करोड़ों में बिका 90 रुपये का चीनी फूलदान, जानें क्या है खास

flower vase in 4crore
करोड़ों में बिका 90 रुपये के चीनी फूलदान, जानें क्या है खास

नई दिल्ली। दुनिया में कई ऐसी चीजे होती है जिनकी कीमत का आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते। जी हां कुछ ऐसा ही हुआ ब्रिटेन में जहां सिर्फ 90 रुपये का एक फूलदान करीब साढ़े चार करोड़ रुपये में बिका जिससे इसके मालिक मालामाल हो गए। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक फूलदान की खूब चर्चा हो रही है जो था तो महज 90 रुपये का लेकिन नीलामी में बिका यह साढे़ चार करोड़ रुपये में जिसे चीन के एक शख्स ने खरीदा है।

Chinese Vase Worth 90 Rupees Sold In Crores Know What Is Special :

दरअसल,जिस ब्रिटिश व्यक्ति ने यह फूलदान बेचा है उसने यह फूलदान महज 90 रुपये में खरीदा था। कुछ दिनों बाद उसने इसे बेचने का फैसला किया और ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट ईबे पर इसे बेचने का विज्ञापन दिया। उस शख्स को इसकी अच्छी कीमत मिलने लगी तो उसे शक हुआ और उसे इसने और ऊंचे दाम में बेचने का फैसला किया। फूलदान की जब उसने नीलामी शुरू की तो एक चीनी शख्स ने सबसे ऊंची बोली लगाकर इसे 4 करोड़ 48 लाख रुपये में खरीदा।

बता दें, इस पीले फूलदान को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह करीब 300 साल पुराना है और 18वीं सदी में इसे चीनी सम्राट कियानलोंग के लिए बनाया गया था। फूलदान पर कियानलोंग राजवंश का मुहर भी है और वो किंग वंश के छठवें सम्राट थे।

नई दिल्ली। दुनिया में कई ऐसी चीजे होती है जिनकी कीमत का आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते। जी हां कुछ ऐसा ही हुआ ब्रिटेन में जहां सिर्फ 90 रुपये का एक फूलदान करीब साढ़े चार करोड़ रुपये में बिका जिससे इसके मालिक मालामाल हो गए। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक फूलदान की खूब चर्चा हो रही है जो था तो महज 90 रुपये का लेकिन नीलामी में बिका यह साढे़ चार करोड़ रुपये में जिसे चीन के एक शख्स ने खरीदा है। दरअसल,जिस ब्रिटिश व्यक्ति ने यह फूलदान बेचा है उसने यह फूलदान महज 90 रुपये में खरीदा था। कुछ दिनों बाद उसने इसे बेचने का फैसला किया और ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट ईबे पर इसे बेचने का विज्ञापन दिया। उस शख्स को इसकी अच्छी कीमत मिलने लगी तो उसे शक हुआ और उसे इसने और ऊंचे दाम में बेचने का फैसला किया। फूलदान की जब उसने नीलामी शुरू की तो एक चीनी शख्स ने सबसे ऊंची बोली लगाकर इसे 4 करोड़ 48 लाख रुपये में खरीदा। बता दें, इस पीले फूलदान को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह करीब 300 साल पुराना है और 18वीं सदी में इसे चीनी सम्राट कियानलोंग के लिए बनाया गया था। फूलदान पर कियानलोंग राजवंश का मुहर भी है और वो किंग वंश के छठवें सम्राट थे।