सीएम योगी पहुंचे खीरी, कृषि महाविद्यालय का किया लोकार्पण

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सीएम योगी पहुंचे खीरी, कृषि महाविद्यालय का किया लोकार्पण

लखीमपुर खीरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार जनपद खीरी पहुंचे। तहसील गोला गोकर्णनाथ स्थित चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के अधीन जमुनाबाद के कृषि महाविद्यालय (कैम्पस) में बने हैलीपैड पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकाप्टर उतारा। जहां मुख्यमंत्री के जनपद आगमन पर प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुुसंधान विभाग अमित मोहन प्रसाद, जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक पूनम, चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति सुशील सोलोमन ने पुष्प भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में पंचवटी में पीपल का पौधरोपण किया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर भारी संख्या में उपस्थित जनसमूह का हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया।

Cm Yogi In Lakhimpur Kheri :

मुख्यमंत्री ने चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के अधीन जमुनाबाद के कृषि महाविद्यालय (कैम्पस) के प्रथम फेज तथा प्रशासनिक भवन का लोकार्पण एवं कृषि विज्ञान केन्द्र जमुनाबाद के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास बटन दबाकर किया। इस अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बाबा गोला गोकर्णनाथ की पावन धरती पर महाविद्यालय का लोकार्पण करते हुए बधाई दी। उन्होनें कहा कि जनपद लखीमपुर खीरी क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा जनपद है। जहां के किसानों को नवीनतम तकनीक, उन्नत बीज तथा उनकी फसल के विक्रय के लिए बाजार चाहिए और इन सुविधाओं से किसानों को जोड़ने के लिए आज महाविद्यालय का प्रथम फेज जनपद वासियों को समर्पित है। कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों को तकनीकी जानकारी देने की इकाई है।

यद्यपि खीरी में पूर्व से ही एक कृषि विज्ञान केन्द्र कार्यरत था किन्तु उसकी भी हालत अत्यन्त दयनीय थी अतः जनपद की आवश्यकता के दृष्टिगत दो कृषि विज्ञान केन्द्र और एक कृषि महाविद्यालय यहां के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगें और यहां के किसानों का लोहा पूरी दुनिया मानेगी। पूर्व में किसान सरकार के एजेण्डे में नही होते थे किन्तु 2014 में बनी केन्द्र सरकार ने प्रारम्भ में ही स्पष्ट कर दिया था कि गांव किसान और नौजवान उनके एजेण्डे में सबसे ऊपर है। हमें धरती माता के स्वास्थ्य की भी चिंता करनी है। अतः मृदा स्वास्थ्य कार्ड की मदद से धरती को आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करके हम कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। प्रदेश में सरकार बनने के बाद लघु एवं सीमान्त किसानों की एक लाख रूपया तक के कर्ज माफ किये गया है। बड़ी संख्या में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित किया गया है।

उन्होनें गन्ना मूल्य बकाया भुगतान के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए कहा कि जनपद की 09 में 05 चीनी मिलों से अपना गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को कर दिया है तथा शेष चार गन्ना मिलों से अतिशीघ्र गन्ना मूल्य बकाया भुगतान कराया जायेगा। उन्होनें जोर देकर कहा कि जनपद महाराजगंज में एक चीनी मिल द्वारा किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान न करने पर उनकी नीलामी कर किसानों का भुगतान कराया गया। उन्होनें कहा कि हमें उम्मीद है यहां यह नौबत नही आयेगी। किसानों की उपज का खरीद की समुचित व्यवस्था के सम्बन्ध में उन्होनें कहा कि पूरे प्रदेश में पांच हजार क्रय केन्द्र स्थापित किये गये है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तौली गई उपज की भुगतान आरटीजीएस के माध्यम 72 घंटे में किसानों में हो जाय।

उन्होनें गोला गोकर्णनाथ के प्रसिद्ध तीर्थ का पर्यटन की दृष्टि से विकसित किये जाने पर जोर दिया और कहा कि इसे रोजगार के साथ भी जोड़ा जाय। जनपद की तीन बनटागिंया गांवों को राजस्व ग्राम बनाने के लिए प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए। जिससे इन गांवों का समुचित विकास किया जा सके। उन्होनें किसानों से सिंचाई की आधुनिक तकनीकि, उन्नत बीज तथा अन्य नवीनतम कृषि तकनीकों को अपनाकर प्रति हेक्टेयर अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन का आवाहन किया। जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों का पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारें में जानकारी देते हुए आवाहन किया कि पराली को जलाया न जाए बल्कि खेत के कोने में गढ्डा बनाकर उसे कम्पोस्ट खाद के रूप में परिवर्तित कर दिया जाय। यह कम्पोट खाद जहां धरती की उर्वरता बढ़ायेगी वही पराली जलाने से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण से बचायेगी।

कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस सुअवसर पर जनपद आगमन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि सरकार किसानों के हित के लिए अनवरत कार्य कर रही है। सरकार गत वर्षो में प्रदेश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में नये संकायों खोल रही है तथा कृषि शिक्षा पर 200 करोड़ रूपया व्यय किया गया है। पशुओं के नस्ल सुधार हेतु निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर भारी अनुदान दिया जा रहा है। इस मौके पर खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी व विधायक अरविन्द गिरि ने सम्बोधित किया।

इस मौके पर खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी, धौरहरा सांसद रेखा अरूण वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष एवं विधायक लोकेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक अरविन्द गिरि, योगेश वर्मा, मंजू त्यागी, बाला प्रसाद अवस्थी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन नरेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुुसंधान विभाग अमित मोहन प्रसाद, जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक पूनम, चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति सुशील सोलोमन, मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी (दक्षिणी) समीमर कुमार सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

एस0डी0 त्रिपाठी
लखीमपुर-खीरी

लखीमपुर खीरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार जनपद खीरी पहुंचे। तहसील गोला गोकर्णनाथ स्थित चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के अधीन जमुनाबाद के कृषि महाविद्यालय (कैम्पस) में बने हैलीपैड पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकाप्टर उतारा। जहां मुख्यमंत्री के जनपद आगमन पर प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुुसंधान विभाग अमित मोहन प्रसाद, जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक पूनम, चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति सुशील सोलोमन ने पुष्प भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में पंचवटी में पीपल का पौधरोपण किया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर भारी संख्या में उपस्थित जनसमूह का हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के अधीन जमुनाबाद के कृषि महाविद्यालय (कैम्पस) के प्रथम फेज तथा प्रशासनिक भवन का लोकार्पण एवं कृषि विज्ञान केन्द्र जमुनाबाद के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास बटन दबाकर किया। इस अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बाबा गोला गोकर्णनाथ की पावन धरती पर महाविद्यालय का लोकार्पण करते हुए बधाई दी। उन्होनें कहा कि जनपद लखीमपुर खीरी क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा जनपद है। जहां के किसानों को नवीनतम तकनीक, उन्नत बीज तथा उनकी फसल के विक्रय के लिए बाजार चाहिए और इन सुविधाओं से किसानों को जोड़ने के लिए आज महाविद्यालय का प्रथम फेज जनपद वासियों को समर्पित है। कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों को तकनीकी जानकारी देने की इकाई है। यद्यपि खीरी में पूर्व से ही एक कृषि विज्ञान केन्द्र कार्यरत था किन्तु उसकी भी हालत अत्यन्त दयनीय थी अतः जनपद की आवश्यकता के दृष्टिगत दो कृषि विज्ञान केन्द्र और एक कृषि महाविद्यालय यहां के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगें और यहां के किसानों का लोहा पूरी दुनिया मानेगी। पूर्व में किसान सरकार के एजेण्डे में नही होते थे किन्तु 2014 में बनी केन्द्र सरकार ने प्रारम्भ में ही स्पष्ट कर दिया था कि गांव किसान और नौजवान उनके एजेण्डे में सबसे ऊपर है। हमें धरती माता के स्वास्थ्य की भी चिंता करनी है। अतः मृदा स्वास्थ्य कार्ड की मदद से धरती को आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करके हम कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। प्रदेश में सरकार बनने के बाद लघु एवं सीमान्त किसानों की एक लाख रूपया तक के कर्ज माफ किये गया है। बड़ी संख्या में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित किया गया है। उन्होनें गन्ना मूल्य बकाया भुगतान के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए कहा कि जनपद की 09 में 05 चीनी मिलों से अपना गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को कर दिया है तथा शेष चार गन्ना मिलों से अतिशीघ्र गन्ना मूल्य बकाया भुगतान कराया जायेगा। उन्होनें जोर देकर कहा कि जनपद महाराजगंज में एक चीनी मिल द्वारा किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान न करने पर उनकी नीलामी कर किसानों का भुगतान कराया गया। उन्होनें कहा कि हमें उम्मीद है यहां यह नौबत नही आयेगी। किसानों की उपज का खरीद की समुचित व्यवस्था के सम्बन्ध में उन्होनें कहा कि पूरे प्रदेश में पांच हजार क्रय केन्द्र स्थापित किये गये है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तौली गई उपज की भुगतान आरटीजीएस के माध्यम 72 घंटे में किसानों में हो जाय। उन्होनें गोला गोकर्णनाथ के प्रसिद्ध तीर्थ का पर्यटन की दृष्टि से विकसित किये जाने पर जोर दिया और कहा कि इसे रोजगार के साथ भी जोड़ा जाय। जनपद की तीन बनटागिंया गांवों को राजस्व ग्राम बनाने के लिए प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए। जिससे इन गांवों का समुचित विकास किया जा सके। उन्होनें किसानों से सिंचाई की आधुनिक तकनीकि, उन्नत बीज तथा अन्य नवीनतम कृषि तकनीकों को अपनाकर प्रति हेक्टेयर अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन का आवाहन किया। जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों का पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारें में जानकारी देते हुए आवाहन किया कि पराली को जलाया न जाए बल्कि खेत के कोने में गढ्डा बनाकर उसे कम्पोस्ट खाद के रूप में परिवर्तित कर दिया जाय। यह कम्पोट खाद जहां धरती की उर्वरता बढ़ायेगी वही पराली जलाने से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण से बचायेगी। कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस सुअवसर पर जनपद आगमन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि सरकार किसानों के हित के लिए अनवरत कार्य कर रही है। सरकार गत वर्षो में प्रदेश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में नये संकायों खोल रही है तथा कृषि शिक्षा पर 200 करोड़ रूपया व्यय किया गया है। पशुओं के नस्ल सुधार हेतु निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर भारी अनुदान दिया जा रहा है। इस मौके पर खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी व विधायक अरविन्द गिरि ने सम्बोधित किया। इस मौके पर खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी, धौरहरा सांसद रेखा अरूण वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष एवं विधायक लोकेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक अरविन्द गिरि, योगेश वर्मा, मंजू त्यागी, बाला प्रसाद अवस्थी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन नरेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुुसंधान विभाग अमित मोहन प्रसाद, जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक पूनम, चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति सुशील सोलोमन, मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी (दक्षिणी) समीमर कुमार सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। एस0डी0 त्रिपाठी लखीमपुर-खीरी