17 नवम्बर से पहले अयोध्या समेत 5 बड़े मामलों में फैसला सुनाएंगे CJI

CJI
17 नवम्बर से पहले अयोध्या समेत 5 बड़े मामलों में फैसला सुनाएंगे CJI

नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई आने वाले 17 नवम्बर को रिटायर हो रहे हैं, लेकिन रिटायर होने से पहले उन्हे अयोध्या समेत कई अहम मामलों में फैंसला सुनाना है। दिवाली की लम्बी छुटिटयों के बाद सु्प्रीम कोर्ट आज खुला है। जिन मामलों में सीजेआई को अपना फैसला सुनाना है उसमें राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद, राफेल विमान घोटाले में शीर्ष अदालत के निर्णय के लिए दाखिल पुनर्विचार याचिका, सबरीमाला मंदिर जैसे मामले शामिल हैं।

Cji To Give Verdict In 5 Big Cases Including Ayodhya Before 17 November :

इन मामलों में सबसे अहम अयोध्या केस को बताया जा रहा है, पूरे देश की निगाहें इसी फैसले के इंतजार में टिकी हैं। जिस दिन से इस मामले मे फैंसला सुरक्षित किया गया है तभी से अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गयी है। CJI की अध्यक्षता में 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने इस मामले में 40-दिवसीय सुनवाई पूरी करते हुए 16 अक्टूबर को ही फैसला सुरक्षित कर लिया था। आपको बता दें कि आयोध्या पर विवाद 70 साल से चल रहा है। सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला, तीनो के बीच 2.77 एकड़ विवादित भूमि पर जमीन के बंटवारे का फैसला आना है।

अयोध्या मंदिर के साथ साथ CJI की अध्यक्षता में एक और पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ सभी उम्र की महिलाओं को केरल के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति के मामले पर भी फैसला सुनाएगी। 6 फरवरी को इस मामले में भी फैसला सुरक्षित कर लिया गया है। राफेल मामले में डाली गयी याचिकाओं पर भी 10 मई को सीजेआई की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। CJI कार्यालय RTI अधिनियम के तहत आएगा या नही, इस पर भी पांच न्यायाधीशों की पीठ ने 4 अप्रैल को फैंसला सुरक्षित कर लिया था, इस पर भी फैसला सुनाया जायेगा। राहुल गांधी द्वारा चौकीदार चोर कहने पर भी जो केस दर्ज हुआ था, उस पर भी फैसला आना है।

नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई आने वाले 17 नवम्बर को रिटायर हो रहे हैं, लेकिन रिटायर होने से पहले उन्हे अयोध्या समेत कई अहम मामलों में फैंसला सुनाना है। दिवाली की लम्बी छुटिटयों के बाद सु्प्रीम कोर्ट आज खुला है। जिन मामलों में सीजेआई को अपना फैसला सुनाना है उसमें राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद, राफेल विमान घोटाले में शीर्ष अदालत के निर्णय के लिए दाखिल पुनर्विचार याचिका, सबरीमाला मंदिर जैसे मामले शामिल हैं। इन मामलों में सबसे अहम अयोध्या केस को बताया जा रहा है, पूरे देश की निगाहें इसी फैसले के इंतजार में टिकी हैं। जिस दिन से इस मामले मे फैंसला सुरक्षित किया गया है तभी से अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गयी है। CJI की अध्यक्षता में 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने इस मामले में 40-दिवसीय सुनवाई पूरी करते हुए 16 अक्टूबर को ही फैसला सुरक्षित कर लिया था। आपको बता दें कि आयोध्या पर विवाद 70 साल से चल रहा है। सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला, तीनो के बीच 2.77 एकड़ विवादित भूमि पर जमीन के बंटवारे का फैसला आना है। अयोध्या मंदिर के साथ साथ CJI की अध्यक्षता में एक और पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ सभी उम्र की महिलाओं को केरल के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति के मामले पर भी फैसला सुनाएगी। 6 फरवरी को इस मामले में भी फैसला सुरक्षित कर लिया गया है। राफेल मामले में डाली गयी याचिकाओं पर भी 10 मई को सीजेआई की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। CJI कार्यालय RTI अधिनियम के तहत आएगा या नही, इस पर भी पांच न्यायाधीशों की पीठ ने 4 अप्रैल को फैंसला सुरक्षित कर लिया था, इस पर भी फैसला सुनाया जायेगा। राहुल गांधी द्वारा चौकीदार चोर कहने पर भी जो केस दर्ज हुआ था, उस पर भी फैसला आना है।