सीएम योगी की आखों में आए आंसू, कहा लापरवाही बरतने वाले नहीं बचेंगे

लखनऊ। बीआरडी मेडिकल कालेज में पिछले तीन दिनों में लगातार हुई करीब 60 मौतों के बाद रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कॉलेज का दौरा किया। सीएम योगी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि 2—3 दिनों से जो भी समाचार चल रहे हैं उनके कारण पीएम काफी चिंतित हैं। उन्होंने फोन पर बातचीत में कहा है कि प्रदेश सरकार को जो भी सहयोग चाहिए बताएं भारत सरकार मदद के लिए पूरी तरह से तैयार है।

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को विशेष रूप से भेजा है। इसके साथ ही केन्द्र सरकार ने डॉक्टरों का एक विशेष दल भी गोरखपुर भेजा है। जो हालातों पर नजर बनाए हुए हैं।

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सीएम योगी ने कहा कि इस घटना के सामने आने के बाद ही उन्होंने डीजीएनई को भेजा था। बड़ी घटना थी इसलिए जिलाधिकारी से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। संपूर्ण प्रकरण की जानकारी के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ चिकित्सा शिक्षामंत्री अशुतोष टंडन को भेजा गोरखपुर भेजा गया था।

सीएम योगी ने कहा कि इंसफेलाइटिस की लड़ाई को उन्होने शुरू से लड़ा है। इस बीमारी को लेकर जो लड़ाई है उसी के तहत यूपी में नई सरकार बनने के साथ ही 38 जिलों में इंसेफेलाइटिस के खिलाफ मुहीम चलाकर 90 लाख वैक्सीनेशन की मुहीम चलाई थी।

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इस दौरान भावुक हुए सीएम योगी ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कालेज में जो मौतें हुई उनके प्रति सरकार पूरी तरह से संवेदनशील है। सरकार ने और उन्होंने इंसेफेलाइटिस को लेकर जो प्रयास किए है वे इसीलिए किये गए क्योंकि उन्होंने इंसेफेलाइटिस से मासूमों को अपनी नजरों के सामने दम तोड़ते देखा है। इसी इंसेफेलाइटिस के खिलाफ उन्होंने सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ी है। मुख्यमंत्री बनने के बाद से बीआरडी मेंडिकल कालेज के अपने चौथे दौरे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन दौरों की वजह संवेदनशीलता ही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने गोरखपुर दौरे के समय ही गोरखपुर और आस पास के सात जिलों के सीएमओ को बुलाकर बैठकर कर जेई और इंसेफेलाइटिस को लेकर सुझाव मांगे थे और आवश्यकताओं के बारे मे पूछा था। तब समाने आया था कि बीआरडी मेडिकल कालेज में एनएम के तहत कार्यरत नर्स और डॉक्टरों को वेतन भुगतान नहीं हुआ था। जिसे संपन्न करवाया गया है।

उन्होंने कहा कि 9 अगस्त के दौरे पर भी उन्होंने सात जिलों के सीएमओ को एक्यूट इंसेफलाइटिस के खिलाफ रणनीति पर चर्चा की थी। उनके सुझाव मांगे थे।

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संक्रमित बच्चों की संवेदनाओं को मुझसे ज्यादा कोई महसूस नहीं कर सकता। गोरखपुर और आस पास के सात जिलों के सीएचसी और पीएचसी के दौरे कर देखा जा सकता है कि सरकार ने कितनी गंभीरता से जेई और इंसेफेलाइटिस की समस्या को लिया है। हर स्तर पर मरीजों को इलाज उपलब्ध करवाया गया है। पहले जो मरीज सीधे बीआरडी मेडिकल कालेज आते थे उन्हें दो से तीन दिनों का इलाज आसपास के ही अस्पतालों में दिया जा रहा हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज लाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा प्रदान करवाई जा रही है। जिसके लिए कंंट्रोल रूम बनाया गया है।

अपने प्रयासो को गिनाते हुए सीएम ने कहा कि उन्होने अपनी बैठकों में डॉक्टरों को इंसेफेला​इटिस के अलावा डेंगू, स्वाइल फ्लू, कालाझार और चिकनगुनिया के लिए भी योजना पर काम करने को कहा गया है।

लापरवाही से हुई एक भी जनहानि पर होगी कड़ी कार्रवाई—

बीआरडी मेडिकल कालेज में जिस तरह की लापरवाही की जिक्र मीडिया में हो रहा है उसे लेकर सीएम योगी ने कहा​ कि सरकार गोरखपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में किसी की लापरवाही से किसी की जनहानि को लेकर कार्रवाई करेगी। लापरवाही से होने वाली जनहानि को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि चीफ सिक्रेटरी की अध्यक्षता में एक कमिटी जांच कर रही है। ​जो रिपोर्ट सामने आएगी उस पर कार्रवाई होगी। सरकार आश्वस्त करती है कि दोषी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो भविष्य के लिए मानक स्थापित करने वाली होगी।

बीआरडी की सच्चाई सामने आनी चाहिए—

सीएम योगी ने मीडिया कर्मियों से अनुरोध करते हुए कहा कि अस्पताल के बाहर से रिपोर्टिंग करने के बजाय पत्रकार अपने कैमरे के साथ भीतर जाएं। जिसके लिए अस्पताल प्रशासन को कहा गया है कि पत्रकारों को एक एक कर भीतर जाने दिया जाए। जिससे की वास्तविकता सामने आ सके।

उन्होंने कहा कि हर वार्ड में 7 अगस्त, 8 अगस्त और 9 अगस्त को आए बच्चे भर्ती हैं। जो जीवित हैं। उनसे और उनके अभिववाकों से बात करके आप जान सकते हैं कि क्या प्रबंध किए गए है। यह दुर्भाग्य की बात है एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हो गई। लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए, कि बीआरडी मेडिकल कालेज में नरसंहार हो रहा है या फिर उपचार। फेक रिपोर्टिंग नहीं होनी चाहिए।

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