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मोदी के साथ शिखर बैठक के लिए बीजिंग से रवाना हुए चीनी राष्ट्रपति, महाबलीपुरम में मिलेंगे दोनों नेता

By बलराम सिंह 
Updated Date

Chinese President Leaves Beijing For Summit Meeting With Modi Both Leaders Will Meet In Mahabalipuram

चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक वार्ता के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शुक्रवार की सुबह भारत के लिए रवाना हुए। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात तमिलनाडु के महाबलीपुरम में होगी। शी जिनपिंग शुक्रवार की दोपहर चेन्नई पहुंचेंगे। इसके बाद शाम को वह पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मामल्लापुरम (महाबलीपुरम) में कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे। रात तक चलने वाली बैठक के बाद दोनों नेता चर्चाओं को जारी रखने के लिए शनिवार को दोबारा मिलेंगे। चीन के राष्ट्रपति शनिवार की दोपहर ही नेपाल के लिए रवाना हो जाएंगे।

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पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति समुद्र किनारे स्थित तमिलनाडु के प्राचीन नगर मामल्लपुरम में सातवीं सदी के शोर मंदिर परिसर में भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश करेंगे। शी जिनपिंग का मामल्लपुरम पहुंचने पर भव्य स्वागत किया जाएगा। राज्य एवं केंद्र सरकार की एजेंसियां इस तटीय शहर में बैठक की पूरे जोर शोर से तैयारियां कर रही हैं। इस शहर का चीन के फुजियांग प्रांत से मजबूत ऐतिहासिक संबंध रहा है।

शी जिनपिंग के साथ इस दौरे पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन (सीपीसी) के पदाधिकारी डिंग शुएशियांग, यांग जिएची तथा विदेश मंत्री वांग यी और चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस की नेशनल कमिटी के उपप्रमुख ही लीफेंग भी आ रहे हैं। वार्ता के दौरान कोई समझौता होने की उम्मीद नहीं है। चीनी राजदूत सुन वीदोंग ने कहा कि शुक्रवार से शुरू हो रही दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर वार्ता से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नयी दिशा देने पर दिशानिर्देशक सिद्धांतों समेत नयी आम-सहमति बन सकती हैं।

अधिकारियों ने बताया कि शी अपराह्न करीब दो बजे चेन्नई पहुंचेंगे और इसके बाद एक आलीशान होटल में जाएंगे। मोदी शाम पांच बजे शी को मामल्लापुर के तीन स्मारकों अर्जुन की तपस्या स्थली, पांच रथ और शोर मंदिर लेकर जाएंगे। इसके बाद दोनों नेता मंदिर परिसर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम देखेंगे। दोनों नेता शोर मंदिर परिसर में बैठेंगे और विकास एवं सहयोग का नया खाका बनाने पर विचार साझे करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मंदिर परिसर में शी के लिए निजी रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

अधिकारियों ने बताया कि दोनों नेता शनिवार को फिशरमैन्स कोव रिजार्ट में एक बैठक करेंगे, जिसके बाद प्रतिनिधि मंडल स्तर की वार्ता होगी। इसके बाद मोदी दोपहर के खाने पर शी की मेजबानी करेंगे और चीनी नेता दोपहर पौने एक बजे चेन्नई हवाईअड्डे के लिए रवाना होंगे। 5000 पुलिस के जवान और नौसेना के युद्धपोत मामल्लापुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अनौपचारिक शिखर सम्मेलन की सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए पूरे शहर को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है, जिसके कारण शहर में लोगों और पर्यटकों को असुविधा हुई। यह वार्ता ऐेसे समय में हो रही है जब कश्मीर मामले पर दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव पैदा हो गया है।

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कश्मीर मसले पर नहीं होगी बातचीत

शी-खान की मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत का यह लगातार एवं स्पष्ट रुख रहा है कि जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है और चीन इस संबंध में नई दिल्ली के रुख से भलीभांति अवगत है। सरकारी सूत्रों ने यह भी कहा कि कश्मीर मामले पर बातचीत का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता क्योंकि यह भारत का संप्रभु मामला है लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि यदि शी कोई सवाल पूछते हैं तो मोदी उन्हें जानकारी देंगे।

दोनों नेताओं की दूसरी अनौपचारिक मुलाकात

मोदी और शी के बीच पहली अनौपचारिक शिखर वार्ता चीन के वुहान में 2018 में हुई थी। वहीं, उसके कुछ महीने पहले ही डोकलाम में दोनों देशों की सेनाओं के बीच 73 दिनों तक गतिरोध रहा था।
सूत्रों ने कहा कि दक्षिण भारत के इस प्राचीन तटीय शहर में यह शिखर वार्ता चीन के अमेरिका के साथ कारोबारी संबंधों में बढ़ती दरार की पृष्ठभूमि में होगी। दोनों नेता व्यापार और कारोबारी संबंधों के विस्तार के तरीकों पर बात कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार बातचीत में राजनीतिक संबंधों, व्यापार तथा करीब 3500 किलोमीटर लंबी चीन-भारत सीमा पर शांति बनाये रखने पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा।

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