चित्रकूट में गैंग रेप की शिकार दलित महिला की बांदा में पिटाई

Chitrakoot News

बांदा। पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने कल ही पुलिसकर्मियों फिल्म ‘‘पिंक’’ देखने की नसीहत दी थी, फिर भी बांदा पुलिस पर उनकी नसीहत का कोई असर नहीं पड़ा। चित्रकूट जिले की कछार पुरवा निवासी एक दलिम महिला कुछ माह पूर्व गैंग रेप का शिकार हुई थी, उस पर सुलह-समझौता का दबाव पड़ा तो वह अपनी बच्ची को लेकर बांदा शहर के गायत्री नगर में किराए का कमरा लेकर रहने लगी। लेकिन यहां भी वह बच नहीं पायी, शुक्रवार की सुबह आरोपियों जुड़े कुछ लोगों ने उसे मार-मार कर अधमरा कर दिया। दो दिन भटकने के बाद भी कालूकुंआ चैकी के दरोगा ने नहीं सुना तो पुलिस अधीक्षक को हस्ताक्षेप करना पड़ा।




मामला बड़ा गंभीर है, चित्रकूट जिले के कछारपुरवा की रहने वाली एक दलित महिला को कुछ माह पूर्व अपहरण कर पांच लोगों ने उसके साथ कई माह तक सामूहिक दुष्कर्म करते रहे। उनके चुंगुल से छूटने के बाद जब वह कर्वी कोतवाल के पास अपनी दास्तान सुनाने गई तो वह सिर्फ मजाक बनकर रह गई। बाद में डीआईजी बांदा ज्ञानेश्वर तिवारी के हस्ताक्षेप से सत्ता पक्ष के एक विधायक के रिश्तेदार बुदुल पटेल व चार अन्य के खिलाफ आठ अप्रैल 2016 को मुकदमा अपराध संख्या-330/16, धारा-376 डी, 366, 504, 506 व एससी/एसटी का अभियोग दर्ज हो पाया। लेकिन विधायक के दबाव में पुलिस किसी भी नामजद मुल्जिम को गिरफ्तार करने की जरूरत नहीं समझी।

इधर, मामले के विवेचक के भी अभियुक्तों से अच्छे रिश्ते बन गए और वह पीड़िता पर सुलह-समझौता का दबाव बनाया तो वह अपनी मासूम बच्ची के साथ बांदा शहर के गायत्री नगर में किराए का कमरा लेकर रहने लगी। शुक्रवार की सुबह पड़ोस के एक उच्च वर्ग के लोगों ने उसे कमरे में घुस कर अधमरा कर दिया। बचाव में मकान मालकिन को भी नहीं बक्शा। पीड़िता तीन दिन से रोजाना कालूकुंआ पुलिस चैकी की चैखट में न्याय की भीख मांगती रही, लेकिन प्रभारी उपनिरीक्षक सुबह-शाम की गोली देकर टरकाते रहे। रविवार को जब पुलिस अधीक्षक के सामने मामला पहुंचा तो शहर कोतवाल हरकत में आए और एक सब इंस्पेक्टर को भेज कर पीड़िता का चिकित्सीय मुआयना करवाया। बताया जाता है कि देर शाम आरोपियों के खिलाफ अभियोग दर्ज किया गया है।

पीड़िता का आरोप है कि करीब चार माह पूर्व आरोपियों बुलाकर इसी पड़ोसी ने उसका दोबारा अपहरण कराने का प्रयास कर चुका है। डीआईजी से शिकायत करने के बाद भी मुकदमा नहीं लिखा गया। इधर, इस घटना को सामाजिक संगठन ‘पब्लिक एक्शन कमेटी’ (पीएसी) ने गंभीरता से लिया है और डीजीपी को पत्र लिखकर मामले में लापरवाही बरतने वाले कालूकुंआ चैकी इंचार्ज के निलंबन की मांग उठाई है। पीएसी प्रमुख स्वेता मिश्रा ने कहा कि ‘यह मामला अति गंभीर है, महिलाओं के मामले लापरवाही बरतने वाले का निलंबन नहीं, बल्कि बर्खास्तगी होनी चाहिए।

चित्रकूट से आर जयन की रिपोर्ट



बांदा। पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने कल ही पुलिसकर्मियों फिल्म ‘‘पिंक’’ देखने की नसीहत दी थी, फिर भी बांदा पुलिस पर उनकी नसीहत का कोई असर नहीं पड़ा। चित्रकूट जिले की कछार पुरवा निवासी एक दलिम महिला कुछ माह पूर्व गैंग रेप का शिकार हुई थी, उस पर सुलह-समझौता का दबाव पड़ा तो वह अपनी बच्ची को लेकर बांदा शहर के गायत्री नगर में किराए का कमरा लेकर रहने लगी। लेकिन यहां भी वह बच नहीं पायी, शुक्रवार की सुबह…