सीएम केजरीवाल का माफीनामा, कहा मजीठिया पर लगाए थे निराधार आरोप

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सीएम केजरीवाल का माफीनामा, कहा मजीठिया पर लगाए थे निराधार आरोप
अमृतसर। हाथों में कागजों का बंडल पकड़कर बड़े नेताओं पर निराधार और सनसनी खेज आरोप लगाकर अपना सियासी सफर शुरू करने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविन्द केजरीवाल को अब अपनी पुरानी पॉलिटिकल लाइन का खमियाजा उठाना पड़ रहा है। जिस अंदाज में वह वे जाने माने नेताओं को एक मिनट में भ्रष्टाचारी होने का तमगा थमा देते ​थे उसी अंदाज में वह अब उन बयानों पर मांफी मांग कर मानहानि के मामलों से छुटकारा पाना चाहते हैं।…

अमृतसर। हाथों में कागजों का बंडल पकड़कर बड़े नेताओं पर निराधार और सनसनी खेज आरोप लगाकर अपना सियासी सफर शुरू करने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविन्द केजरीवाल को अब अपनी पुरानी पॉलिटिकल लाइन का खमियाजा उठाना पड़ रहा है। जिस अंदाज में वह वे जाने माने नेताओं को एक मिनट में भ्रष्टाचारी होने का तमगा थमा देते ​थे उसी अंदाज में वह अब उन बयानों पर मांफी मांग कर मानहानि के मामलों से छुटकारा पाना चाहते हैं।

पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान अकाली दल के नेता और कैबिनेट मंत्री रहे विक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ ड्रग्स कारोबार चलाने के आरोप लगाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल बैकफुट पर आ गए हैं। अमृतसर की अदालत में विक्रम सिंह मजीठिया की ओर से दाखिल मानहानि के मामले में सीएम केजरीवाल ने माफीनामा पेश कर अपने बयानों के लिए मांफी मांगते हुए कोरे आरोपों को स्वयं ही निराधार बताया है। केजरीवाल का माफीनामा मजीठिया ने स्वीकार किया है या नहीं इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है।

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सीएम केजरीवाल की ओर से अमृतसर अदालत के समक्ष पेश किए गए माफीनामे को विक्रम सिंह मजीठिया ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया के सामने प्रस्तुत किया। अंग्रेजी में लिखे माफीनामे में अरविन्द केजरीवाल ने अपने उन बयानों को वापस लिया है जो उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान अपनी जनसभाओं और रैलियों के मंच से मजीठिया पर लगाए थे। केजरीवाल ने सत्तारूढ़ अकाली दल सरकार को घेरने के लिए मजीठिया पर ड्रग्स तस्करी में संलिप्त होने और ड्रग्स कारोबार के सिंडीकेट को संचालित करने के आरोप लगाए थे।

केजरीवाल ने माफीनामे में कहा है कि वह अपने उन तमाम बयानों को वापस लेते हैं, जिनसे मजीठिया की सामाजिक प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची है और उनके परिजनों, रिश्तेदारों और परिचित व्यक्तियों को परेशानी हुई है।

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अपनी आदत से मजबूर अरविन्द केजरीवाल इससे पूर्व नितिन गडकरी के खिलाफ भी शैल कंपनियों के माध्यम से करोड़ों की रकम को काले से सफेद करने के आरोप लगा चुके हैं। इन आरोपों के खिलाफ नितिन गड़करी ने केजरीवाल को अदालत में घसीटा था, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी।

अगर म​जीठिया के मानहानि के मामले को छोड़ दें तो केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी मुकदमे कर रखे हैं। इन मुकदमों के लिए केजरीवाल लगातार सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में अरुण जेटली की ओर से दाखिल किए गए मामले में अरविन्द केजरीवाल ने जाने माने वकील राम​ जेठमलानी को अपने पक्ष से खड़ा किया था। जब राम जेठमलानी की फीस के चर्चे मीडिया में आए तो अरविन्द केजरीवाल की मुसीबतें बढ़ गईं थी, क्योंकि अपने निजी मामले में उन पर दिल्ली सरकार के खजाने से जेठमलानी की फीस चुकाने के आरोप लगे थे।

आपको बता दें कि विक्रम सिंह मजीठिया शिरोमणि अकाली दल के नेता होने के साथ—साथ पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखवीर सिंह बादल के साले हैं। सुखवीर सिंह बादल की पत्नी और विक्रम सिंह मजीठिया की बहन हरसिम्रत कौर बादल केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री हैं।

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