समाजवादी योजनाओं से समाजवादी शब्द हटाने में योगी सरकार ने गुजार दिया एक साल : अखिलेश यादव

अखिलेश यादव,
समाजवादी योजनाओं से समाजवादी शब्द हटाने में योगी सरकार ने गुजार दिया एक साल : अखिलेश यादव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सूबे की सत्तारूढ़ योगी सरकार के कार्यकाल का पहला साल पूरा होने के अवसर पर रविवार को कहा कि ​योगी सरकार ने अपने कार्यकाल का पहला साल समाजवादी सरकार की योजनाओं के नामों से समाजवादी शब्द हटाने में ही गुजार दिया। एक साल में योगी सरकार ने कोई भी उल्लेखनीय काम नहीं किया है।उनकी सरकार विकास कार्यों के बजाय धर्म तथा त्यौहारों के नाम पर समाज…

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सूबे की सत्तारूढ़ योगी सरकार के कार्यकाल का पहला साल पूरा होने के अवसर पर रविवार को कहा कि ​योगी सरकार ने अपने कार्यकाल का पहला साल समाजवादी सरकार की योजनाओं के नामों से समाजवादी शब्द हटाने में ही गुजार दिया। एक साल में योगी सरकार ने कोई भी उल्लेखनीय काम नहीं किया है।उनकी सरकार विकास कार्यों के बजाय धर्म तथा त्यौहारों के नाम पर समाज को बांटने में लगी है। किसानों और नौजवानों की बेरोजगारी पर ध्यान देने की फुर्सत सरकार के पास नहीं है।

अखिलेश यादव का यह वक्तव्य एक न्यूज चैनल आयोजित सम्मेलन योगी सरकार से जुड़े सवालों पर जवाब के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में किसान, गरीब, व्यापारी, नौजवान, महिलाएं सभी परेशान हैं। भाजपा ने अपने चुनाव घोषणापत्र में इन सभी से तमाम वादे किए लेकिन उन्हें धोखा दिया। भाजपा का चरित्र मुद्दों को भटकाने का रहता है। भाजपा को रोकने का काम क्षेत्रीय ताकतें ही कर सकती हैं।

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उन्होंने कहा कि भाजपा के एजेंडा में कर्ज के बोझ से लदे किसान की लाचारी में की जाने वाली आत्महत्या को रोकना नहीं है। कर्जमाफी के नाम पर उसके साथ बड़ा धोखा किया गया। प्रधानमंत्री 48 देशों में यात्राए कर आए, क्या विश्व के किसी देश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं?

उन्होंने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी से अर्थव्यवस्था चैपट हो गई है। जो अपना कारोबार करते थे, उन्हें तमाम फार्म भरने में उलझा दिया गया है। कारोबारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। देश के उद्यमी विदेश में पलायन कर रहे हैं। समाजवादी सरकार में जीएसटी में व्यापारी को जेल नहीं होगी। भाजपा राज में भ्रष्टाचार रूकने की जगह बढ़ा है। यही हाल रहा तो अगले 10 वर्षों में 100 करोड़ बेरोजगार सड़कों पर दिखाई देंगे।

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भाजपा पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा कि यह एक संवेदन शून्य सरकार है। बागपत के जिला अस्पताल में ठेले पर मरीज को ले जाती एक महिला की खबर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में 108 नं0 एम्बूलेंस सेवा शुरू की गई थी, ताकि घायल को अस्पताल ले जाने में सहूलियत हो, प्रसूताओं के इलाज के लिए 102 नं0 एम्बूलेंस सेवा शुरू की गई थी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 सेवा शुरू की थी। अपराध नियंत्रण के लिए यूपी डायल 100 नं0 सेवा शुरू की। इन सबको भाजपा सरकार ने बर्बाद कर दिया।

इसके आगे उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने समाज को तोड़ा नहीं जोड़ा है। हम तो चाहते हैं कि आधार से सभी को जोड़ दिया जाए ताकि हर समाज की सही संख्या ज्ञात हो सके और उसी अनुपात में उसकी अवसरों में भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होने कहा कि समाजवादी पार्टी विकास करने में विश्वास करती है, मगर भाजपा विकास में अवरोध पैदा करती है और रागद्वेष की भावना से काम करती है।

उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के चार साल और उत्तर प्रदेश में भाजपा की एक साल की सरकार से जनता का मोहभंग हो गया है। आम लोगों के मन में गहरा आक्रोश है। इसका असर गोरखपुर और फूलपुर के उपचुनावों के नतीजों में दिखाई दिया है। जनता भाजपा को नकार रही है। इसका पूरा नतीजा 2019 में सामने आ जायेगा।

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