शेल्टर होम में सेक्स रैकेट के खुलासे पर नाराज सीएम योगी, रीता बहुगुणा जोशी को किया तलब

deoriya shelter home case
शेल्टर होम में सेक्स रैकेट के खुलासे पर नाराज सीएम योगी, रीता बहुगुणा जोशी को किया तलब

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के देवरिया के के मां विंध्यवासिनी संरक्षण गृह में बिहार जैसा घिनौना कांड सामने आने के बाद यूपी सरकार में हड़कंप मचा हुआ है।इस मामले में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा है कि ये संरक्षण गृह अनाधिकृत रूप से चल रहा था। उन्होने बताया कि कई बार इस संरक्षण गृह को बंद करने के लिए नोटिस दी जा चुकी हैं, लेकिन फिर भी ये चालू था। फिलहाल उन्होने कहा कि हर बिंदू पर जांच की जाएगी। अब शेल्टर होम में सेक्स रैकेट चल रहा था कि इस पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

Cm Yogi Aditynath Called Minister Reeta Bahuguna Joshi Over Deoriya Shelter Home Case :

उधर मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आया तो उन्होने तुरन्त विभागीय मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी को तलब किया है। उनके साथ प्रमुख सचिव बाल एवं महिला कल्याण भी बुलाई गई। जहां सीएम ने उन्हे फटकार लगाते हुए तुरन्त पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। सूत्रों की मानें तो इस इस मामले में कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

बता दें रविवार शाम संरक्षण गृह से एक लड़की भाग निकली और सीधे पुलिस के पास पहुंची। उसने वहां सेक्स रैकेट की जानकारी पुलिस को दी तो तुरन्त पुलिस विभाग हरकत में आ गया और रात में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान संरक्षण ग्रह में रहने वाली 42 लड़कियों में से सिर्फ 24 लड़कियों ही मिली। वहां से गायब 18 लड़कियों के बारे में स्टाफ से पूछा गया तो कोई संतोषजनक जवाब नही मिल सका।

बता दें अनियमितताओं के कारण इस शेल्टर होम की मान्यता जून-2017 में समाप्त कर दी गई थी। सीबीआई ने भी संरक्षण गृह को अनियमितताओं में चिह्नित कर रखा है। लेकिन संचालिक हाइकोर्ट पहुंच गई और वहां से स्टे आर्डर ले आई। जिसके बाद दोबारा संरक्षण ग्रह शुरु हो गया। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि अवैध संरक्षण गृह की सूचना के बाद पुलिस ने छापा मारकर 24 लड़कियों को मुक्त कराया है। एसपी देवरिया को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने संस्था को सील कराते हुए वहां की अधीक्षका कंचनलता, संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, मोहन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बालिका ने कही ये बातें

पूछताछ के दौरान बालिका ने कहा कि दीदी लोगों को लेने के लिए हर दिन कार आती थी, जब वह वापस आती थीं तो वह रोते हुए आती। जब हम लोग पूछने का प्रयास करती तो वह कुछ भी बोलने से इन्कार कर देती। छोटे-छोटे बच्चों से पोछा लगवाया जाता था। पोछा न लगाने पर हम लोगों की पिटाई भी बड़ी मैडम व छोटी मैडम करती थीं। विरोध करने खाना नहीं दिया जाता था।

सीएम ने जिलाधिकारी देवरिया को हटाने के दिए आदेश

बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर में हुई घटना के बाद 3 अगस्त को ही सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि ऐसे शेल्टर होम्स पर नजर रखी जाए और मामला संदिग्ध लगते ही तुरन्त कार्रवाई करें। बावजूद इसके देवरियां में ऐसी घटना सामने आने के बाद सीएम काफी नाराज है। फिलहाल उन्होने तत्काल डीएम देवरिया सुजीत कुमार को हटाने के साथ ही डीपीओ अभिषेक पाण्डेय को सस्पेंड करने के आदेश दिए है। इसके साथ ही इन लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के देवरिया के के मां विंध्यवासिनी संरक्षण गृह में बिहार जैसा घिनौना कांड सामने आने के बाद यूपी सरकार में हड़कंप मचा हुआ है।इस मामले में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा है कि ये संरक्षण गृह अनाधिकृत रूप से चल रहा था। उन्होने बताया कि कई बार इस संरक्षण गृह को बंद करने के लिए नोटिस दी जा चुकी हैं, लेकिन फिर भी ये चालू था। फिलहाल उन्होने कहा कि हर बिंदू पर जांच की जाएगी। अब शेल्टर होम में सेक्स रैकेट चल रहा था कि इस पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।उधर मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आया तो उन्होने तुरन्त विभागीय मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी को तलब किया है। उनके साथ प्रमुख सचिव बाल एवं महिला कल्याण भी बुलाई गई। जहां सीएम ने उन्हे फटकार लगाते हुए तुरन्त पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। सूत्रों की मानें तो इस इस मामले में कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।बता दें रविवार शाम संरक्षण गृह से एक लड़की भाग निकली और सीधे पुलिस के पास पहुंची। उसने वहां सेक्स रैकेट की जानकारी पुलिस को दी तो तुरन्त पुलिस विभाग हरकत में आ गया और रात में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान संरक्षण ग्रह में रहने वाली 42 लड़कियों में से सिर्फ 24 लड़कियों ही मिली। वहां से गायब 18 लड़कियों के बारे में स्टाफ से पूछा गया तो कोई संतोषजनक जवाब नही मिल सका।बता दें अनियमितताओं के कारण इस शेल्टर होम की मान्यता जून-2017 में समाप्त कर दी गई थी। सीबीआई ने भी संरक्षण गृह को अनियमितताओं में चिह्नित कर रखा है। लेकिन संचालिक हाइकोर्ट पहुंच गई और वहां से स्टे आर्डर ले आई। जिसके बाद दोबारा संरक्षण ग्रह शुरु हो गया। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि अवैध संरक्षण गृह की सूचना के बाद पुलिस ने छापा मारकर 24 लड़कियों को मुक्त कराया है। एसपी देवरिया को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने संस्था को सील कराते हुए वहां की अधीक्षका कंचनलता, संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, मोहन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बालिका ने कही ये बातें

पूछताछ के दौरान बालिका ने कहा कि दीदी लोगों को लेने के लिए हर दिन कार आती थी, जब वह वापस आती थीं तो वह रोते हुए आती। जब हम लोग पूछने का प्रयास करती तो वह कुछ भी बोलने से इन्कार कर देती। छोटे-छोटे बच्चों से पोछा लगवाया जाता था। पोछा न लगाने पर हम लोगों की पिटाई भी बड़ी मैडम व छोटी मैडम करती थीं। विरोध करने खाना नहीं दिया जाता था।

सीएम ने जिलाधिकारी देवरिया को हटाने के दिए आदेश

बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर में हुई घटना के बाद 3 अगस्त को ही सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि ऐसे शेल्टर होम्स पर नजर रखी जाए और मामला संदिग्ध लगते ही तुरन्त कार्रवाई करें। बावजूद इसके देवरियां में ऐसी घटना सामने आने के बाद सीएम काफी नाराज है। फिलहाल उन्होने तत्काल डीएम देवरिया सुजीत कुमार को हटाने के साथ ही डीपीओ अभिषेक पाण्डेय को सस्पेंड करने के आदेश दिए है। इसके साथ ही इन लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।