1. हिन्दी समाचार
  2. निजी अस्पतालों पर सीएमओ ने दिखाई सख्ती

निजी अस्पतालों पर सीएमओ ने दिखाई सख्ती

Cmo Showed Strictness On Private Hospitals

By ravijaiswal 
Updated Date

पढ़ें :- नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली को कम्युनिस्ट पार्टी से किया गया बाहर

लॉक डाउन के दौरान गोरखपुर जिले में इमरजेंसी सेवा के नाम पर निजी अस्पतालों द्वारा कोविड 19 के मानकों को पालन किये बिना मरीजों का कर रहे हैं इलाज .सूचना पर मुख्यचिकित्सा अधिकारी ने निजी अस्पतालों के खिलाफ दिखाए सख्ती .टीम गठित कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों निजी अस्पतालों का निरीक्षण कर कार्यवाही के दिये आदेश।

वैश्विक महामारी के दौरान देश मे लॉक लगाया गया कि लोग घरों मे रहें और सुरक्षित रहे .इस दौरान निजी अस्पतालों पर बैन लगा हुआ मरीजो को को देखने के लिए. और जिला प्रशासन के गाइड लाइन के मुताबिक निजी अस्पताल वही खुलेंगे जो जिला प्रशासन द्वारा अनुमति दी गयी हैं और गाइडलाइन भी .जो कोविड 19 के अनुरुप जो मानक है उनको पूरा करते हुए वही निजी अस्पताल खुलेंगे .

लेकिन गोरखपुर जिले बिना कोविड 19 के दिए गए मानकों को पूरा किये ही इमरजेंसी सेवा के नाम पर निजी अस्पताल के लोग ओपीडी चला रहे और कोविड 19 के इंफेक्शन प्रीवेंशन मानकों का पालन किये बिना मरीजों का इलाज कर रहे.अस्पतालों पर सख्ती बरतते हुए गोरखपुर जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ श्रीकांत तिवारी ने निजी अस्पताल पर सख्ती करते हुए निरीक्षण के लिए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के नेतृत्व में अलग अलग क्षेत्रों के लिए 5 टीमों का गठन किया है।
इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी/व अधीक्षक को भी निर्देश भी दिए गए कि अपने क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों का निरीक्षण कर कार्रवाई करें ।
जिसमे डॉ रामेश्वर मिश्रा, डॉ ए के प्रसाद, डॉ एन के पांडेय, डॉ ए के पांडेय, डॉ एस एन त्रिपाठी के नेतृत्व में उपरोक्त टीमों द्वारा जनपद के विभिन्न स्थानों पर स्थित चिकित्सा ईकाईयों का निरीक्षण किया गया| निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा इमरजेंसी सेवा की अनुमति प्राप्त चिकित्सकीय ईकाईयों का कोविड-19 हेतु निर्धारित मानको पर परीक्षण किया गया, इसके साथ ही जो चिकित्सकीय ईकाईयां बिना इमरजेंसी सेवा की अनुमति प्राप्त किए बिना चिकित्सकीय कार्य कर रहे हैं उन्हें तत्काल नोटिस दिया गया। उन्हें निर्देश भी दिए गए कि उनके द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उनका वार्षिक पंजीकरण रद्द करते हुए उनके विरूद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी।

इस दौरान महानगर के विभिन्न क्षेत्रों के अस्पतालों पर सन्नाटा पसरा दिखा. सड़के भी सुन सान रही. कुछ अस्पतालों पर लॉक डॉउन तक अस्पताल बंद रहने का नोटिस चस्पा किया गया. मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार जनपद में किसी भी अस्पताल को ओ पी डी संचालन की अनुमति नहीं है.इमरजेंसी सेवायें सरकारी अस्पतालों के अतिरिक्त कुछ निजी अस्पतालों ( मुख्यतः आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध ) के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त कुछ डाइग्नोस्टिक केंद्रों को भी अनुमति दी गयी है ताकि पैथोलोजिकल जांच और एक्स रे आदि हो सके। लॉक डाउन के दौरान कोई भी एकल चिकित्सक क्लिनिक, डेण्टल क्लिनिक, नेत्र एवं ईएनटी रोग अस्पताल, चर्म रोग क्लिनिक, आई वी एफ सेंटर संचालित नहीं होंगे।

पढ़ें :- उत्तर प्रदेश स्थापना दिवसः पीएम मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ से लेकर कई नेताओं ने दी बधाई

 

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...