CISF में अनुबंध के आधार पर होगी भर्ती, 1.2 लाख जवानों को मिलेगा मौका

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CISF में अनुबंध के आधार पर होगी भर्ती, 1.2 लाख जवानों को मिलेगा मौका

नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के लिए सरकार ने एक खास मसौदा तैयार किया है। जिससे सीआईएसएफ में अब पहली बार अनुबंध के आधार पर 1.2 लाख भर्तियां की जाएंगी। बल की मौजूदा संख्या 1.80 लाख से बढ़ाकर उसे तीन लाख की जाएगी। नई पुनर्गठन नीति के तहत सीआईएसएफ में अब 3:2 का फार्मूला लागू किया जाएगा। बल में तीन स्थाई सेवा वाले जवान और दो अनुबंध वाले जवान रहेंगे। अनुबंध के आधार पर पांच साल के लिए नियुक्ति होगी। इसमें सेना और अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवानों को दोबारा मौका दिया जाएगा।

Cisf Will Be Recruited On Contract Basis 1 2 Lakh Soldiers Will Get A Chance :

18 नवंबर को सीआईएसएफ मुख्यालय की ओर से बल के स्पेशल डीजी, एडीजी और सेक्टर आईजी को केंद्रीय गृह मंत्रालय के उक्त फैसलों की जानकारी दी गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि बल के अधिकारी निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों या कारख़ानों में जाकर यह संभावना तलाशें कि वहां सीआईएसएफ की तैनाती की जा सकती है या नहीं।

बता दें कि सीआईएसएफ मुख्यालय की ओर से इस साल 27 मई को बल की संख्या बढ़ाने का एक प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया था। इसमें बल की मौजूदा संख्या को 1.8 लाख से बढ़ाकर 2.15 लाख करने की बात कही गई। इसी में चार रिजर्व बटालियन स्थापित करने का प्रस्ताव भी था। सीआईएसएफ की मांग पर विचार करने के लिए गृह मंत्रालय में 23 सितंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इस बैठक में फैसला लिया गया कि सीआईएसएफ की बल संख्या को 1.8 लाख से बढ़ाकर तीन लाख की जाएगी।

गृह मंत्रालय ने नई भर्तियों को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। जिसमें मुख्यत: दो बातें कही गई हैं। पहला यह कि नई भर्तियां अनुबंध के आधार पर होंगी। इसके लिए सेना या अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड कर्मियों से आवेदन लिए जा सकते हैं। दूसरा यह कि, बल में जवानों की संख्या का फार्मूला 3:2 आधार पर रहेगा। बल में तीन जवान स्थायी सेवा वाले रहेंगे और दो जवान अनुबंध वाले होंगे।

इसको लेकर 15 नवंबर को गृह मंत्रालय के सचिव के साथ सीआईएसएफ डीजी की बैठक हुई। 18 नवंबर को सीआईएसएफ के डीजी ने अपने अफसरों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बताया कि वे इस प्रस्ताव पर 22 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट पेश करें। चूंकि इस विषय को अति आवश्यक बताया गया है, इसलिए बल के अधिकारियों ने भी इस पर काम करना शुरु कर दिया है।वे अपने अपने क्षेत्रों में स्थित कंपनियों और बड़े कारखानों में जाकर यह पता लगा रहे हैं कि वहां सीआईएसएफ सुरक्षा की जरुरत है या नहीं।

नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के लिए सरकार ने एक खास मसौदा तैयार किया है। जिससे सीआईएसएफ में अब पहली बार अनुबंध के आधार पर 1.2 लाख भर्तियां की जाएंगी। बल की मौजूदा संख्या 1.80 लाख से बढ़ाकर उसे तीन लाख की जाएगी। नई पुनर्गठन नीति के तहत सीआईएसएफ में अब 3:2 का फार्मूला लागू किया जाएगा। बल में तीन स्थाई सेवा वाले जवान और दो अनुबंध वाले जवान रहेंगे। अनुबंध के आधार पर पांच साल के लिए नियुक्ति होगी। इसमें सेना और अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवानों को दोबारा मौका दिया जाएगा। 18 नवंबर को सीआईएसएफ मुख्यालय की ओर से बल के स्पेशल डीजी, एडीजी और सेक्टर आईजी को केंद्रीय गृह मंत्रालय के उक्त फैसलों की जानकारी दी गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि बल के अधिकारी निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों या कारख़ानों में जाकर यह संभावना तलाशें कि वहां सीआईएसएफ की तैनाती की जा सकती है या नहीं। बता दें कि सीआईएसएफ मुख्यालय की ओर से इस साल 27 मई को बल की संख्या बढ़ाने का एक प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया था। इसमें बल की मौजूदा संख्या को 1.8 लाख से बढ़ाकर 2.15 लाख करने की बात कही गई। इसी में चार रिजर्व बटालियन स्थापित करने का प्रस्ताव भी था। सीआईएसएफ की मांग पर विचार करने के लिए गृह मंत्रालय में 23 सितंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इस बैठक में फैसला लिया गया कि सीआईएसएफ की बल संख्या को 1.8 लाख से बढ़ाकर तीन लाख की जाएगी। गृह मंत्रालय ने नई भर्तियों को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। जिसमें मुख्यत: दो बातें कही गई हैं। पहला यह कि नई भर्तियां अनुबंध के आधार पर होंगी। इसके लिए सेना या अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड कर्मियों से आवेदन लिए जा सकते हैं। दूसरा यह कि, बल में जवानों की संख्या का फार्मूला 3:2 आधार पर रहेगा। बल में तीन जवान स्थायी सेवा वाले रहेंगे और दो जवान अनुबंध वाले होंगे। इसको लेकर 15 नवंबर को गृह मंत्रालय के सचिव के साथ सीआईएसएफ डीजी की बैठक हुई। 18 नवंबर को सीआईएसएफ के डीजी ने अपने अफसरों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बताया कि वे इस प्रस्ताव पर 22 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट पेश करें। चूंकि इस विषय को अति आवश्यक बताया गया है, इसलिए बल के अधिकारियों ने भी इस पर काम करना शुरु कर दिया है।वे अपने अपने क्षेत्रों में स्थित कंपनियों और बड़े कारखानों में जाकर यह पता लगा रहे हैं कि वहां सीआईएसएफ सुरक्षा की जरुरत है या नहीं।