चिन्मयानंद मामला : एसआईटी के निशाने पर आया सत्ताधारी पार्टी का एक नेता, छात्रा से मिलने गया था राजस्थान

chinmayanand case
चिन्मयानंद मामला : एसआईटी के निशाने पर आया सत्ताधारी पार्टी का एक नेता, छात्रा से मिलने गया था राजस्थान

नई दिल्ली। चिन्मयानंद-छात्रा मामले की जांच में जुटी एसआईटी के निशाने पर सत्ताधारी पार्टी का एक नेता भी आ गया है। इसीलिए एसआईटी ने बुधवार रात तलब कर उनसे पूछताछ की। बताया जा रहा है कि उक्त नेता अपने साथियों के साथ छात्रा और उसके दोस्त से मिलने राजस्थान गए थे। दरअसल अब एसआईटी पर्दे के पीछे के लोगों को भी पहचानने की कोशिश कर रही है।

Chinmayananda Case A Leader Of The Ruling Party Who Came Under The Target Of Sit Went To Meet The Student In Rajasthan :

बता दें कि स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाने के साथ ही वीडियो वायरल करने के बाद छात्रा गायब हो गई थी। इसी के साथ स्वामी से फिरौती मांगे जाने का मामला सामने आया तो सत्ता दल के एक नेता अपने दो अन्य साथियों के साथ मामले को सुलझाने में लग गए। यह नेता अपने दो साथियों के साथ स्वामी से फिरौती मांगने में संदेह के दायरे में आए संजय से मिलने राजस्थान उस जगह पहुंच गए, जहां छात्रा और संजय ठहरे हुए थे।

जिसके चलते जांच टीम ने अपनी विवेचना में इस बिंदु को भी शामिल कर लिया। इसीलिए अपहरण और फिरौती मामले से संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने के बाद सबसे आखिर में एसआईटी ने उस नेता से भी पूछताछ की, ताकि जांच में कुछ और चीजें स्पष्ट हो सकें।

नई दिल्ली। चिन्मयानंद-छात्रा मामले की जांच में जुटी एसआईटी के निशाने पर सत्ताधारी पार्टी का एक नेता भी आ गया है। इसीलिए एसआईटी ने बुधवार रात तलब कर उनसे पूछताछ की। बताया जा रहा है कि उक्त नेता अपने साथियों के साथ छात्रा और उसके दोस्त से मिलने राजस्थान गए थे। दरअसल अब एसआईटी पर्दे के पीछे के लोगों को भी पहचानने की कोशिश कर रही है। बता दें कि स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाने के साथ ही वीडियो वायरल करने के बाद छात्रा गायब हो गई थी। इसी के साथ स्वामी से फिरौती मांगे जाने का मामला सामने आया तो सत्ता दल के एक नेता अपने दो अन्य साथियों के साथ मामले को सुलझाने में लग गए। यह नेता अपने दो साथियों के साथ स्वामी से फिरौती मांगने में संदेह के दायरे में आए संजय से मिलने राजस्थान उस जगह पहुंच गए, जहां छात्रा और संजय ठहरे हुए थे। जिसके चलते जांच टीम ने अपनी विवेचना में इस बिंदु को भी शामिल कर लिया। इसीलिए अपहरण और फिरौती मामले से संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने के बाद सबसे आखिर में एसआईटी ने उस नेता से भी पूछताछ की, ताकि जांच में कुछ और चीजें स्पष्ट हो सकें।