नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा में पेश, 119 पहुंचा बहुमत का आंकड़ा

Amit shah
नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा में पेश, 119 पहुंचा बहुमत का आंकड़ा

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा में पेश कर दिया है। इस बीच लोकसभा में बिल का समर्थन करने वाली शिवसेना के यूटर्न और जदयू में खटपट के बाद विपक्ष का हौसला बढ़ा है। मगर इसके बावजूद संख्या बल सरकार के साथ है।

Citizenship Amendment Bill Introduced In Rajya Sabha 119 Majority Figure Reached :

इससे पहले भाजपा संसदीय दल की बैठक के बाद बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने इसकी जानकारी दी। राज्यसभा में कुल 245 सांसद होते हैं, लेकिन मौजूदा संख्या 240 है। ऐसे में बिल को पास कराने के लिए सरकार को 121 सांसदों का समर्थन चाहिए। भाजपा के पास कुल 83 सदस्य हैं। उसे 38 अन्य सांसदों का समर्थन चाहिए।

राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक को प्रस्तुत कर दिया गया है। चार सांसदों की छुट्टी की वजह से बहुमत का आंकड़ा घटकर 119 पहुंच गया है। राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक को पारित कराने में जुटी सरकार को बड़ी राहत मिली है। राज्यसभा के चार सांसदों की छुट्टी मंजूर हो गई है जिससे बहुमत का आंकड़ा भी कम हो गया है। अब इस विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को 119 सांसदों के समर्थन की जरूरत है।

इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि वोटबैंक की राजनीति नहीं होनी चाहिए, यह सही नहीं है। फिर से एक हिंदू-मुस्लिम विभाजन बनाने का प्रयास न करें। इसके अलावा श्रीलंका के तमिल हिंदुओं के लिए इस बिल में कुछ भी नहीं है। राज्यसभा में शिवसेना सांसद संजय राउत ने नागरिकता संशोधन विधेयक पर कहा कि हमें इस बिल पर अपनी शंकाओं को दूर करना होगा, अगर हमें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो हमारा रुख लोकसभा में हमने जो किया उससे अलग हो सकता है।

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा में पेश कर दिया है। इस बीच लोकसभा में बिल का समर्थन करने वाली शिवसेना के यूटर्न और जदयू में खटपट के बाद विपक्ष का हौसला बढ़ा है। मगर इसके बावजूद संख्या बल सरकार के साथ है। इससे पहले भाजपा संसदीय दल की बैठक के बाद बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने इसकी जानकारी दी। राज्यसभा में कुल 245 सांसद होते हैं, लेकिन मौजूदा संख्या 240 है। ऐसे में बिल को पास कराने के लिए सरकार को 121 सांसदों का समर्थन चाहिए। भाजपा के पास कुल 83 सदस्य हैं। उसे 38 अन्य सांसदों का समर्थन चाहिए। राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक को प्रस्तुत कर दिया गया है। चार सांसदों की छुट्टी की वजह से बहुमत का आंकड़ा घटकर 119 पहुंच गया है। राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक को पारित कराने में जुटी सरकार को बड़ी राहत मिली है। राज्यसभा के चार सांसदों की छुट्टी मंजूर हो गई है जिससे बहुमत का आंकड़ा भी कम हो गया है। अब इस विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को 119 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि वोटबैंक की राजनीति नहीं होनी चाहिए, यह सही नहीं है। फिर से एक हिंदू-मुस्लिम विभाजन बनाने का प्रयास न करें। इसके अलावा श्रीलंका के तमिल हिंदुओं के लिए इस बिल में कुछ भी नहीं है। राज्यसभा में शिवसेना सांसद संजय राउत ने नागरिकता संशोधन विधेयक पर कहा कि हमें इस बिल पर अपनी शंकाओं को दूर करना होगा, अगर हमें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो हमारा रुख लोकसभा में हमने जो किया उससे अलग हो सकता है।