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CBSE स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र से कोडिंग और डाटा साइंस की होगी पढ़ाई

नए शैक्षिक सत्र से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूलों में कोडिंग और डाटा साइंस की पढ़ाई शुरू होगी। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को ट्वीट कर दी है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत हमने यह वादा किया था कि स्कूलों के सिलेबस में कोडिंग और डाटा साइंस को भी शामिल किया जाएगा।

By संतोष सिंह 
Updated Date

Coding And Data Science Will Be Taught In Cbse Schools From The New Academic Session

नई दिल्ली। नए शैक्षिक सत्र से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूलों में कोडिंग और डाटा साइंस की पढ़ाई शुरू होगी। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को ट्वीट कर दी है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत हमने यह वादा किया था कि स्कूलों के सिलेबस में कोडिंग और डाटा साइंस को भी शामिल किया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि सीबीएसई सत्र 2021 से इस वादे को पूरा करने जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से सीबीएसई भारत की भावी पीढ़ियों को नए जमाने के कौशल सिखाकर सशक्त बना रहा है। सीबीएसई ने संबद्ध स्कूलों को इस बाबत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

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बोर्ड ने कहा है कि कोडिंग को कक्षा 6 से 8 तक में 12 घंटे के स्किल मोड्यूल के तौर पर शामिल किया जाएगा। इससे बच्चों में तार्किक तौर पर सोचने की क्षमता बढ़ेगी। ताकि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में जान सकेंगे। बोर्ड ने कहा कि डाटा साइंस विषय को कक्षा 8 में 12 घंटे के स्किल मोड्यूल के तौर पर शामिल किया जाएगा जबकि कक्षा 11वीं व 12वीं में इसे स्किल सब्जेक्ट के तौर पर शामिल किया जाएगा।

सीबीएसई ने कहा कि डाटा साइंस विषय से स्टूडेंट्स समझ सकेंगे कि किस तरह डाटा जुटाया व संग्रहित किया जाता है। उसका विश्लेषण करके कैसे निर्णय किया जाता है? सीबीएसई ने कहा कि जो स्कूल 11वीं में स्किल विषय के तौर पर इन विषयों को शामिल करने के लिए आवेदन करेंगे। उन्हें कोई फीस का भुगतान नहीं करना है। माइक्रोसॉफ्ट की मदद से दोनों विषयों के शिक्षक और किताबें तैयार हैं।

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