सीएम को खून से चिट्ठी लिखने वाली बच्चियों का पैसा लेकर फरार हो गया मामा

Cm Ko Khoon Se Chitthi Likhne Wali Bacchiyo Ka Paisa Lekar Farar Ho Gaya Mama

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खून से चिट्ठी लिखने वाली बुलंदशहर की बेटियों की कहानी में मामा की साजिश का सच सामने आया है। मामा तरुण जिंदल ने अपना उल्लू सीधा करने के लिए बच्चियों से अखिलेश को खून से खत लिखवाया था ताकि मुख्यमंत्री की तरफ से आर्थिक मदद मिल सके। मुलाक़ात के बाद सीएम अखिलेश यादव ने बच्चियों को 10 लाख रुपये की मदद देने का ऐलान किया था। साथ ही सरकारी आवास देने की भी घोषणा भी की थी। यही नहीं बच्चियों के मामा को उनके भरण पोषण के लिए सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया था। लेकिन मामा तो बड़ा शातिर निकला बच्चियों के पैसे मिलते ही वह फरार हो गया।



गौरतलब है कि बुलंदशहर सिटी में 14 जून 2016 को अन्नू बंसल अपने घर में लगी आग से जल गईं और 20 जून को अन्नू की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में अन्नू की मां ओमवती ने अपने दामाद मनोज, 78 साल की समधिन स्नेहलता और उनके 6 और रिश्तेदारों पर अपनी बेटी को जलाकर मार डालने का केस दर्ज कराया। पुलिस ने शुरूआती तफ्तीश में मामला संदिग्ध पाया और मृतका के पति के अलावा किसी की गिरफ्तारी नहीं की। उसके बाद बच्चियों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खून से एक पत्र लिखकर इन्साफ की मांग की व मदद की गुहार लगाई। आरोप है कि मामा ने साजिश रचकर बच्चियों से कहलवाया था कि वे अपने बयान में कहे कि उनके पिता और दादी ने उनकी मां को जिंदा जला दिया। बच्चियों का कहना कि बेटा ना होने से पूरा परिवार नाराज था और यही उनकी मां की मौत का कारण बना। सीएम अखिलेश को बच्चियों के खून से लिखी ये चिट्ठी मिली तो मानो यूपी में भूचाल आ गया।

लतिका ने बताया कि बीती 14 जून की रात मेरी दादी दूसरे रिश्तेदारों के साथ हमारे घर आईं। उन्होंने कहा कि वह मेरे पिता की शादी उससे करने जा रही हैं जो बेटे को जन्म दे सके। इसी बात पर विवाद हो गया। उन लोगों ने मेरी मां को जिंदा जला दिया। मेरी छोटी बहन रोती जा रही थी, लेकिन मैंने हिम्मत जुटाकर 100 नंबर पर कॉल किया। उसके कॉल पर कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने एंबुलेंस को भी कॉल किया। लेकिन, एंबुलेंस भी मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद लतिका ने अपने मामा को कॉल किया, तब जाकर उसकी मां को अस्पताल ले जाया गया।

लतिका के मुताबिक, वह अपने मामा के साथ सभी रैंक के पुलिस अधिकारियों के पास न्याय मांगने जा चुकी है। लेकिन, किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। लतिका के मामा तरुण जिंदल के अनुसार ‘जब उसने(लतिका) कॉल किया तो मैं वहां पहुंचा। मैं देखकर हैरान रह गया। उन्होंने मेरी बहन को जला दिया था। उन्होंने कहा कि ‘हम उसे हॉस्पिटल लेकर गए लेकिन वह 95 फीसदी तक जल चुकी थी। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।

आखिर में लतिका ने सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपने खून से लिखकर पत्र भेज दिया। इसके बाद प्रशासनिक हलके में खलबली मच गई। मुख्यमंत्री ने भी इस खत को गंभीरता से लिया है और दोनों बहनों से मुलाकात कर उनकी समस्या सुनने को बुलाया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें फ्लैट, पढ़ाई का खर्चा, आर्थिक मदद, नानी के इलाज का खर्चा और मामा के लिए सरकारी नौकरी की सौगात दी।

पूरा मामला मीडिया की सुर्ख़ियों में छाया रहा। लेकिन इसके पीछे की तस्वीर बेहद दर्दनाक है, जिसमें अपने शरीर से लाचार एक बूढ़ी मां और उसके बच्चों को झूठे मर्डर केस में फंसा दिया गया है। आरोप है कि मामा तरून जिंदल ने बेटियों की आड़ लेकर उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज करा दिया। इन बेटियों की दादी अपने बड़े बेटे के साथ 12 वर्षों से मुरादाबाद में रहती है। वह ठीक से देख नही सकती और दिल की मरीज भी हैं। उन्हें दो बार हार्ट अटैक भी हो चुका है। घुटनों का ऑपरेशन भी हो चुका है। ऐसे में वह किसी का मर्डर करने बुलंदशहर तक कैसे आईं फिर फरार कैसे हो गईं। स्नेहलता के दो बेटी और दामाद भी मुरादाबाद में रहते हैं और उनका 12 सालों से मृतका और उसके पति से राखी तक के संबंध नहीं हैं।

बुलंदशहर के एसएसपी अनीस अंसारी से फरियाद करने आई दादी स्नेहलता ने बताया कि तरूण जिंदल समझौते के बदले उनसे एक करोड़ रूपये की रकम मांग रहा है। स्नेहलता का परिवार इस हैसियत में भी है कि एक करोड़ की रकम दे सके। उधर सूत्रों से खबर आ रही है कि मामा तरुण जिंदल बच्चियों को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा दिए गए आर्थिक मदद के तौर पर 10 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। बच्चियां मामा के इस तरह भाग जाने से बेहद हैरान हैं।



बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खून से चिट्ठी लिखने वाली बुलंदशहर की बेटियों की कहानी में मामा की साजिश का सच सामने आया है। मामा तरुण जिंदल ने अपना उल्लू सीधा करने के लिए बच्चियों से अखिलेश को खून से खत लिखवाया था ताकि मुख्यमंत्री की तरफ से आर्थिक मदद मिल सके। मुलाक़ात के बाद सीएम अखिलेश यादव ने बच्चियों को 10 लाख रुपये की मदद देने का ऐलान किया था। साथ ही सरकारी आवास देने की…