उत्‍तराखंड में 3.5 किलोमीटर तक घुसे चीनी सैनिक, 3 बार हुई घुसपैठ की कोशिश

उत्‍तराखंड में 3.5 किलोमीटर तक घुसे चीनी सैनिक, 3 बार हुई घुसपैठ की कोशिश
उत्‍तराखंड में 3.5 किलोमीटर तक घुसे चीनी सैनिक, 3 बार हुई घुसपैठ की कोशिश

Chinese Army Cross Line Of Actual Control Three Times In August In Barahoti Uttarakhand Sources

नई दिल्ली। डोकलाम विवाद के बाद चीन अब एक बार फिर से सीमा पर अतिक्रमण और घुसपैठ को अंजाम देने की कोशिश में है। बताया जा रहा है कि बीते माह अगस्‍त में तीन बार चीन सैनिक क्षेत्र में करीब चार किमी तक अंदर तक घुस आए। चीन के सैनिकों ने पिछले महीने अगस्त में उत्तराखंड के बारहोती में यह घुसपैठ की। हालांकि सीमा पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के विरोध के बाद चीनी सैनिकों को अपनी सीमा में वापस लौटना पड़ा।

इस साल घुसपैठ की कई घटनाएं

इस साल घुसपैठ की कई घटनाएं हो चुकी हैं। 8 जुलाई को भी आधा दर्जन छोटे वाहनों में सवार 32 चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी। वहीं, 10 जुलाई को तुनजुन ला के पास बाइक के जरिए एक चीनी सैनिक करीब 500 मीटर तक भारत की सीमा में घुस आया था, जिसे आईटीबीपी के जवानों ने खदेड़ दिया। इसके बाद 27 जुलाई को भी चीनी सेना ने बारहोती क्षेत्र में घुसपैठ की थी। चीनी सैनिक होतीगाड़ क्षेत्र में करीब चार किलोमीटर तक भारतीय सीमा में घुस आए। इसी दिन घोड़े पर सवार कुछ चीनी सैनिक भी भारतीय सीमा में दिखे थे। चीनी सैनिकों ने भारतीय चरवाहों को इशारे से वापस चले जाने के लिए कहा।

चीन ने बना रखी है पक्की सड़क और हेलीपैड

अरुणाचल प्रदेश के किबितू इलाके से सटी सीमा चीन का टाटू कैंप और न्यू टाटू कैंप है। यहां पर चीनी सेना ने कंक्रीट की मजबूत की बिल्डिंग, फायरिंग रेंज और हेलीपैड साफ नजर आते हैं। यहां तक चीन ने पक्की सड़क भी बनाई हुई है। इधर भारत के अंदर चीन की तुलना में बुनियादी ढांचा अभी इतना मज़बूत नहीं हुआ है। ना तो सड़क पक्की है और ना ही पुख्ता संचार तंत्र। इसके बावजूद यहां तैनात भारतीय जवानों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं है। सहरद पर तैनात जवान पुष्प सिंह ने कहा था कि हम हर वक्त तैयार रहते हैं जवाब देने के लिए हमारे हौसले काफी बुलंद हैं।

वहीं सूबेदार नेत्र सिंह ने बताया कि जो टास्क दिया जाता है उसे पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। कठिन पहाड़ी इलाके, घने जंगलों और मौसम की मार के बीच वो हर लिहाज़ से मुस्तैद हैं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि यहां मौसम हमेशा खराब हो जाता है जिससे खाना गीला हो जाता है। चीन की हरक़तों को देखते हुए ही भारत ने सरहदी इलाकों में बुनियादी ढांचा पक्का करने में तेज़ी लाई है। क़रीब साढ़े तीन हज़ार करोड़ रुपए की लागत से चीन से लगी सीमाओं पर सड़क निर्माण का काम तेज़ी से चल रहा है। ऐसे 73 प्रोजेक्ट्स में से 18 पूरे हो चुके हैं। बाकी प्रोजेक्ट 2020 तक पूरे किए जाने का लक्ष्य है।

नई दिल्ली। डोकलाम विवाद के बाद चीन अब एक बार फिर से सीमा पर अतिक्रमण और घुसपैठ को अंजाम देने की कोशिश में है। बताया जा रहा है कि बीते माह अगस्‍त में तीन बार चीन सैनिक क्षेत्र में करीब चार किमी तक अंदर तक घुस आए। चीन के सैनिकों ने पिछले महीने अगस्त में उत्तराखंड के बारहोती में यह घुसपैठ की। हालांकि सीमा पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के विरोध के बाद चीनी सैनिकों को अपनी सीमा में वापस…