रेप के आरोप में जमानत पर रिहा हुए चिन्मयानंद ने करवाया भंडारा, NCC कैडेट्स ने दी सलामी

Chinmayanand
रेप के आरोप में जमानत पर रिहा हुए चिन्मयानंद ने करवाया भंडारा, NCC कैडेट्स ने दी सलामी

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर ​के रहने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री व भाजपा नेता चिन्मयानंद पर एक युवती ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। जिसके बाद एसआईटी ने जांच के दौरान उन्हे गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार को चिन्मयानंद जमानत पर जेल से रिहा हुए और शाहजहांपुर पंहुचे तो NCC कैडेट्स ने उनका जोरदार स्वागत किया। वहीं चिन्मयानंद ने आश्रम में पूजापाठ करने के बाद भंडारे का आयेाजन किया।

Chinmayanand Released On Bail On Rape Charges Provided Food To Supporters :

चिन्मयानंद केस में हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए कहा- दोनों ही पक्षों ने मर्यादा लांघी, निर्णय करना मुश्किल है कि किसने किसका शोषण किया। स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने कहा, ‘चिन्मयानंद को पूरी तरह साजिश में फंसाया गया है। बुधवार को जेल से रिहाई के बाद चिन्मयानंद के समर्थकों का जेल गेट पर उमड़ा सैलाब बताता है कि वह पूरी तरह निर्दोष हैं। वहीं मुमुक्षु आश्रम के सूत्रों ने बताया, गुरुवार को स्वामी चिन्मयानंद ने दो कॉलेजों का भ्रमण भी किया। कॉलेज की व्यवस्था देखी और इसके बाद वह मुमुक्षु आश्रम परिसर में भी घूमे।

आपको बता दें कि चिन्मयानंद के कॉलेज में ही पढ़ने वाली कानून की एक छात्रा ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। मामला भाजपा से जुड़े बड़े नेता का था तो विपक्षी पार्टियों ने इस मामले पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। आवाज उठते ही सरकार भी गंभीर हुई और इस मामले में जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया। इसके बाद एसआईटी ने स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। चिन्मयानंद की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी के मामले में कानून की छात्रा एवं उसके तीन दोस्तों को भी एसआईटी ने जेल भेज दिया था। वहीं बुधवार को चिन्मयानंद समेत पांच आरोपियों की जमानत उच्च न्यायालय इलाहाबाद से हो गई है और उन्हें रिहा भी कर दिया गया है।

वहीं हाईकोर्ट के आदेश पर शाहजहांपुर के जनप्रतिनिधि न्यायालय में स्वामी चिन्मयानंद मामले की हो रही सुनवाई अब लखनऊ न्यायालय में होगी। वहीं पुलिस अधीक्षक नगर दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि कानून की पढ़ाई करने वाली पीड़ित छात्रा की सुरक्षा के लिए एक गार्ड तथा छात्रा एवं उसके परिवार के लिए एक-एक गनर तैनात किया गया है जो अब भी तैनात हैं। जबकि चिन्मयानंद की गिरफ्तारी के बाद उनकी सुरक्षा में तैनात गनर को वापस बुला लिया गया था। अब जब चिन्मयानंतद रिहा हुए तो पुनः मांग किए जाने पर समिति द्वारा निर्णय लेकर उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर ​के रहने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री व भाजपा नेता चिन्मयानंद पर एक युवती ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। जिसके बाद एसआईटी ने जांच के दौरान उन्हे गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार को चिन्मयानंद जमानत पर जेल से रिहा हुए और शाहजहांपुर पंहुचे तो NCC कैडेट्स ने उनका जोरदार स्वागत किया। वहीं चिन्मयानंद ने आश्रम में पूजापाठ करने के बाद भंडारे का आयेाजन किया। चिन्मयानंद केस में हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए कहा- दोनों ही पक्षों ने मर्यादा लांघी, निर्णय करना मुश्किल है कि किसने किसका शोषण किया। स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने कहा, 'चिन्मयानंद को पूरी तरह साजिश में फंसाया गया है। बुधवार को जेल से रिहाई के बाद चिन्मयानंद के समर्थकों का जेल गेट पर उमड़ा सैलाब बताता है कि वह पूरी तरह निर्दोष हैं। वहीं मुमुक्षु आश्रम के सूत्रों ने बताया, गुरुवार को स्वामी चिन्मयानंद ने दो कॉलेजों का भ्रमण भी किया। कॉलेज की व्यवस्था देखी और इसके बाद वह मुमुक्षु आश्रम परिसर में भी घूमे। आपको बता दें कि चिन्मयानंद के कॉलेज में ही पढ़ने वाली कानून की एक छात्रा ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। मामला भाजपा से जुड़े बड़े नेता का था तो विपक्षी पार्टियों ने इस मामले पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। आवाज उठते ही सरकार भी गंभीर हुई और इस मामले में जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया। इसके बाद एसआईटी ने स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। चिन्मयानंद की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी के मामले में कानून की छात्रा एवं उसके तीन दोस्तों को भी एसआईटी ने जेल भेज दिया था। वहीं बुधवार को चिन्मयानंद समेत पांच आरोपियों की जमानत उच्च न्यायालय इलाहाबाद से हो गई है और उन्हें रिहा भी कर दिया गया है। वहीं हाईकोर्ट के आदेश पर शाहजहांपुर के जनप्रतिनिधि न्यायालय में स्वामी चिन्मयानंद मामले की हो रही सुनवाई अब लखनऊ न्यायालय में होगी। वहीं पुलिस अधीक्षक नगर दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि कानून की पढ़ाई करने वाली पीड़ित छात्रा की सुरक्षा के लिए एक गार्ड तथा छात्रा एवं उसके परिवार के लिए एक-एक गनर तैनात किया गया है जो अब भी तैनात हैं। जबकि चिन्मयानंद की गिरफ्तारी के बाद उनकी सुरक्षा में तैनात गनर को वापस बुला लिया गया था। अब जब चिन्मयानंतद रिहा हुए तो पुनः मांग किए जाने पर समिति द्वारा निर्णय लेकर उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।