CAA पर बोले कर्नाटक के CM येदियुरप्पा, राज्य में लागू होगा कानून, अल्‍पसंख्‍यकों से शांति बनाए रखने की अपील

BS Yeddyurappa
मंच पर कर्नाटक के CM येदियुरप्‍पा और लिंगायत स्वामी वाचानंद के बीच हुई बहस, भड़के मुख्यमंत्री ने कही ये बात

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में विपक्षी दल विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लगातार जारी हगामे के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्‍यमंत्री ने को ऐलान किया कि उनकी सरकार 100 फीसद नागरिकता कानून को कर्नाटक में लागू करेगी। कर्नाटक के कई इलाकों में विभिन्‍न दलों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों को देखते हुए कर्नाटक मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा ने गुरुवार को कानून के प्रति मुस्लिम समुदायों को शांत कराने की कोशिश की।

Cm Yeddyurappa Of Karnataka Says On Caa Law Will Be Applicable In The State Appeals To Minorities To Maintain Peace :

मुख्‍यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि मैं अल्‍पसंख्‍यक मुसलमान भाइयों से अपील करता हूं, यह कानून किसी भी तरीके से उन्‍हें प्रभावित नहीं करेगा आपके हित की रक्षा हमारी जिम्‍मेवारी है। कृपया सहयोग करें, शांति और व्‍यवस्‍था बनाए रखें।सीएम येदियुरप्पा ने कहा कि हमने कानून के विरोध में या पक्ष में किसी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। ऐहतियातन राज्य में धारा 144 लागू है। अभी हालात सामान्‍य हैं, कोई दिक्‍कत नहीं, किसी को इसके संबंध में कार्यक्रम आयोजित करने की जरूरत नहीं, हर किसी को शांति बनाए रखना चाहिए। पुलिस व्‍यवस्‍था की मॉनिटरिंग कर रही है।

क्या है नया नागरिकता कानून

नागरिकता संशोधन कानून 2019 में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और क्रिस्चन धर्मों के प्रवासियों के लिए नागरिकता के नियम को आसान बनाया गया है। पहले किसी व्यक्ति को भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए कम से कम पिछले 11 साल से यहां रहना अनिवार्य था। इस नियम को आसान बनाकर नागरिकता हासिल करने की अवधि को एक साल से लेकर 6 साल किया गया है यानी इन तीनों देशों के ऊपर उल्लिखित छह धर्मों के बीते एक से छह सालों में भारत आकर बसे लोगों को नागरिकता मिल सकेगी। आसान शब्दों में कहा जाए तो भारत के तीन मुस्लिम बहुसंख्यक पड़ोसी देशों से आए गैर मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने के नियम को आसान बनाया गया है।

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में विपक्षी दल विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लगातार जारी हगामे के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्‍यमंत्री ने को ऐलान किया कि उनकी सरकार 100 फीसद नागरिकता कानून को कर्नाटक में लागू करेगी। कर्नाटक के कई इलाकों में विभिन्‍न दलों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों को देखते हुए कर्नाटक मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा ने गुरुवार को कानून के प्रति मुस्लिम समुदायों को शांत कराने की कोशिश की। मुख्‍यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि मैं अल्‍पसंख्‍यक मुसलमान भाइयों से अपील करता हूं, यह कानून किसी भी तरीके से उन्‍हें प्रभावित नहीं करेगा आपके हित की रक्षा हमारी जिम्‍मेवारी है। कृपया सहयोग करें, शांति और व्‍यवस्‍था बनाए रखें।सीएम येदियुरप्पा ने कहा कि हमने कानून के विरोध में या पक्ष में किसी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। ऐहतियातन राज्य में धारा 144 लागू है। अभी हालात सामान्‍य हैं, कोई दिक्‍कत नहीं, किसी को इसके संबंध में कार्यक्रम आयोजित करने की जरूरत नहीं, हर किसी को शांति बनाए रखना चाहिए। पुलिस व्‍यवस्‍था की मॉनिटरिंग कर रही है। क्या है नया नागरिकता कानून नागरिकता संशोधन कानून 2019 में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और क्रिस्चन धर्मों के प्रवासियों के लिए नागरिकता के नियम को आसान बनाया गया है। पहले किसी व्यक्ति को भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए कम से कम पिछले 11 साल से यहां रहना अनिवार्य था। इस नियम को आसान बनाकर नागरिकता हासिल करने की अवधि को एक साल से लेकर 6 साल किया गया है यानी इन तीनों देशों के ऊपर उल्लिखित छह धर्मों के बीते एक से छह सालों में भारत आकर बसे लोगों को नागरिकता मिल सकेगी। आसान शब्दों में कहा जाए तो भारत के तीन मुस्लिम बहुसंख्यक पड़ोसी देशों से आए गैर मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने के नियम को आसान बनाया गया है।