योगी जी, खाकीधारी की ‘गुंडई’ पर शर्मसार हो रहा महकमा

लखनऊ। सीएम योगी आदि‍त्यनाथ सूबे की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने का भरसक प्रयास कर रहे हैं, इसी के चलते पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल भी हुआ। लेकिन खाकीधारी अपनी करतूतों से आम जनता पर अपना रौब दिखाने से बाज नहीं आते। कुछ ऐसा ही मामला चारबाग रेलवे स्टेशन से सामने आया, जहां जीआरपी के एक सिपाही ने वर्दी की हनक में बुजुर्ग रिक्शा चालक की जमकर पिटाई कर दी। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल साइट पर वायरल होने के बाद आला-अधिकारी हरकत में आए और आरोपी सिपाही को सस्पेंड करते हुए मामले के जांच के आदेश दिये गए।




बताया जा रहा है कि चारबाग रेलवे स्टेशन पर सिपाही विश्वजीत सिंह ने रिक्शा चालक बुजुर्ग को स्टेशन के आस-पास रिक्शा ना खड़ा करने को लेकर भद्दी-भद्दी गालियां दी और बाद में उसे पीटने लगा और पीड़ित को घसीटते हुए काफी दूर तक ले गया। इस पूरे मामले का वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने बना लिया और सोशल साइट पर अपलोड कर दिया। जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी एसपी विनय कुमार यादव ने आरोप सिपाही को सस्पेंड कर दिया




आरोपी सिपाही का कहना है कि रिक्शा चालको की वजह से स्टेशन के आस-पास जाम लग जाता है। लेकिन वीडियो देखने के बाद इस बात का अंदाजा साफ तौर पर लगाया जा सकता है कि पुलिस आम नागरिकों को लेकर कितनी संवेदनशील है।




उधर, मामला ट्विटर व वॉट्सऐप पर वायरल होने के बाद जीआरपी अफसर भी हरकत में आ गए। सीएम के ट्विटर पर वीडियो पहुंचने के बाद आनन-फानन में सिपाही को निलम्बित करके आईजी को मौके पर भेजकर जांच शुरू कराई गई।


ये कहना है अधिकारियों का—

महानिदेशक जीआरपी गोपाल गुप्ता का कहना है कि जीआरपी सिपाही विश्वजीत को बुजुर्ग रिक्शेवाले की पिटाई के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच आईजी अमिताभ यश को सौंपी गई है। इसके अलावा लचर पर्यवेक्षण के लिए चौकी इंचार्ज पर भी कार्रवाई की जाएगी।

रिक्शा चालकों से करते हैं उगाही–

वहीं इस मामले पर स्टेशन के आस-पास मौजूद रहने वाले रिक्शा चालकों का कहना है कि जीआरपी पुलिस अतिक्रमण के नामा पर उनसे वसूली करती है और इंकार करने पर पिटाई कर देती है। उनका कहना है कि ये पुलिसकर्मी रिक्शा चालकों को खदेड़कर ऑटो में सवारियों को बिठाने के लिये बोलते हैं और अगर रिक्शा चालक वहां पहुंच जाये तो उन्हे गालियां देकर भगा देते हैं।