मोदी सरकार का सराहनीय कदम: लॉकडाउन के दौरान गरीबों को दिए 65,454 करोड़ रुपये

PM MODI
आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए त्याग और बलिदान देने वालों को देश कभी नहीं भूल पाएगा : पीएम मोदी

नई दिल्ली। देश में कोरोना संकट को लेकर लागू हुए लॉकडाउन में मोदी सरकार ने सराहनीय कदम उठाए हैं। मोदी सरकार की नीतियों के चलते हर गरीब को इसका लाभ मिला है। कोविड—19 संकट के दौरान सरकार ने 65,454 करोड़ रुपये की सहायता की है। वित्त मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है।

Commendable Move Of Modi Government Rs 65454 Crore Given To The Poor During Lockdown :

मोदी सरकार का सराहनीय कदम: लॉकडाउन के दौरान गरीबों को दिए 65,454 करोड़ रुपये लॉकडाउन शुरू होने के बाद मोदी सरकार ने 26 मार्च को महिलाओं, गरीब वरिष्ठ नागरिकों और किसानों को 1.70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के तहत मुफ्त अनाज और नकद सहायता देने की घोषणा की थी। इस संदर्भ में मंत्रालय ने कहा कि पैकेज के क्रियान्वयन की केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।

किसानों को हुआ फायदा
लॉकडाउन के दौरान पीएम किसान योजना के तहत किसानों को काफी फायदा पहुंचा है। 19 जून को इस दिशा में प्र​गति को ब्योरा देते हुए कहा गया है कि पीएम किसान के 8.94 करोड़ लाभार्थियों को पहली किस्त के प्रारंभ में भुगतान के लिए 17,891 करोड़ रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं।

महिला जनधन खाताधारकों को मिले इतने रुपये
कोविड—19 के संकट के दौरान मोदी सरकार ने महिलाओं की भी खूब मदद की। तीन किस्सों में सरकार ने महिला जनधन खाताधारकों के खातों में 30,952 करोड़ रुपये डाले गए हैं। पहली किस्त के रूप में 20.65 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों (100 फीसदी) के खातों में 10,325 करोड़ रुपये, दूसरी किस्त में 20.62 करोड़ खाताधारकों के खातों में 10,315 करोड़ रुपये और तीसरी किस्त में 20.62 करोड़ खाताधारकों के खातों में 10,312 करोड़ रुपये डाले गए हैं।

बुजुर्ग, विधवा व दिव्यांगों का भी रखा ख्याल
मोदी सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 2.81 करोड़ बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग लोगों को दो किस्तों में 2,814.5 करोड़ रुपये की मदद दी गई है।

श्रमिकों की सहायता के लिए आगे आई सरकार
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत भवन एवं निर्माण श्रमिकों को 4,312.82 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी गई है।

राज्यों को इतना दिया गया खाद्यान्न
मंत्रालय ने कहा कि मई, 2020 में 36 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के 72.83 करोड़ लाभार्थियों को 36.42 लाख टन खाद्यान्न वितरित किया गया है। जून 2020 में 29 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के 27.18 करोड़ लाभार्थियों को 13.59 लाख टन खाद्यान्न दिया गया है। तीन माह के लिए 5.8 लाख टन दालों का आवंटन किया गया है। इसमें से 5.68 लाख टन दालें विभिन्न राज्यों-संघ शासित प्रदेशों को भेजी जा चुकी हैं।

उज्ज्वला योजना के तहत फ्री मिले सिलेंडर
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत अप्रैल और मई, 2020 के लिए 8.52 करोड़ एलपीजी सिलिंडरों की बुकिंग और डिलिवरी की गई है। जून के लिए 2.1 करोड़ सिलिंडरों की बुकिंग हुई और अभी तक लाभार्थियों को 1.87 करोड़ सिलिंडर मुफ्त दिए जा चुके हैं।

EPFO सदस्यों ने निकाले 5,767 करोड़ रुपये
मंत्रालय ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 20.22 लाख सदस्यों ने ऑनलाइन निकासी सुविधा का लाभ लिया है। इसके तहत इन सदस्यों ने 5,767 करोड़ रुपये निकाले हैं। यह राशि उन्हें वापस नहीं लौटानी है।

DMF के तहत खर्च किए 183.65 करोड़ रुपये
जिला खनिज कोष (डीएमएफ) के तहत राज्यों से 30 फीसदी कोष खर्च करने को कहा गया है। यह राशि 3,787 करोड़ रुपये बैठती है। इसमें से 183.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

नई दिल्ली। देश में कोरोना संकट को लेकर लागू हुए लॉकडाउन में मोदी सरकार ने सराहनीय कदम उठाए हैं। मोदी सरकार की नीतियों के चलते हर गरीब को इसका लाभ मिला है। कोविड—19 संकट के दौरान सरकार ने 65,454 करोड़ रुपये की सहायता की है। वित्त मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। मोदी सरकार का सराहनीय कदम: लॉकडाउन के दौरान गरीबों को दिए 65,454 करोड़ रुपये लॉकडाउन शुरू होने के बाद मोदी सरकार ने 26 मार्च को महिलाओं, गरीब वरिष्ठ नागरिकों और किसानों को 1.70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के तहत मुफ्त अनाज और नकद सहायता देने की घोषणा की थी। इस संदर्भ में मंत्रालय ने कहा कि पैकेज के क्रियान्वयन की केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। किसानों को हुआ फायदा लॉकडाउन के दौरान पीएम किसान योजना के तहत किसानों को काफी फायदा पहुंचा है। 19 जून को इस दिशा में प्र​गति को ब्योरा देते हुए कहा गया है कि पीएम किसान के 8.94 करोड़ लाभार्थियों को पहली किस्त के प्रारंभ में भुगतान के लिए 17,891 करोड़ रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं। महिला जनधन खाताधारकों को मिले इतने रुपये कोविड—19 के संकट के दौरान मोदी सरकार ने महिलाओं की भी खूब मदद की। तीन किस्सों में सरकार ने महिला जनधन खाताधारकों के खातों में 30,952 करोड़ रुपये डाले गए हैं। पहली किस्त के रूप में 20.65 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों (100 फीसदी) के खातों में 10,325 करोड़ रुपये, दूसरी किस्त में 20.62 करोड़ खाताधारकों के खातों में 10,315 करोड़ रुपये और तीसरी किस्त में 20.62 करोड़ खाताधारकों के खातों में 10,312 करोड़ रुपये डाले गए हैं। बुजुर्ग, विधवा व दिव्यांगों का भी रखा ख्याल मोदी सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 2.81 करोड़ बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग लोगों को दो किस्तों में 2,814.5 करोड़ रुपये की मदद दी गई है। श्रमिकों की सहायता के लिए आगे आई सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत भवन एवं निर्माण श्रमिकों को 4,312.82 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी गई है। राज्यों को इतना दिया गया खाद्यान्न मंत्रालय ने कहा कि मई, 2020 में 36 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के 72.83 करोड़ लाभार्थियों को 36.42 लाख टन खाद्यान्न वितरित किया गया है। जून 2020 में 29 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के 27.18 करोड़ लाभार्थियों को 13.59 लाख टन खाद्यान्न दिया गया है। तीन माह के लिए 5.8 लाख टन दालों का आवंटन किया गया है। इसमें से 5.68 लाख टन दालें विभिन्न राज्यों-संघ शासित प्रदेशों को भेजी जा चुकी हैं। उज्ज्वला योजना के तहत फ्री मिले सिलेंडर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत अप्रैल और मई, 2020 के लिए 8.52 करोड़ एलपीजी सिलिंडरों की बुकिंग और डिलिवरी की गई है। जून के लिए 2.1 करोड़ सिलिंडरों की बुकिंग हुई और अभी तक लाभार्थियों को 1.87 करोड़ सिलिंडर मुफ्त दिए जा चुके हैं। EPFO सदस्यों ने निकाले 5,767 करोड़ रुपये मंत्रालय ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 20.22 लाख सदस्यों ने ऑनलाइन निकासी सुविधा का लाभ लिया है। इसके तहत इन सदस्यों ने 5,767 करोड़ रुपये निकाले हैं। यह राशि उन्हें वापस नहीं लौटानी है। DMF के तहत खर्च किए 183.65 करोड़ रुपये जिला खनिज कोष (डीएमएफ) के तहत राज्यों से 30 फीसदी कोष खर्च करने को कहा गया है। यह राशि 3,787 करोड़ रुपये बैठती है। इसमें से 183.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।