चिन्मयानंद केस: SIT जांच में बड़ा खुलासा, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन ने भी मांगी थी रंगदारी

चिन्मयानंद केस
चिन्मयानंद केस: SIT जांच में बड़ा खुलासा, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन ने भी मांगी थी रंगदारी

शाहजहांपुर। पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री और भाजपा नेता स्वमी चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण में एसआईटी ने एक और बड़ा खुलासा किया है। एसआईटी ने बताया कि जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन डीपीएस राठौर और अजीत सिंह ने भी चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। डीपीएस राठौर ने छात्रा से अश्लील वीडियो ले लिए थे।

Chinmayanand Case Big Disclosure In Investigation Chairman Of District Cooperative Bank Also Asked For Extortion :

उन्होंने भी चिन्मयानंद को ब्लैकमेल किया और फिरौती मांगी। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की अब तक की हुई विवेचना की जानकारी एसआईटी ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में मीडिया को दी। एसआईटी ने बताया कि छात्रा और चिन्मयानंद मामले की चार्जशीट तैयार कर ली गई है। 28 नवंबर को आखिरी रिपोर्ट एसआईटी इलाहाबाद हाईकोर्ट में सौंपेगी।

एसआईटी ने मामले में बीजेपी नेता डीपीएस राठौर और अजीत सिंह को भी आरोपी बनाया है। एसआईटी को डीपीएस राठौर के लैपटॉप और मोबाइल से चिन्मयानंद के अश्लील वीडियो मिले थे। एसआईटी के अनुसार रंगदारी के मामले में भी ये आरोपी हैं। वहीं स्वामी चिन्मयानंद पर धारा 376 सी 354डी, 342, 506 में अपराध होना पाया गया है। एसआईटी के अनुसार रंगदारी के मामले में संजय,पीड़ित छात्रा, सचिन विक्रम सिंह को आरोपी बनाया गया है। एसआईटी ने दो महीने में जांच पूरी की है।

एसआईटी प्रमुख आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि डीपीएस राठौर और अजीत सिंह ये दो नाम लगातार प्रकाश में आ रहे थे। ये दौसा, राजस्थान में भी मौजूद थे। जब पीड़िता और संजय की बरामदगी हुई तो ये वहीं मौजूद थे। जांच में पता चला कि पीड़िता की तरफ से नीले सफेद पाउच में कुछ पेन ड्राइव अजीत को दी गई थी। डीपीएस राठौर और अजीत ने पीड़िता को सलाह दी कि आपके पास सबूत हैं पुलिस तलाशी में बरामद कर लेगी।

आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि जब ये वापस लौटे तो इन्होंने उन वीडियो की एक-एक कॉपी बनाई। इसके बाद ये भी चिन्मयानंद से वसूली में शामिल हो गए। इन्होंने सवा करोड़ रुपये की बातचीत की थी। इस आधार पर दोनों के खिलाफ अपराध बनता है और चार्जशीट में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा इस पूरे ही प्रकरण में एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। चार्जशीट में सभी को शामिल कर लिया और पूरे मामले का खुलासा किया है।

शाहजहांपुर। पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री और भाजपा नेता स्वमी चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण में एसआईटी ने एक और बड़ा खुलासा किया है। एसआईटी ने बताया कि जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन डीपीएस राठौर और अजीत सिंह ने भी चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। डीपीएस राठौर ने छात्रा से अश्लील वीडियो ले लिए थे। उन्होंने भी चिन्मयानंद को ब्लैकमेल किया और फिरौती मांगी। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की अब तक की हुई विवेचना की जानकारी एसआईटी ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में मीडिया को दी। एसआईटी ने बताया कि छात्रा और चिन्मयानंद मामले की चार्जशीट तैयार कर ली गई है। 28 नवंबर को आखिरी रिपोर्ट एसआईटी इलाहाबाद हाईकोर्ट में सौंपेगी। एसआईटी ने मामले में बीजेपी नेता डीपीएस राठौर और अजीत सिंह को भी आरोपी बनाया है। एसआईटी को डीपीएस राठौर के लैपटॉप और मोबाइल से चिन्मयानंद के अश्लील वीडियो मिले थे। एसआईटी के अनुसार रंगदारी के मामले में भी ये आरोपी हैं। वहीं स्वामी चिन्मयानंद पर धारा 376 सी 354डी, 342, 506 में अपराध होना पाया गया है। एसआईटी के अनुसार रंगदारी के मामले में संजय,पीड़ित छात्रा, सचिन विक्रम सिंह को आरोपी बनाया गया है। एसआईटी ने दो महीने में जांच पूरी की है। एसआईटी प्रमुख आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि डीपीएस राठौर और अजीत सिंह ये दो नाम लगातार प्रकाश में आ रहे थे। ये दौसा, राजस्थान में भी मौजूद थे। जब पीड़िता और संजय की बरामदगी हुई तो ये वहीं मौजूद थे। जांच में पता चला कि पीड़िता की तरफ से नीले सफेद पाउच में कुछ पेन ड्राइव अजीत को दी गई थी। डीपीएस राठौर और अजीत ने पीड़िता को सलाह दी कि आपके पास सबूत हैं पुलिस तलाशी में बरामद कर लेगी। आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि जब ये वापस लौटे तो इन्होंने उन वीडियो की एक-एक कॉपी बनाई। इसके बाद ये भी चिन्मयानंद से वसूली में शामिल हो गए। इन्होंने सवा करोड़ रुपये की बातचीत की थी। इस आधार पर दोनों के खिलाफ अपराध बनता है और चार्जशीट में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा इस पूरे ही प्रकरण में एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। चार्जशीट में सभी को शामिल कर लिया और पूरे मामले का खुलासा किया है।