दुष्कर्म आरोपी गायत्री प्रजापति के मामले की सीओ हजरतगंज जांच करेंगे

लखनऊ: सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजाप्रति के मामले की जांच सीओ हजरतगंज को सौंपी गई है। इस मामले की जांच अब तक आलमबाग सीओ अमिता सिंह कर रही थीं। दरअसल, अमिता सिंह पर गायत्री का पक्ष लेने और उन्हें बचाने की कोशिश करने के आरोप लगे थे। एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि गायत्री प्रजापति और उसके छह साथियों के खिलाफ गौतमपल्ली थाना में दर्ज एफआईआर की विवेचना एडीजी कानून-व्यवस्था ने सीओ आलमबाग को सौंपी थी।



विवेचना के दौरान पीड़िता ने उन पर कई आरोप लगाए। यहां तक कि एफआईआर भी दर्ज करा दी। यही कारण रहा कि सीओ ने खुद ही विवेचना किसी और को स्थानांतरित करने की मांग की थी। इस प्रकरण की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है और उसकी तरफ से पुलिस को कार्रवाई के लिए दिया गया समय भी नजदीक आ रहा है। इसलिए जल्द से जल्द विवेचना खत्म कर चार्जशीट लगानी है।

यही वजह है कि सीओ हजरतगंज को विवेचना ट्रांसफर कर दी गई है। चूंकि एफआईआर में पॉक्सो एक्ट भी लगा है, इसलिए महिला थाने की एसओ को सह विवेचक बनाया गया है। चित्रकूट की रहने वाली महिला ने गायत्री प्रजापति व उनके साथियों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। महिला का आरोप था कि मंत्री ने उसे पार्टी में ऊंचा पद दिलाने के नाम पर पिछले दो साल में कई बार दुष्कर्म किया। महिला का यह भी आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की थी।

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