नागरिकता कानून: मैंगलोर हिंसा में मारे गए युवकों के परिजनों को ममता देंगी 5 लाख का मुआवजा

CM Mamata Banerjee
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कोलकाता। मैंगलोर में नागरिकता कानून के विरोध में हुए हिंसक पद्रर्शनों के दौरान मारे गये युवकों के परिवार को ममता सरकार 5 लाख का मुआवजा देगी। गुरूवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बता का ऐलान किया है। आपको बता दें कि ममता बनर्जी इस कानून के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही हैं और मोदी सरकार पर निशाना साध रही हैं।

Citizenship Law Mamta Will Pay Compensation Of 5 Lakh To The Families Of Youths Killed In Mangalore Violence :

आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ मैंगलोर में हुए हिंसक प्रदर्शन में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गयी थी जिसके बाद उनकी मौत पर सियासत तेज हो गयी। वहीं गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देगी। इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि तीन-चार दिन पहले कुछ लोग मैंगलोर में हुई हिंसा में मारे गए थे। मोदी सरकार पर हमला करते हुए उन्होने कहा कि आजादी के संघर्ष के बाद से अभी तक ऐसा नहीं हुआ, सिर्फ बीजेपी के राज में पुलिस फायरिंग में लोग मारे जा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार कुछ देना चाहती हैं, तो रोटी-कपड़ा-मकान दे।

ममता बनर्जी ने कहा कि जब महात्मा गांधी ब्रिटिशों के खिलाफ लड़े तो शांतिपूर्ण तरीके से लड़े थे, आज बीजेपी सभी प्रदर्शनकारियों की आवाज़ को दबाना चाहती है। कल बीजेपी ने कहा कि हिंसा में शामिल किसी भी प्रदर्शनकारी की मदद नहीं की जाएगी। ये सिर्फ प्रदर्शन है, अगर हमारे अधिकार छीने जाएंगे तो हम लड़ेंगे। उन्होने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं।

ममता बनर्जी ने इस दौरान मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब असम से 19 लाख लोगों को निकाला गया तो सबसे पहले हमारी टीम ही वहां गई थी, यही नही लखनऊ में भी टीएमसी के लोग गए थे, लेकिन उन्हें नहीं घुसने नहीं दिया। उन्होने कहा कि सरकार ने पहले आधार कार्ड बनवाया, फिर कहा वो काम नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि हम हर स्टूडेंट की लड़ाई को लड़ेंगे। ममता बनर्जी ने चेतावनी दी है कि जबतक CAA वापस नहीं होगा वो अपना प्रदर्शन वापस नहीं लेंगी। उनका कहना है कि लोकतंत्र में अगर युवाओं को वोट डालने का अधिकार है, तो फिर उन्हें प्रदर्शन करने का अधिकार क्यों नहीं है।

कोलकाता। मैंगलोर में नागरिकता कानून के विरोध में हुए हिंसक पद्रर्शनों के दौरान मारे गये युवकों के परिवार को ममता सरकार 5 लाख का मुआवजा देगी। गुरूवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बता का ऐलान किया है। आपको बता दें कि ममता बनर्जी इस कानून के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही हैं और मोदी सरकार पर निशाना साध रही हैं। आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ मैंगलोर में हुए हिंसक प्रदर्शन में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गयी थी जिसके बाद उनकी मौत पर सियासत तेज हो गयी। वहीं गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देगी। इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि तीन-चार दिन पहले कुछ लोग मैंगलोर में हुई हिंसा में मारे गए थे। मोदी सरकार पर हमला करते हुए उन्होने कहा कि आजादी के संघर्ष के बाद से अभी तक ऐसा नहीं हुआ, सिर्फ बीजेपी के राज में पुलिस फायरिंग में लोग मारे जा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार कुछ देना चाहती हैं, तो रोटी-कपड़ा-मकान दे। ममता बनर्जी ने कहा कि जब महात्मा गांधी ब्रिटिशों के खिलाफ लड़े तो शांतिपूर्ण तरीके से लड़े थे, आज बीजेपी सभी प्रदर्शनकारियों की आवाज़ को दबाना चाहती है। कल बीजेपी ने कहा कि हिंसा में शामिल किसी भी प्रदर्शनकारी की मदद नहीं की जाएगी। ये सिर्फ प्रदर्शन है, अगर हमारे अधिकार छीने जाएंगे तो हम लड़ेंगे। उन्होने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। ममता बनर्जी ने इस दौरान मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब असम से 19 लाख लोगों को निकाला गया तो सबसे पहले हमारी टीम ही वहां गई थी, यही नही लखनऊ में भी टीएमसी के लोग गए थे, लेकिन उन्हें नहीं घुसने नहीं दिया। उन्होने कहा कि सरकार ने पहले आधार कार्ड बनवाया, फिर कहा वो काम नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि हम हर स्टूडेंट की लड़ाई को लड़ेंगे। ममता बनर्जी ने चेतावनी दी है कि जबतक CAA वापस नहीं होगा वो अपना प्रदर्शन वापस नहीं लेंगी। उनका कहना है कि लोकतंत्र में अगर युवाओं को वोट डालने का अधिकार है, तो फिर उन्हें प्रदर्शन करने का अधिकार क्यों नहीं है।