कोहरे की सफेद चादर से सड़कों पर रेंगे वाहन, ठिठुरते हुए स्कूल गए बच्चे

बिजनौर। मौसम ने करवट ली और कोहरे की सफेद चादर ने सब कुछ अपने में समा लिया। सड़कों पर हवा से बात करने वाले वाहन रेंगेते हुए नजर आए, वहीं बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जाते दिखे। करीब 11 बजे के बाद कोहरा छटा और सूर्य देवता के दर्शन हो सके।




सर्दी का मौसम शुरू होने के बाद अभी तक कोहरे ने अपना रंग नहीं दिखाया था। तड़े थोड़ा-बहुत कोहरा आता भी था, लेकिन सुबह होते-होते खत्म हो जाता था। मंगलवार को कोहरा अपने पूरे शबाब पर आया, तो जिन्दगी थम सी गई। तड़के से कोहरा इतना घना हुआ कि लोगों को अपने से कुछ दूरी का भी दिखाई नहीं दिया। आलम यह रहा कि जो वाहन सड़कों पर फर्राटे फरते हुए हवा से बात करते थे, वे कछुवा गति से सड़कों पर रेंगते दिखे। इस मौसम का यह पहला कोहरा स्कूली बच्चों को भारी पड़ा।




प्रतिदिन की तरह बच्चों को स्कूल जाना पड़ा, लेकिन कोहरा अधिक होने के कारण उन्हे न सिर्फ ठंड का सामना करना पड़ा, बल्कि कोहरे के कारण उनकी यूनिफार्म भी भीग गई। आसपास के देहात क्षेत्र से पढने के लिए शहर आने वाले स्कूली बच्चों के लिए यह कोहरा इतनी बड़ी मुसीबत बना कि इसकी कल्पना भी करना मुश्किल है। घंटों तक कोहरे से कश्मकस करने के बाद सुबह करीब 11 बजे सूर्य इस कोहरे पर हावी हुआ। इसके बाद कोहरा हट गया और मौसम साफ हुआ। धूप निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

Loading...