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महिला IAS से एकतरफा प्यार में पागल CISF कमांडेंट ने रची खौफनाक साजिश, खुद पहुंच गया जेल

By बलराम सिंह 
Updated Date

Cisf Commandant Madly In Love With Woman Ias Hatched A Creepy Conspiracy Himself Reached Jail

नई दिल्ली। राजस्थान कैडर की महिला आईएएस से एकतरफा प्यार में बीते 20 साल से पागल सीआईएसएफ के कमांडेंट ने उसके पति को फंसाने के लिए कार में चरस रखकर पुलिस को सूचना दे दी। आरोपी ने काफी चालाकी से आईएएस के पति को जेल भेजने का प्लान बनाया था लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से उसका प्लान सफल नहीं हो सका। अब पुलिस ने आरोपी कमांडेंट और उसके साथी को दबोच लिया है। आरोपी अपनी कार से चरस रखने गए थे, पुलिस ने इस कार को भीष्म पितामह मार्ग से बरामद कर लिया है।

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पुलिस के मुताबिक लोधी कॉलोनी पुलिस ने सीआईएसएफ के कमांडेंट रंजन प्रताप सिंह (44) व उसके अधिवक्ता साथी नीरज चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कमांडेंट ने 20 साल पहले लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन उत्तराखंड में चार महीने का फाउंडेशन कोर्स भी महिला आईएएस के साथ किया था। इसके बाद वह वह महिला आईएएस से बात करता रहता था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिये दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लोधी कॉलोनी पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम को दोनों को कोर्ट में पेश कर कमांडेंट को एक दिन के रिमांड पर लिया है। नीरज चौहान को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि सीआईएसएफ के डीआईजी को बुधवार की शाम सूचना मिली थी कि इलेक्ट्रॉनिक निकेतन, सीजीओ कांप्लेक्स में खड़ी महिला आईएएस के पति की कार में चरस रखी है।
सीआईएसएफ स्टाफ ने वाहन मालिक को बुलाकर कार की तलाशी ली तो उसमें 550 ग्राम चरस मिली। कार राजस्थान कैडर की महिला आईएएस के पति अमित सावन की थी। अमित सावन केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय में कंसलटेंट (प्राइवेट) है और इलेक्ट्रॉनिक निकेतन में रहते हैं।

बुधवार शाम करीब छह बजे इसकी सूचना लोधी कॉलोनी पुलिस को दी गई। लोधी कॉलोनी पुलिस ने उस नंबर की जांच की जिससे सीआईएसएफ के डीआईजी के पास चरस रखने का फोन आया था। फोन महरौली निवासी एक पकोड़ा दुकानदार का था। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो पता लगा कि वह जब कटवारिया सराय में था तो एक व्यक्ति ने उसका मोबाइल लेकर फोन किया था। इसके बाद पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक निकेतन की सीसीटीवी फुटेज को खंगाली तो दो व्यक्ति संदिग्ध हालत में घूमते हुए दिखाई दिए। सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद पुलिस ने साकेत निवासी कमांडेंट रंजन प्रताप सिंह और उसके वकील साथी नीरज चौहान को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने आईएएस के पति की कार में चरस रखने की बात स्वीकार कर ली।

महिला IAS से बदला लेने के लिए रची साजिश

आरोपी कमांडेंट ने बताया वह महिला आईएएस से बदला लेना चाहता था। रंजन प्रताप सिंह महिला आईएएस से 20 साल पहले तब मिला था जब दोनों सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे। साल 2000 में दोनों ने साथ में लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन उत्तराखंड में चार महीने का फाउंडेशन कोर्स भी साथ में किया था। रंजन प्रताप तब से ही महिला आईएएस को दिल ही दिल में एक तरफा प्यार करता रहा। महिला आईएएस की शादी के बाद भी वह उससे लगातार संपर्क में था। बताया जा रहा है कि महिला आईएएस कुछ दिनों से आरोपी का फोन नहीं उठा रही थी। इससे आरोपी नाराज हो गया था। यही वजह है कि उसने बदला लेने के लिए उसके पति के कार में चरस रखकर पुलिस को सूचना दी।

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अलीगढ़ से खरीदी चरस

आरोपी सीआईएसएफ का कमांडेंट रंजन प्रताप सिंह मूलरूप से आईटीआई कॉलोनी अलीगढ़ यूपी का रहने वाला है। दिल्ली में वह साकेत में रहता है। वह अलीगढ़ से ही दस हजार रुपये में चरस खरीद कर लाया था। उसने अलीगढ़ में सलमान नाम व्यक्ति से चरस खरीदी थी। लोधी कॉलोनी थाने की एक पुलिस टीम जल्द ही अलीगढ़ सलमान की तलाश में दबिश देने जाएगी।

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