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सीएम ने गोरखपुर वाशियों को दी सौगात ₹575 करोङ के परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास

By ravijaiswal 
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गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर क्लब में शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे. उन्‍होंने यहां पर 575 करोड़ की पर‍ियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्‍यास किया. उन्‍होंने इस अवसर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व की सरकार हर एक विवाद को लटकाना चाहती थी. जो लोग कहते थे कि राम तो काल्‍पनिक थे. वे कहने लगे हैं कि राम तो सत्‍य हैं. ये है परिवर्तन. राम के अस्तित्‍व को नकारने और राम भक्‍तों पर गोलियां चलाने वाले भी आज उनके अस्तित्‍व को नकारने वाले लोगों को भी रामभक्‍तों की ताकत का अहसास हो गया है. कारसेवा के समय यही तो हम कहते थे. कारसेवकों और रामजन्‍म भूमि का विरोध मत करो. अंततः हम विजयी भी हुए.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि 5 अगस्‍त 2020 को अयोध्‍या में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के हाथों रामजन्‍म भूमि का शिलान्‍यास होना. इस बात को साबित करता है कि रामजन्‍म भूमि के लिए चला आंदोलन एक सकारात्‍मक आंदोलन था. कारसेवकों का आंदोलन और राम जन्‍मभूमि के लिए चला आंदोलन कहीं भी नकारात्‍मक नहीं था. इस आंदोलन का विरोध करने वाले लोग नकारात्‍मक सोचते थे और इसलिए उस आंदोलन को बदनाम करते थे. जब हर एक क्षेत्र में वे फेल हो चुके हैं, तो फिर वही राग अलापने का काम कर रहे हैं. पहले राम को मानते नहीं थे. अब कहने लग गए हैं कि राम तो सत्‍य है. भगवान करे सद्बुद्धि उन्‍हें हमेशा बनी रहे. भारत प्रदेश के लोग भी इसी सोच के साथ आगे बढ़ सकें.

सीएम ने कहा कि योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हो रहा है. इसका लाभ सभी को मिलेगा. विकास हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए. सभी ने विकास की प्रतिबद्धता को यहां दोहराया है. विकास रोजगार और अनेक संभावनाओं और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को खड़ा करेगा. पौने छह सौ करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हो रहा है. 5 फरवरी 1922 को चौरीचौरा की घटना घटी थी. चौरीचौरा शहीद स्थल के जीर्णोद्धार का लोकार्पण किये हैं. उस काल खंड में 100 वर्ष पूरे होने पर वहां भव्य कार्यक्रम हो और लोग जान सकें कि कौन से लोग थे जो वहां शहीद हुए. हमें आजादी की त्याग और बलिदान से मिली. फिर कोई ऐसी स्थिति न आये की हम फिर से गुलाम हों.

आत्म निर्भर भारत योजना उसी भाव को लेकर आगे बढ़ रहा है. 75 में 40 जनपद बाढ़ग्रस्त थे. हमने व्यवस्था को बदला और जनवरी से ही बाढ़ की समस्या को दूर करने के लिए कार्य किया जा रहा है. गोरखपुर, लखनऊ और नेपाल की कनेक्टिविटी के लिए सड़क चौड़ीकरण का काम भी हो रहा है. आवागमन जितना फास्ट होगा विकास भी उतना फास्ट होगा. गोरखपुर को जाम की समस्या से निजात मिलेगी. जल्द ही गोरखपुर में मेट्रो का काम भी शुरू हो जाएगा. विकास के अनेक कार्यक्रम चल रहे हैं. रामगढ़ताल का उपयोग हम पर्यटन के दृष्टि से करते हैं. यहां पर कई फिल्मों की शूटिंग हो रही है.

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ये सिर्फ कला का माध्यम नहीं रोजगार भी उपलब्ध करता है. कैमरामैन से लेकर स्क्रिप्ट लिखने वाले तक कई लोग रोजगार से जुड़ते हैं. पिछली बार आए थे तो कई मंदिरों के पुनरुद्धार और जीर्णोद्धार के लिए काम किया है. सरकारें पहले भी थी. खिसक रही थी, समय पास कर रहीं थी. तब किसान, नौजवान, हर तबका कोई संतुष्ट नहीं था. अब तक हम कोरोना से 5 लाख 73 हजार लोगों को स्वस्थ कर घर भेज चुके हैं. कोविड अस्पताल में सांसद, विधायक और आम आदमी सभी को एक जैसी सुविधा मिली है.

मोदी जी के नेतृत्त्व में कोरोना को हमने हराया है. मोदीजी को रेटिंग में सर्वोच्च स्थान दिया. भारत पहला देश है जिसने कोविड-19 की दो वैक्सीन लांच कर दी है. आज भारत आत्म निर्भर भारत बनने की ओर अग्रसर है. दुनिया मे एक वैक्सीन आई है और हमने 2 वैक्सीन लांच कर दी है. मोदी जी और सभी वैज्ञानिक को बधाई देता हूँ. गोरखपुर, उत्तर प्रदेश और ये देश हमारा है. इसी भाव के साथ हमें आगे बढ़ना होगा. 4 लाख नौजवानों को हमने नौकरी दी है. पिछली सरकारें लटकाने और भटकाने में लगी है.

उत्तर प्रदेश सर्वाधिक आबादी वाला प्रदेश है. 40 लाख कामगार, स्टूडेंट को उनके घर पहुँचाया. विदेशों में फंसे बच्चों को उनके घर तक पहुंचाने में सफलता हासिल की. पर्व और त्योहार आस्था के प्रतीक हैं. लेकिन किसी की जान के साथ समझौता नहीं कर सकते हैं. बाजार खुल गए हैं. फिर भी सतर्कता आवश्यक है. एम्स, फर्टिलाइजर आ रहा है. पिपराइच चीनी मिल शुरू हो चुकी है. फाइन शुगर बनाने का काम हो रहा है. हर तबके के लिए कुछ न कुछ करने का प्रयास हो रहा है. पूरे प्रदेश का विकास कर रहे हैं.

ऐसा नहीं है कि सिर्फ गोरखपुर का एकतरफा विकास कर रहे हैं. लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, आगरा, बनारस सहित प्रदेश के सभी जिलों में विकास कार्य हो रहे हैं. मुम्बई में गया था. हर तबके के लोग यूपी आना चाहते हैं. वे बताते हैं कि यूपी में बदलाव हो रहा है. एक प्रोड्यूसर मुम्बई में मिला और बोला कि वो मुजफ्फरनगर में गांव से जा रहा था. 12 बजे रात में मां-बेटी कैराना में सड़क से जा रही थीं. मैंने पलायन के कुख्यात क्षेत्र कैराना में कार रोककर पूछे कि इतनी रात में वे कहां जा रही हैं, तो उन्होंने कहा कि अब ये पुराना यूपी नहीं है. अब दिन और रात कोई दिक्कत और डर नहीं है. आप भूलिए नहीं कि एक समय था जब बिजिली नहीं मिलती थी. 4 से 5 घंटे लाइट रहती थी. अब कोई समस्या नहीं है. सड़क की कनेक्टिविटी के साथ व्यवसाइयों का व्यवस्थित पुनर्वास करेंगे. पटरी व्यवसाइयों को लोन भी दिलाएंगे. पटरी व्यवसाइयों का पुनर्वास भी करेंगे. अतिक्रमण भी हटाएंगे. पुनर्वास भी करेंगे.

रामगढ़ताल जाइए. गंदगी मत कीजिए. वहां आनंद लीजिये. वाटर बोट और वाटर स्पोर्ट का आनन्द लीजिए. ताल पर अब कोई कब्जा नहीं कर पायेगा. पहले सरकार आती थी. तो जमीन के कब्जा का अभियान चलता था. सपा और बसपा के शासनकाल में होता था. आज कोई गुंडा इस तरह का काम नहीं करेगा. नहीं तो दूसरे लोक का रास्ता उसके लिए खुल जाएगा. काकोरी कांड के नायक शहीद राम प्रसाद बिस्मिल गोरखपुर की जेल में थे. यहीं पर उनको फांसी हुई थी. आजादी के बाद से वो बंद था. उसे अब जनता के लिए खोल दिया गया है. वहां की योजनाओं का भी लोकार्पण हुआ है. प्रशासनिक और पुलिस सेवा के लिए तैयारी करने वाले प्रतियोगी छात्रों के लिए हर जिले में एक सॉफ्टवेयर लांच करने जा रहे हैं. जिससे उसे तैयारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़े.

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