अंबेडकरनगर जिला अस्पताल के सीएमएस की कोरोना से मौत, 5 दिन से पीजीआई में थे भर्ती

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अंबेडकरनगर जिला अस्पताल के सीएमएस की कोरोना से मौत, 5 दिन से पीजीआई में थे भर्ती

अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में कोरोना तेजी से पैर पसारना शुरू कर दिया है। कोरोना से लोगों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ने लगा है। ताजा मामला अंबेडकरनगर जिले का है, जहां महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संत प्रकाश गौतम को कोरोना हो गया, जिसके कारण उनका उपचार पीजीआई में चल रहा था। मंगलवार उपचार के दोपहर उनकी मौत हो गयी। वे करीब 58 वर्ष के थे।

Cms Of Ambedkaranagar District Hospital Died Of Corona Admitted To Pgi Since 5 Days :

स्वास्थ्य विभाग में प्रथम श्रेणी के प्रशासनिक अधिकारी की प्रदेश में पहली मौत हुई है। अब तक कोरोना ने चिकित्सक तक की ही जान ली थी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर संत प्रकाश गौतम की बीते तीन जून की रात में तबीयत खराब हुई थी। उन्हें जिला चिकित्सालय में ही भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर चार जनवरी के भोर में लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया गया था। जहां इलाज हो रहा था।

पांच जून को उनमें कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। बीते दो दिन से वे वेंटीलेटर पर रखे गए थे। बीते सोमवार को उनके हालत में सुधार भी हुआ था लेकिन बुधवार के दोपहर में उनकी मौत हो गई। बीते चार जून को जिला चिकित्सालय से रेफर किए जाने के दौरान ही सीएमएस का शुगर लेवल हाई हो गया था और एक्सरे रिपोर्ट में भी कोरोना के लक्षण मिले थे। जिला अस्पताल का संकट काल चल रहा है।

सीएमएस की जहां मौत हो गई है, वहीं चार स्टॉप संक्रमित है और कोरोना से जंग लड़ रहा हैं। इस बीच जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट विनय प्रकाश त्रिपाठी की भी हालत बिगड़ गई है। सांस लेने में दिक्कत है। उन्हें पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया है

रिपोर्ट
अजय तिवारी

अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में कोरोना तेजी से पैर पसारना शुरू कर दिया है। कोरोना से लोगों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ने लगा है। ताजा मामला अंबेडकरनगर जिले का है, जहां महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संत प्रकाश गौतम को कोरोना हो गया, जिसके कारण उनका उपचार पीजीआई में चल रहा था। मंगलवार उपचार के दोपहर उनकी मौत हो गयी। वे करीब 58 वर्ष के थे। स्वास्थ्य विभाग में प्रथम श्रेणी के प्रशासनिक अधिकारी की प्रदेश में पहली मौत हुई है। अब तक कोरोना ने चिकित्सक तक की ही जान ली थी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर संत प्रकाश गौतम की बीते तीन जून की रात में तबीयत खराब हुई थी। उन्हें जिला चिकित्सालय में ही भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर चार जनवरी के भोर में लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया गया था। जहां इलाज हो रहा था। पांच जून को उनमें कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। बीते दो दिन से वे वेंटीलेटर पर रखे गए थे। बीते सोमवार को उनके हालत में सुधार भी हुआ था लेकिन बुधवार के दोपहर में उनकी मौत हो गई। बीते चार जून को जिला चिकित्सालय से रेफर किए जाने के दौरान ही सीएमएस का शुगर लेवल हाई हो गया था और एक्सरे रिपोर्ट में भी कोरोना के लक्षण मिले थे। जिला अस्पताल का संकट काल चल रहा है। सीएमएस की जहां मौत हो गई है, वहीं चार स्टॉप संक्रमित है और कोरोना से जंग लड़ रहा हैं। इस बीच जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट विनय प्रकाश त्रिपाठी की भी हालत बिगड़ गई है। सांस लेने में दिक्कत है। उन्हें पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया है

रिपोर्ट अजय तिवारी