MLA अमनमणि पर कब्जेदारी की शिकायत लेकर पहुंचा व्यापारी, सीएम योगी बोले- जिंदगी में कार्रवाई नहीं होगी

ayush singhal yogi
MLA अमनमणि पर कब्जेदारी की शिकायत लेकर पहुंचा व्यापारी, सीएम योगी बोले- जिंदगी में कार्रवाई नहीं होगी
लखनऊ। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे विधायक अमनमणि पर लखनऊ के एक व्यापारी ने जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया है। जब पीड़ित मामले की शिकायत लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार पहुंचा तो उसे फटकार कर भगा दिया गया। व्यापारी आयुष सिंघल का आरोप है कि जब सीएम योगी को मैंने बताना शुरू किया कि अमनमणि त्रिपाठी ने हमारी जमीन कब्जा कर रखी है, उन्होने कागज नीचे फेंक दिया और कहा, आवारा कहीं का, जिंदगी में तुम्हारी…

लखनऊ। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे विधायक अमनमणि पर लखनऊ के एक व्यापारी ने जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया है। जब पीड़ित मामले की शिकायत लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार पहुंचा तो उसे फटकार कर भगा दिया गया। व्यापारी आयुष सिंघल का आरोप है कि जब सीएम योगी को मैंने बताना शुरू किया कि अमनमणि त्रिपाठी ने हमारी जमीन कब्जा कर रखी है, उन्होने कागज नीचे फेंक दिया और कहा, आवारा कहीं का, जिंदगी में तुम्हारी कार्रवाई नहीं होगी।

आयुष ने जनता दरबार के बाहर रोते हुए मीडिया को अपनी बात कही। मीडिया के सामने रोते-रोते आयुष सिंघल ने कहा कि जबसे यह सरकार बनी है वह दौड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी सीएम से दो बार मिल चुके हैं। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। पेशे से व्यापारी आयुष सिंघल का आरोप है कि अमरमणि त्रिपाठी और उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी ने उनकी अलीगंज स्थित 22 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। साल 2012 में आयुष ने इस जमीन की रजिस्ट्री कराई थी।

{ यह भी पढ़ें:- लापरवाही: ठंड में नौनिहालों का हाल बेहाल, सरकार नहीं बांट सकी स्वेटर }

बता दें कि इससे पहले भी आयुष सीएम से जनता दरबार में अपनी फरियाद लेकर मिल चुके हैं। सीएम ने लखनऊ एसएसपी को जांच के आदेश दिए थे, लेकिन एक महीने बाद भी केस में उचित कार्रवाई नहीं होने पर वह फिर सीएम से मिलने पहुंचे थे।

वहीं इस मामले में लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि करीब 6-7 महीने पहले आयुष सिंघल उनसे मिलने आए थे और जमीन का मामला होने की वजह से उन्होंने इस मुद्दे पर कलेक्टर साहब से बात की थी, इसके बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर गई और जमीन का सीमांकन किया।

{ यह भी पढ़ें:- योगी से बाबा रामदेव की मुलाकात, कई क्षेत्रों में निवेश पर चर्चा }

ayush singhal
शिकायत पत्र

एसएसपी के मुताबिक, विवादित जमीन का कुछ हिस्सा सिंचाई विभाग का है। एसएसपी ने कहा कि आयुष सिंघल चाहते हैं कि पुलिस जाए और जिस जमीन को वह अपना कहते हैं उस पर घेराबंदी करवा दे, लेकिन नैसर्गिक न्याय कहता है कि इस जमीन के जो भी 12 खातेदार हैं उनकी चौहद्दी एसडीएम कोर्ट में ही तय होगी।

Loading...