और चीन सैनिक के बीच हिंसक झड़प हो गयी। इसमें भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि चीन के भी पांच सैनिक मारे गए हैं। 70 के दशक के बाद पहली बार एलएसी पर भारतीय जवानों की शहादत हुई है।

Chinas Nefarious Act Blood Shed On The Border After 45 Years 3 Indian Soldiers Martyred :

बता दें कि, 1962 में भारत और चीन के बीच ​युद्ध हुआ था। इस युद्ध के बाद 1975 पर एलएसी पर फायरिंग हुई थी, जिसमें चार भारतीय जवान शहीद हुए थे। इसके बाद से एलएसी पर कोई हिंसक झड़प नहीं हुई थी। इसके बाद आज करीब 45 वर्षों बाद एलएसी पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई है।

इसमें भारतीय सेना के अधिकारी और दो जवान शहीद हुए हैं। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से भारत-चीन सीमा पर विवाद जारी है। चीन लगातार कह रहा है कि वह बातचीत के जरिए मामले को सुलझाना चाहता है, लेकिन वह पीछे हटने से इनकार कर रहा है। भारत ने साफ कर दिया था कि चीन के सिपाहियों को पीछे हटना ही होगा। एलएसी पर बदली परिस्थिति को भारत स्वीकार नहीं करेगा।

बीते दिनों दोनों देशों के बीच तय हुआ था कि चीन की सेना गलवान घाटी में पेट्रोलिंग प्वाइंट 14, 15 और 17 ए से पीछे हटेगी। चीन सेना श्योक नदी और गलवान नदी के मुहाने तक आ गई थी। धीरे-धीरे पीछे हट भी रही थी, लेकिन पूरी तरह से पीछे नहीं हटी थी। कल निर्णय हुआ था कि चीन की सेना पूरी तरह पीछे जाएगी। दोनों देशों के आर्मी अफसरों के फैसले के बाद जब चीनी सेना ने पीछे जाने से इनकार किया तो हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में हमारे सीनियर अधिकारी और दो जवान शहीद हुए हैं।

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच लाईन आॅफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को लेकर चल रहा तनाव और बढ़ गया है। गलवान घाटी पर सोमवार रात भारतीय और चीन सैनिक के बीच हिंसक झड़प हो गयी। इसमें भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि चीन के भी पांच सैनिक मारे गए हैं। 70 के दशक के बाद पहली बार एलएसी पर भारतीय जवानों की शहादत हुई है। बता दें कि, 1962 में भारत और चीन के बीच ​युद्ध हुआ था। इस युद्ध के बाद 1975 पर एलएसी पर फायरिंग हुई थी, जिसमें चार भारतीय जवान शहीद हुए थे। इसके बाद से एलएसी पर कोई हिंसक झड़प नहीं हुई थी। इसके बाद आज करीब 45 वर्षों बाद एलएसी पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई है। इसमें भारतीय सेना के अधिकारी और दो जवान शहीद हुए हैं। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से भारत-चीन सीमा पर विवाद जारी है। चीन लगातार कह रहा है कि वह बातचीत के जरिए मामले को सुलझाना चाहता है, लेकिन वह पीछे हटने से इनकार कर रहा है। भारत ने साफ कर दिया था कि चीन के सिपाहियों को पीछे हटना ही होगा। एलएसी पर बदली परिस्थिति को भारत स्वीकार नहीं करेगा। बीते दिनों दोनों देशों के बीच तय हुआ था कि चीन की सेना गलवान घाटी में पेट्रोलिंग प्वाइंट 14, 15 और 17 ए से पीछे हटेगी। चीन सेना श्योक नदी और गलवान नदी के मुहाने तक आ गई थी। धीरे-धीरे पीछे हट भी रही थी, लेकिन पूरी तरह से पीछे नहीं हटी थी। कल निर्णय हुआ था कि चीन की सेना पूरी तरह पीछे जाएगी। दोनों देशों के आर्मी अफसरों के फैसले के बाद जब चीनी सेना ने पीछे जाने से इनकार किया तो हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में हमारे सीनियर अधिकारी और दो जवान शहीद हुए हैं।