दिल्ली के लड़को से परेशान 12वीं की छात्रा ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट से हुआ खुलासा

दिल्ली , छात्रा ने लगाई फांसी, सुसाइड
दिल्ली के लड़को से परेशान 12वीं की छात्रा ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट से हुआ खुलासा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए निर्भया कांड का पूरे देश ने जमकर विरोध किया था कैन्डल मार्च निकाले गए थे और काफी हंगामा किया गया था लेकिन उसके बाद भी दिल्ली में गैंगरेप और छेड़छाड़ जैसी घटनायें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके का एक मामला सामने आया है जहां छेड़खानी से परेशान होकर 12वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा ने खुदकुशी कर ली है। छात्रा से पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें आसपास के लड़कों को जिम्मेदार ठहराया है।

Class 12th Delhi Girl Student Commit Suicide :

यह पूरा मामला अलीपुर थाना क्षेत्र के बख्तावरपुर गांव का है। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि पड़ोस का एक लड़का लंबे समय से लड़की के साथ छेड़खानी कर रहा था। बेटी को पुलिस भर्ती में सहयोग करने के बहाने उसे ट्रेनिंग दिया करता था साथ ही कई बार उसके साथ गलत कार्य करने की कोशिश भी करता था। कई बार परिजनों ने इसका विरोध भी जताया। बताया जा रहा है कि आरोपी लड़का गांव के दबंग परिवार से है, वहीं लड़की गरीब दुकानदार की बेटी थी।

परिजनों से सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो छात्रा की लाश कमरे में फंदे से लटकती मिली। पुलिस ने छात्रा की लाश के पास से मिले सुसाइड नोट को लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि लड़की ने सुसाइड नोट में कई बार आस-पास के लड़कों द्वारा छेड़े जाने की बात काही है लेकिन किसी का नाम नहीं लिखा है। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने और पॉस्को ऐक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है।

‘मैंने कोई गलती नहीं की, लड़कों ने मेरी जिंदगी खराब कर दी’

मृत छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है, ‘इधर जाओ तो लड़के, उधर जाओ तो लड़के। ये सब मेरी जिंदगी खराब कर रहे, ताकि मैं कुछ न कर सकूं। पर मुझे अब नहीं जीना…मैंने कोई गलती नहीं की है। दिल्ली के लोग ही मुझे जीने नहीं दे रहे थे।’

घटना के वक्त अकेली थी घर में

शुक्रवार को घटना के वक्त छात्रा की मां दुकान पर चाय बना रही थी, उसके दो छोटे भाई भी चाय की दुकान पर मां का सहयोग कर रहे थे। उसके पिता भी किसी काम से बाहर गए हुए थे। वह घर पर अकेली थी और उसने अपने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। छात्रा की चीख सुन जब आस-पास के लोग भाग कर उसके घर पहुंचे। लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसी दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे, लेकिन तब तक लड़की की मौत हो चुकी थी।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए निर्भया कांड का पूरे देश ने जमकर विरोध किया था कैन्डल मार्च निकाले गए थे और काफी हंगामा किया गया था लेकिन उसके बाद भी दिल्ली में गैंगरेप और छेड़छाड़ जैसी घटनायें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके का एक मामला सामने आया है जहां छेड़खानी से परेशान होकर 12वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा ने खुदकुशी कर ली है। छात्रा से पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें आसपास के लड़कों को जिम्मेदार ठहराया है।यह पूरा मामला अलीपुर थाना क्षेत्र के बख्तावरपुर गांव का है। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि पड़ोस का एक लड़का लंबे समय से लड़की के साथ छेड़खानी कर रहा था। बेटी को पुलिस भर्ती में सहयोग करने के बहाने उसे ट्रेनिंग दिया करता था साथ ही कई बार उसके साथ गलत कार्य करने की कोशिश भी करता था। कई बार परिजनों ने इसका विरोध भी जताया। बताया जा रहा है कि आरोपी लड़का गांव के दबंग परिवार से है, वहीं लड़की गरीब दुकानदार की बेटी थी।परिजनों से सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो छात्रा की लाश कमरे में फंदे से लटकती मिली। पुलिस ने छात्रा की लाश के पास से मिले सुसाइड नोट को लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि लड़की ने सुसाइड नोट में कई बार आस-पास के लड़कों द्वारा छेड़े जाने की बात काही है लेकिन किसी का नाम नहीं लिखा है। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने और पॉस्को ऐक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है।‘मैंने कोई गलती नहीं की, लड़कों ने मेरी जिंदगी खराब कर दी’ मृत छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है, 'इधर जाओ तो लड़के, उधर जाओ तो लड़के। ये सब मेरी जिंदगी खराब कर रहे, ताकि मैं कुछ न कर सकूं। पर मुझे अब नहीं जीना...मैंने कोई गलती नहीं की है। दिल्ली के लोग ही मुझे जीने नहीं दे रहे थे।' घटना के वक्त अकेली थी घर मेंशुक्रवार को घटना के वक्त छात्रा की मां दुकान पर चाय बना रही थी, उसके दो छोटे भाई भी चाय की दुकान पर मां का सहयोग कर रहे थे। उसके पिता भी किसी काम से बाहर गए हुए थे। वह घर पर अकेली थी और उसने अपने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। छात्रा की चीख सुन जब आस-पास के लोग भाग कर उसके घर पहुंचे। लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसी दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे, लेकिन तब तक लड़की की मौत हो चुकी थी।