सांसद की नाराजगी पर सीएम योगी की सफाई, कहा बिना भेदभाव के काम कर रही पुलिस

CM Yogi, सीएम योगी
सांसद की नाराजगी पर सीएम योगी की सफाई, कहा बिना भेदभाव के काम कर रही पुलिस

लखनऊ । उत्तर प्रदेश से भाजपा के दलित सांसद अशोक दोहरे ने प्रधानमंत्री कार्यालय को चिट्ठी लिखकर 2 अप्रैल को हुए ‘भारत बंद’ के दौरान प्रदर्शन करने वाले दलितों के खिलाफ यूपी पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर नाराजगी दर्ज करवाई है। इटावा से सांसद अशोक दोहरे की शिकायत पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सफाई देते हुए कहा है कि यूपी पुलिस बिना किसी किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रही है। प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों ने हिंसा और तोड़फोड़ की है, उनके खिलाफ ही पुलिस ने एक्शन लिया है। इन कार्रवाइयों को प्रदर्शन के दौरान तैयार किए गए वीडियो फुटेज के आधार पर अंजाम दिया जा रहा है। किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जा रहा है। सांसदों की ओर से पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप निराधार है।

Cm Yogi Reverted To Mp Ashok Dohrey :

अपने बयान में सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार भेदभाव नहीं करती है। उनकी सरकार दलितों, वंचितों और गरीबों की भलाई के लिए काम कर रही है।

अशोक दोहरे से पूर्व भाजपा के दलित सांसद छोटेलाल शंखवार और सावित्री बाई फुले भी अपनी ही सरकार के खिलाफ नाराजगी दर्ज करवा चुके हैं। इस क्रम में सबसे आगे सावित्री बाई फुले ही नजर आईं। जिन्हें भारतीय संविधान और आरक्षण बचाओ महारैली कर अपनी ही सरकार के खिलाफ नाराजगी दर्ज करवाई थी।

यूपी के बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले ने लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में रैली कर स्पष्ट शब्दों में कहा था कि आरक्षण कोई भीख नहीं है, बल्कि दलितों के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करवाने की व्यवस्था है। अगर आरक्षण के साथ छेडछाड़ करने का दुस्साहस हुआ तो भारत की पूरी धरती पर खून की द​नदियां बहेंगी।

लखनऊ । उत्तर प्रदेश से भाजपा के दलित सांसद अशोक दोहरे ने प्रधानमंत्री कार्यालय को चिट्ठी लिखकर 2 अप्रैल को हुए 'भारत बंद' के दौरान प्रदर्शन करने वाले दलितों के खिलाफ यूपी पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर नाराजगी दर्ज करवाई है। इटावा से सांसद अशोक दोहरे की शिकायत पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सफाई देते हुए कहा है कि यूपी पुलिस बिना किसी किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रही है। प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों ने हिंसा और तोड़फोड़ की है, उनके खिलाफ ही पुलिस ने एक्शन लिया है। इन कार्रवाइयों को प्रदर्शन के दौरान तैयार किए गए वीडियो फुटेज के आधार पर अंजाम दिया जा रहा है। किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जा रहा है। सांसदों की ओर से पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप निराधार है।अपने बयान में सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार भेदभाव नहीं करती है। उनकी सरकार दलितों, वंचितों और गरीबों की भलाई के लिए काम कर रही है।अशोक दोहरे से पूर्व भाजपा के दलित सांसद छोटेलाल शंखवार और सावित्री बाई फुले भी अपनी ही सरकार के खिलाफ नाराजगी दर्ज करवा चुके हैं। इस क्रम में सबसे आगे सावित्री बाई फुले ही नजर आईं। जिन्हें भारतीय संविधान और आरक्षण बचाओ महारैली कर अपनी ही सरकार के खिलाफ नाराजगी दर्ज करवाई थी।यूपी के बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले ने लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में रैली कर स्पष्ट शब्दों में कहा था कि आरक्षण कोई भीख नहीं है, बल्कि दलितों के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करवाने की व्यवस्था है। अगर आरक्षण के साथ छेडछाड़ करने का दुस्साहस हुआ तो भारत की पूरी धरती पर खून की द​नदियां बहेंगी।