भारत और नेपाल दोनो देश के नागरिकों को नही मिला प्रवेश,क्‍वारंटीन किए गए

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सोनौली। लॉकडाउन में देश के कोने-कोने से आए नेपाली नागरिकों को सोनौली के नो मैंस लैंड पर 36 घंटे जूझने के बाद भी नेपाली प्रशासन ने अपने देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी।

Citizens Of Both India And Nepal Did Not Get Admission Quarantined :

मंगलवार शाम अंतत: महराजगंज के डीएम बार्डर पर पहुंचे और नेपाली नागरिकों को नो मैंस लैंड से वापस भारत में लेकर आया गया। उन्‍हें नौतनवा इंटर कालेज में बनाए गए क्वारंटीन वार्ड में रखा गया है। डीएम ने कहा कि 14 दिन तक सभी नेपाली नागरिक क्वारंटीन में ही रहेंगे। इस दौरान उनके स्वास्थ्य की जांच कराई जाएगी। रहने और भोजन का भी इंतजाम किया जाएगा।

कोरोना से बचाव के लिए एक सप्‍ताह पहले भारत में शुरू हुए लॉकडाउन के साथ ही नेपाल बार्डर को भी पूरी तरह सील कर दिया गया था। इसके बाद सोनौली बार्डर से अपने देश में प्रवेश के लिए जो भी नेपाली नागरिक आए वे यहीं फंसकर रह गए। उन्‍हें नेपाल में घुसने की इजाजत नेपाल पुलिस ने नहीं दी।

370 नेपाली नागरिकों ने सोमवार की रात में बार्डर से जबरन घुसने की कोशिश की तो नेपाल पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया। अपनी सीमा में घुसने नहीं दिया। नेपाली नागरिक रात भर नो मैंस लैंड पर रहे। इस दौरान उम्‍मीद थी कि नेपाल अपने नागरिकों को वापस ले लेगा लेकिन जब मंगलवार शाम तक ऐसा नहीं हुआ तो महराजगंज के डीएम ने नेपाली नागरिकों के लिए नेपाल इंटर कालेज में क्‍वारंटीन रहने की व्‍यवस्था की।

नेपाल में भी फंसे हैं 105 भारतीय

कोरोना को लेकर सील किए गए भारत-नेपाल के अंतर्राष्ट्रीय बार्डर के चलते नेपाल में भी 105 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। वह बेलहिया तक आए। सभी की स्क्रीनिंग हुई। उसके बाद रुपन्देही जिला प्रशासन सभी को भैरहवा ले ले गया। वहां इनको लॉकडाउन तक रहने व खाने का इंतजाम किया गया है। रुपन्देही के डीएम ने बताया भी सभी भारतीय नागरिकों को लॉकडाउन तक भोजन व अन्य व्यवस्था नेपाल सरकार वहन करेगी। लॉकडाउन खत्म होने के बाद उनको भारत जाने दिया जाएगा।

सोनौली। लॉकडाउन में देश के कोने-कोने से आए नेपाली नागरिकों को सोनौली के नो मैंस लैंड पर 36 घंटे जूझने के बाद भी नेपाली प्रशासन ने अपने देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। मंगलवार शाम अंतत: महराजगंज के डीएम बार्डर पर पहुंचे और नेपाली नागरिकों को नो मैंस लैंड से वापस भारत में लेकर आया गया। उन्‍हें नौतनवा इंटर कालेज में बनाए गए क्वारंटीन वार्ड में रखा गया है। डीएम ने कहा कि 14 दिन तक सभी नेपाली नागरिक क्वारंटीन में ही रहेंगे। इस दौरान उनके स्वास्थ्य की जांच कराई जाएगी। रहने और भोजन का भी इंतजाम किया जाएगा। कोरोना से बचाव के लिए एक सप्‍ताह पहले भारत में शुरू हुए लॉकडाउन के साथ ही नेपाल बार्डर को भी पूरी तरह सील कर दिया गया था। इसके बाद सोनौली बार्डर से अपने देश में प्रवेश के लिए जो भी नेपाली नागरिक आए वे यहीं फंसकर रह गए। उन्‍हें नेपाल में घुसने की इजाजत नेपाल पुलिस ने नहीं दी। 370 नेपाली नागरिकों ने सोमवार की रात में बार्डर से जबरन घुसने की कोशिश की तो नेपाल पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया। अपनी सीमा में घुसने नहीं दिया। नेपाली नागरिक रात भर नो मैंस लैंड पर रहे। इस दौरान उम्‍मीद थी कि नेपाल अपने नागरिकों को वापस ले लेगा लेकिन जब मंगलवार शाम तक ऐसा नहीं हुआ तो महराजगंज के डीएम ने नेपाली नागरिकों के लिए नेपाल इंटर कालेज में क्‍वारंटीन रहने की व्‍यवस्था की। नेपाल में भी फंसे हैं 105 भारतीय कोरोना को लेकर सील किए गए भारत-नेपाल के अंतर्राष्ट्रीय बार्डर के चलते नेपाल में भी 105 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। वह बेलहिया तक आए। सभी की स्क्रीनिंग हुई। उसके बाद रुपन्देही जिला प्रशासन सभी को भैरहवा ले ले गया। वहां इनको लॉकडाउन तक रहने व खाने का इंतजाम किया गया है। रुपन्देही के डीएम ने बताया भी सभी भारतीय नागरिकों को लॉकडाउन तक भोजन व अन्य व्यवस्था नेपाल सरकार वहन करेगी। लॉकडाउन खत्म होने के बाद उनको भारत जाने दिया जाएगा।