SC को ताक पर रखकर सीएम योगी ने दिया बयान, शुरु करें मंदिर निर्माण की तैयारी

cm yogi ram mandir
SC को ताक पर रखकर सीएम योगी ने दिया बयान, शुरु करें मंदिर निर्माण की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होने एक कार्यक्रम में कहा कि हमें राम मंदिर में राम मंदिर की तैयारियां शुरु कर देनी चाहिए। अब सवाल ये उठता है कि जब राम मंदिर मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है तो सीएम योगी ऐसा बयान क्या सोंचकर दे दिया। अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या सीएम योगी को सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने के लिए ऐसा बयान दिया है या ​फिर गुरुवार को मोहन भागतव से लेकर देश में हो रही मंदिर निर्माण की मांग से झुझलाकर उन्होने ऐसा बयान दे दिया है।

Cm Yogi Adityanath Says Prepare For The Construction Of Ram Temple :

सीएम ने कहा, ‘मैं आप सबसे आग्रह करूंगा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की लीलाओं के साथ-साथ हम उनके आदर्शों को जीवन में उतारें। समाज में इसका प्रचार-प्रसार करें। रामलीलाओं की भव्यता के साथ-साथ समाज के इस भव्य मंदिर को भी उसी रूप में बनाने की तैयारी हमें करनी चाहिए जिस प्रकार से भव्य मंदिर के रूप में राम की लीलाओं का आयोजन हम करते हैं।’

बता दें कि आगामी विधानसभा चुनावों की चर्चा के बीच एक बार फिर से राम मंदिर पर राजनीतिक चर्चाएं शुरु हो चुकी है। गुरुवार को वियजादशमी पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राममंदिर का राग छेड़ा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार राममंदिर निर्माण को लेकर कानून बनाएं।

उधर गुरुवार को ही एक कार्यक्रम में बोलते हुए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा था कि अगर बीजेपी सरकार राम मंदिर का निर्माण नहीं करा रही है तो हम राम मंदिर का निर्माण कराएंगे। शिवसेना अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर बनाओ नहीं तां हम मंदिर बनाएंगे, यह एक पवित्र काम है। अगर आप मंदिर नहीं बना सकते तो इसका मतलब है कि बीजेपी के डीएनए में कुछ गड़बड़ है। ठाकरे ने कहा, ”शिवसेना ऐसे नहीं समझाती, कान के नीचे बजाकर समझाती है।”

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होने एक कार्यक्रम में कहा कि हमें राम मंदिर में राम मंदिर की तैयारियां शुरु कर देनी चाहिए। अब सवाल ये उठता है कि जब राम मंदिर मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है तो सीएम योगी ऐसा बयान क्या सोंचकर दे दिया। अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या सीएम योगी को सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने के लिए ऐसा बयान दिया है या ​फिर गुरुवार को मोहन भागतव से लेकर देश में हो रही मंदिर निर्माण की मांग से झुझलाकर उन्होने ऐसा बयान दे दिया है। सीएम ने कहा, 'मैं आप सबसे आग्रह करूंगा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की लीलाओं के साथ-साथ हम उनके आदर्शों को जीवन में उतारें। समाज में इसका प्रचार-प्रसार करें। रामलीलाओं की भव्यता के साथ-साथ समाज के इस भव्य मंदिर को भी उसी रूप में बनाने की तैयारी हमें करनी चाहिए जिस प्रकार से भव्य मंदिर के रूप में राम की लीलाओं का आयोजन हम करते हैं।' बता दें कि आगामी विधानसभा चुनावों की चर्चा के बीच एक बार फिर से राम मंदिर पर राजनीतिक चर्चाएं शुरु हो चुकी है। गुरुवार को वियजादशमी पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राममंदिर का राग छेड़ा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार राममंदिर निर्माण को लेकर कानून बनाएं। उधर गुरुवार को ही एक कार्यक्रम में बोलते हुए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा था कि अगर बीजेपी सरकार राम मंदिर का निर्माण नहीं करा रही है तो हम राम मंदिर का निर्माण कराएंगे। शिवसेना अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर बनाओ नहीं तां हम मंदिर बनाएंगे, यह एक पवित्र काम है। अगर आप मंदिर नहीं बना सकते तो इसका मतलब है कि बीजेपी के डीएनए में कुछ गड़बड़ है। ठाकरे ने कहा, ''शिवसेना ऐसे नहीं समझाती, कान के नीचे बजाकर समझाती है।''