कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल? BJP का दावा, कांग्रेस के 20 विधायक हैं संपर्क में

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कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल? BJP का दावा, कांग्रेस के 20 विधायक हैं संपर्क में

भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार तीन बार बीजेपी के सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस ने पिछले विधानसभा में बीजेपी को मात दी और कमलनाथ के नेत्रत्व में सरकार बनाई। लेकिन जबसे सरकार बनी तभी से कांग्रेसी नेताओं में आपसी जुबानी जंग बाहर आने लगी। हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया और सीएम कमलनाथ ने इशारों इशारों में एक दूसरे पर हमले किये थे वहीं अब बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा के एक दावे के से कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल ​गहरा गये हैं। बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस के 15-20 विधायक उनके संपर्क में हैं।

Cloud Of Crisis On Kamal Nath Government Bjp Claims 20 Congress Mlas Are In Touch :

राज्यसभा चुनाव में खुलेगा पोल
बता दें कि मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए इसी महीने होने चुनाव होने हैं, तीनो सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस जोर लगा रही है। कांग्रेस ने पहले ही अपने विधायकों को चेतावनी दे दी है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई तो इसे पार्टी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। लेकिन चुनाव से पहले ही बीजेपी नेता का ऐसा दावा करना कि कांग्रेस के कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं, कांग्रेस की नींद उड़ाने वाला है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के विधायक काम नहीं करवा पा रहे हैं, इसलिए उनमें असंतोष व्याप्त है।

बता दें कि मध्य प्रदेश की राजनीति में मंगलवार देर रात उस वक्त हंगामा मच गया, जब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने कांग्रेस और कुछ निर्दलीय विधायकों को दिल्ली ले जाने के लिए विमान बुक कराए। सोशल मीडिया पर भी 10 विधायकों के पाला बदलने की खबर तेजी से वायरल होने लगी। हालांकि, बाद में दिग्विजय सिंह ने यह भी दावा किया कि उनके छह विधायक लौट आए हैं और मध्य प्रदेश सरकार को कोई खतरा नहीं है।

मंगलवार को मामला जैसे तैसे शांत हुआ तो दिल्ली में बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा के बयान ने भूचाल मचा दिया। उन्होने कहा ‘विधायक मेरे संपर्क में रहते हैं। कांग्रेस के विधायक अपने काम नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं इसलिए उनमें असंतोष बढ़ रहा है। 15-20 विधायक हमारे संपर्क में हैं।’ आपको बता दें कि जिन 10 विधायकों की चर्चा हो रही है, अगर वो बीजेपी में शामिल हो जाते हैं तो विधानसभा में बीजेपी का आंकड़ा 117 यानी बहुमत से एक सीट अधिक हो जाएगा। ऐसे में मध्य प्रदेश की मौजूदा सरकार गिर सकती है।

हालांकि सीएम कमलनाथ ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा है, ‘माफियाओं की मदद से बीजेपी मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की नाकाम कोशिश कर रही है। हमारे पास विधानसभा में पूर्ण बहुमत है, जिसे हमने बजट पास कराने के अलावा स्पीकर और डेप्युटी स्पीकर के चुनाव के समय साबित भी किया है।’ बता दें कि कमलनाथ सरकार 3 बार अपना बहुमत साबित कर चुकी है।

बता दें कि मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं। 2 विधायकों का निधन होने से वर्तमान में 228 सदस्य हैं। कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं। इसके अलावा 4 निर्दलीय विधायक, 2 बीएसपी (एक पार्टी से निलंबित) और 1 एसपी विधायक का भी समर्थन मिला हुआ है। इस तरह कांग्रेस को फिलहाल 121 विधायकों का साथ है। वहीं बीजेपी के पास 107 विधायक हैं। बहुमत का आंकड़ा 116 है। ऐसे में अगर भाजपा कुछ विधायकों को तोड़ने में कामयाब होती है तो सरकार गिरना तय है।

भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार तीन बार बीजेपी के सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस ने पिछले विधानसभा में बीजेपी को मात दी और कमलनाथ के नेत्रत्व में सरकार बनाई। लेकिन जबसे सरकार बनी तभी से कांग्रेसी नेताओं में आपसी जुबानी जंग बाहर आने लगी। हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया और सीएम कमलनाथ ने इशारों इशारों में एक दूसरे पर हमले किये थे वहीं अब बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा के एक दावे के से कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल ​गहरा गये हैं। बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस के 15-20 विधायक उनके संपर्क में हैं। राज्यसभा चुनाव में खुलेगा पोल बता दें कि मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए इसी महीने होने चुनाव होने हैं, तीनो सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस जोर लगा रही है। कांग्रेस ने पहले ही अपने विधायकों को चेतावनी दे दी है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई तो इसे पार्टी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। लेकिन चुनाव से पहले ही बीजेपी नेता का ऐसा दावा करना कि कांग्रेस के कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं, कांग्रेस की नींद उड़ाने वाला है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के विधायक काम नहीं करवा पा रहे हैं, इसलिए उनमें असंतोष व्याप्त है। बता दें कि मध्य प्रदेश की राजनीति में मंगलवार देर रात उस वक्त हंगामा मच गया, जब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने कांग्रेस और कुछ निर्दलीय विधायकों को दिल्ली ले जाने के लिए विमान बुक कराए। सोशल मीडिया पर भी 10 विधायकों के पाला बदलने की खबर तेजी से वायरल होने लगी। हालांकि, बाद में दिग्विजय सिंह ने यह भी दावा किया कि उनके छह विधायक लौट आए हैं और मध्य प्रदेश सरकार को कोई खतरा नहीं है। मंगलवार को मामला जैसे तैसे शांत हुआ तो दिल्ली में बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा के बयान ने भूचाल मचा दिया। उन्होने कहा 'विधायक मेरे संपर्क में रहते हैं। कांग्रेस के विधायक अपने काम नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं इसलिए उनमें असंतोष बढ़ रहा है। 15-20 विधायक हमारे संपर्क में हैं।' आपको बता दें कि जिन 10 विधायकों की चर्चा हो रही है, अगर वो बीजेपी में शामिल हो जाते हैं तो विधानसभा में बीजेपी का आंकड़ा 117 यानी बहुमत से एक सीट अधिक हो जाएगा। ऐसे में मध्य प्रदेश की मौजूदा सरकार गिर सकती है। हालांकि सीएम कमलनाथ ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा है, 'माफियाओं की मदद से बीजेपी मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की नाकाम कोशिश कर रही है। हमारे पास विधानसभा में पूर्ण बहुमत है, जिसे हमने बजट पास कराने के अलावा स्पीकर और डेप्युटी स्पीकर के चुनाव के समय साबित भी किया है।' बता दें कि कमलनाथ सरकार 3 बार अपना बहुमत साबित कर चुकी है। बता दें कि मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं। 2 विधायकों का निधन होने से वर्तमान में 228 सदस्य हैं। कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं। इसके अलावा 4 निर्दलीय विधायक, 2 बीएसपी (एक पार्टी से निलंबित) और 1 एसपी विधायक का भी समर्थन मिला हुआ है। इस तरह कांग्रेस को फिलहाल 121 विधायकों का साथ है। वहीं बीजेपी के पास 107 विधायक हैं। बहुमत का आंकड़ा 116 है। ऐसे में अगर भाजपा कुछ विधायकों को तोड़ने में कामयाब होती है तो सरकार गिरना तय है।