प्रियंका पर सीएम योगी का पलटवार, पूछा औरैया घटना की जिम्मेदारी लेगी कांग्रेस?

PRIYANKA GANDHI
मजदूरों को लेकर सियासत जारी, अब योगी सरकार ने प्रियंका से नोएडा-गाजियाबाद में बसें उपलब्ध कराने को कहा

लखनऊ। जबसे कोरोना महामारी आयी है तभी से मजदूरों का पलायन जारी है, आये दिन मजदूरों के साथ दर्दनाक घटनाएं हो रही हैं, कहीं सड़क हादसे में उनकी मौत हुई तो कहीं मजदूर दर दर की ठोकरे खाने पर मजबूर दिखे. इन प्रवासी मजदूरों को लेकर इस वक्त कांग्रेस पार्टी और उत्तर प्रदेश की सरकार में तीखी जुबानी जंग जारी है. सोमवार को गाजियाबाद में उमड़ी मजदूरों की भीड़ पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार को घेरा तो अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा पलटवार किया गया है. योगी आदित्यनाथ की ओर से ट्विटर पर कांग्रेस पर कुछ सवाल दागे गए हैं. यूपी सीएम ने पूछा है कि क्या कांग्रेस पार्टी ओरैया में हुई दुर्घटना की जिम्मेदारी लेगी?

Cm Yogi Retaliates On Priyanka Asked Congress To Take Responsibility For Auraiya Incident :

सोमवार दोपहर योगी आदित्यनाथ के दफ्तर के ट्विटर हैंडल से इन सवालों को ट्वीट किया गया. इनमें चार सवाल रखे गए हैं..

सवाल 1. जब आपके पास 1000 बसें थीं, तो राजस्थान और महाराष्ट्र से ट्रकों में भरकर हमारे साथियों को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व बंगाल क्यों भेज रहे हैं?

सवाल 2: औरैया में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना से पूरा देश आहत है. एक ट्रक पंजाब से और दूसरा राजस्थान से आ रहा था. क्या कांग्रेस और प्रियंका गांधी इस घटना की जिम्मेदारी लेंगी? क्या हमारे साथियों से माफी मांगेंगी?

सवाल 3: प्रियंका गांधी जी कहती हैं कि उनके पास 1000 बसें हैं. यह और बात है कि अब तक इन बसों की सूची तक उपलब्ध नहीं कराई गई, न ही हमारे साथियों की. बसों और हमारे साथियों की सूची उपलब्ध करा दी जाए, जिससे उनके कार्य ट्विटर नहीं धरातल पर दिखें.

सवाल 4: देशभर में जितनी भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चल रही है उनमें से आधी से ज्यादा ट्रेनें उत्तर प्रदेश ही आईं है. अगर प्रियंका वाड्रा जी को हमारी इतनी ही चिंता है तो वो हमारे बाकी साथियों को भी ट्रेनों से ही सुरक्षित भेजने का इंतजाम कांग्रेस शासित राज्यों से क्यों नहीं करा रहीं?

गौरतलब है कि सोमवार दोपहर को श्रमिक ट्रेनों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए हजारों मजदूर एकजुट हुए थे. रामलीला मैदान में इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हुआ और भीड़ बेकाबू नज़र आई. इन्हीं तस्वीरों को लेकर प्रियंका गांधी की ओर से यूपी सरकार पर निशाना साधा गया था.

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा था कि जब हमने 1000 बसें देने का प्रस्ताव रखा तो उसे ठुकरा दिया गया था, लेकिन अब मजदूरों के लिए यूपी सरकार खुद ही व्यवस्था नहीं कर पाई है. ये पहली बार नहीं है जब प्रवासी मजदूरों के मसले पर प्रियंका गांधी और योगी आदित्यनाथ आमने-सामने आए हैं. इससे पहले भी चिट्ठी और ट्विटर के जरिए दोनों के बीच इस तरह तीखा संवाद होता रहा है. हालांकि सीएम योगी ने प्रियंका गांधी के 1000 बस चलवाने वाले प्रस्ताव को मान लिया है.

लखनऊ। जबसे कोरोना महामारी आयी है तभी से मजदूरों का पलायन जारी है, आये दिन मजदूरों के साथ दर्दनाक घटनाएं हो रही हैं, कहीं सड़क हादसे में उनकी मौत हुई तो कहीं मजदूर दर दर की ठोकरे खाने पर मजबूर दिखे. इन प्रवासी मजदूरों को लेकर इस वक्त कांग्रेस पार्टी और उत्तर प्रदेश की सरकार में तीखी जुबानी जंग जारी है. सोमवार को गाजियाबाद में उमड़ी मजदूरों की भीड़ पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार को घेरा तो अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा पलटवार किया गया है. योगी आदित्यनाथ की ओर से ट्विटर पर कांग्रेस पर कुछ सवाल दागे गए हैं. यूपी सीएम ने पूछा है कि क्या कांग्रेस पार्टी ओरैया में हुई दुर्घटना की जिम्मेदारी लेगी? सोमवार दोपहर योगी आदित्यनाथ के दफ्तर के ट्विटर हैंडल से इन सवालों को ट्वीट किया गया. इनमें चार सवाल रखे गए हैं.. सवाल 1. जब आपके पास 1000 बसें थीं, तो राजस्थान और महाराष्ट्र से ट्रकों में भरकर हमारे साथियों को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व बंगाल क्यों भेज रहे हैं? सवाल 2: औरैया में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना से पूरा देश आहत है. एक ट्रक पंजाब से और दूसरा राजस्थान से आ रहा था. क्या कांग्रेस और प्रियंका गांधी इस घटना की जिम्मेदारी लेंगी? क्या हमारे साथियों से माफी मांगेंगी? सवाल 3: प्रियंका गांधी जी कहती हैं कि उनके पास 1000 बसें हैं. यह और बात है कि अब तक इन बसों की सूची तक उपलब्ध नहीं कराई गई, न ही हमारे साथियों की. बसों और हमारे साथियों की सूची उपलब्ध करा दी जाए, जिससे उनके कार्य ट्विटर नहीं धरातल पर दिखें. सवाल 4: देशभर में जितनी भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चल रही है उनमें से आधी से ज्यादा ट्रेनें उत्तर प्रदेश ही आईं है. अगर प्रियंका वाड्रा जी को हमारी इतनी ही चिंता है तो वो हमारे बाकी साथियों को भी ट्रेनों से ही सुरक्षित भेजने का इंतजाम कांग्रेस शासित राज्यों से क्यों नहीं करा रहीं? गौरतलब है कि सोमवार दोपहर को श्रमिक ट्रेनों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए हजारों मजदूर एकजुट हुए थे. रामलीला मैदान में इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हुआ और भीड़ बेकाबू नज़र आई. इन्हीं तस्वीरों को लेकर प्रियंका गांधी की ओर से यूपी सरकार पर निशाना साधा गया था. प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा था कि जब हमने 1000 बसें देने का प्रस्ताव रखा तो उसे ठुकरा दिया गया था, लेकिन अब मजदूरों के लिए यूपी सरकार खुद ही व्यवस्था नहीं कर पाई है. ये पहली बार नहीं है जब प्रवासी मजदूरों के मसले पर प्रियंका गांधी और योगी आदित्यनाथ आमने-सामने आए हैं. इससे पहले भी चिट्ठी और ट्विटर के जरिए दोनों के बीच इस तरह तीखा संवाद होता रहा है. हालांकि सीएम योगी ने प्रियंका गांधी के 1000 बस चलवाने वाले प्रस्ताव को मान लिया है.