जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए कार्यालयों में न बैठने वाले पुलिसकर्मियों पर नाराज हुए सीएम योगी

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जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए कार्यालयों में न बैठने वाले पुलिसकर्मियों पर नाराज हुए सीएम योगी

लखनऊ। हाल ही में प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक कर कानून—व्यवस्था की समीक्षा की थी। इस दौरान सीएम ने सभी अधिकारियों को आदेश दिया कि वो प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक अपने कार्यालयों में बैठकर जनसमस्याएं सुनेंगे और यथासंभव उनका निस्तारण भी करवाएंगे।

Cm Yogi Angry Over Policemen Who Did Not Sit In Offices For Disposal Of Problems :

हालाकि बाद में मुख्यमंत्री को सूचना मिली कि तमाम जिलों के पुलिस कप्तान नियमित रूप से कार्यालय में नहीं बैठ रहे थें, जिससे वहां आने वाले फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। सीएम को सूचना​ मिली कि अधिका​री अपने कार्यालय में न बैठकर कैम्प कार्यालयों में बैठ रहे हैं, जिससे उन्होने नाराजगी जताई।

बता दें कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल ने एक पत्र जारी करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी जो सुबह नौ से ग्याहर बजे तक जनसमस्याएं सुनने के लिए कार्यालयों में नहीं बैठ रहे। वो निश्चित किए समय पर कार्यालयों में बैठें। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल संज्ञान लिया जाएगा।

लखनऊ। हाल ही में प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक कर कानून—व्यवस्था की समीक्षा की थी। इस दौरान सीएम ने सभी अधिकारियों को आदेश दिया कि वो प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक अपने कार्यालयों में बैठकर जनसमस्याएं सुनेंगे और यथासंभव उनका निस्तारण भी करवाएंगे। हालाकि बाद में मुख्यमंत्री को सूचना मिली कि तमाम जिलों के पुलिस कप्तान नियमित रूप से कार्यालय में नहीं बैठ रहे थें, जिससे वहां आने वाले फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। सीएम को सूचना​ मिली कि अधिका​री अपने कार्यालय में न बैठकर कैम्प कार्यालयों में बैठ रहे हैं, जिससे उन्होने नाराजगी जताई। बता दें कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल ने एक पत्र जारी करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी जो सुबह नौ से ग्याहर बजे तक जनसमस्याएं सुनने के लिए कार्यालयों में नहीं बैठ रहे। वो निश्चित किए समय पर कार्यालयों में बैठें। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल संज्ञान लिया जाएगा।