राफेल पर क्लीनचिट: रविशंकर बोले-सत्यमेव जयते, देश से माफी मांगे कांग्रेस

Ravishankar prasad
राफेल पर क्लीनचिट: रविशंकर बोले-सत्यमेव जयते, देश से माफी मांगे कांग्रेस

नई दिल्ली। राफेल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को माफी मांगनी चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जिनके हाथ पूरी तरह से भ्रष्टाचार में रंगे हैं। जिन्होंने देश की सुरक्षा से जिन्होंने खिलवाड़ किया है, वो अपने प्रायोजित राजनीतिक कार्यक्रम को कोर्ट में न्याय की गुहार से रूप में प्रस्तुत कर रहे थे।

Clean Chit On Rafale Ravi Shankar Said Satyamev Jayate Congress Apologized To The Country :

केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले पर पूरी प्रक्रिया को जांचा जिसे सही बताया, दाम की प्रक्रिया को भी जांचा और सही बताया। सुप्रीम कोर्ट ने ऑफसेट की प्रक्रिया को भी सही ठहराया है।
उन्होंने कहा कि जब ये सुप्रीम कोर्ट से हार गए तो इन्होंने इसे लोकसभा चुनाव में अपना मुख्य मुद्दा बनाया।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय वायुसेना के लिये फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे के मामले में दिसंबर, 2018 के अपने निर्णय पर पुनर्विचार के लिये दायर याचिकायें गुरुवार को खारिज करते हुये कहा कि इनमे कोई दम नहीं है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ ने इन याचिकाओं को खारिज करते हुये लड़ाकू विमानों के लिये फ्रांस की फर्म दसालट एविऐशन के साथ हुये समझौते में केंद्र सरकार को क्लीन चिट देने का निर्णय दोहराया।

नई दिल्ली। राफेल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को माफी मांगनी चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जिनके हाथ पूरी तरह से भ्रष्टाचार में रंगे हैं। जिन्होंने देश की सुरक्षा से जिन्होंने खिलवाड़ किया है, वो अपने प्रायोजित राजनीतिक कार्यक्रम को कोर्ट में न्याय की गुहार से रूप में प्रस्तुत कर रहे थे। केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले पर पूरी प्रक्रिया को जांचा जिसे सही बताया, दाम की प्रक्रिया को भी जांचा और सही बताया। सुप्रीम कोर्ट ने ऑफसेट की प्रक्रिया को भी सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि जब ये सुप्रीम कोर्ट से हार गए तो इन्होंने इसे लोकसभा चुनाव में अपना मुख्य मुद्दा बनाया। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय वायुसेना के लिये फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे के मामले में दिसंबर, 2018 के अपने निर्णय पर पुनर्विचार के लिये दायर याचिकायें गुरुवार को खारिज करते हुये कहा कि इनमे कोई दम नहीं है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ ने इन याचिकाओं को खारिज करते हुये लड़ाकू विमानों के लिये फ्रांस की फर्म दसालट एविऐशन के साथ हुये समझौते में केंद्र सरकार को क्लीन चिट देने का निर्णय दोहराया।