डीएम अंकल! छुट्टी कर दीजिए न, बड़ी ठंडी है

बिजनौर। कई दिनों के बाद मौसम ने फिर से करवट ली और नन्हे-मुन्ने बच्चों पर कोहरे का चाबुक चला। कोहरा इतना घना था कि बच्चों के मुंह से सिर्फ इतना ही निकला कि छुट्टी कर दो डीएम अंकल। देर रात आया घना कोहरा दोपहर तक छाया रहा।




सर्दी का मौसम शुरू होने के बाद से ही कोहरा रूक-रूक कर अपना रंग दिखा रहा है। कई दिनों से मौसम पूरी तरह साफ था। न तो कोहरे का कोई नाम था और न ही सूर्य देवता की लुकी-छिपी थी। प्रतिदिन समय पर धूप निकल जाती थी। कई दिनों तक लोगों को राहत देने के बाद शुक्रवार को कोहरे का चाबुक चला। और जिन्दगी थम सी गई। देर रात आया कोहरा दोपहर तक छाया रहा। कोहरा इतना घना हुआ कि लोगों को अपने से कुछ दूरी का भी दिखाई नहीं दिया। आलम यह रहा कि जो वाहन सड़कों पर फर्राटे फरते हुए हवा से बात करते थे, वे कछुवा गति से सड़कों पर रेंगते दिखे।




यह कोहरा स्कूली बच्चों को भारी पड़ा। प्रतिदिन की तरह बच्चों को स्कूल जाना पड़ा, लेकिन कोहरा अधिक होने के कारण उन्हे न सिर्फ ठंड का सामना करना पड़ा, बल्कि कोहरे के कारण उनकी यूनिफार्म भी भीग गई। आसपास के देहात क्षेत्र से पढने के लिए शहर आने वाले स्कूली बच्चों के लिए यह कोहरा इतनी बड़ी मुसीबत बना कि इसकी कल्पना भी करना मुश्किल है। कोहरे के कारण बच्चे इतने परेशान हुए कि भगवान के साथ डीएम से स्कूलों की छुट्टी कराने की गुजारिश करते दिखे।

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