कांग्रेस ने की सहारा डायरियों के मामले में ‘स्वतंत्र, निष्पक्ष’ जांच की मांग

नई दिल्ली: कांग्रेस ने ‘सहारा डायरियों’ के मामले में शुक्रवार को ‘स्वतंत्र और निष्पक्ष’ जांच की मांग की और आरोप लगाया कि कुछ नेताओं के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद भी सरकार मामले को दबा रही है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सहारा समूह को अभियोजन और जुर्माने से छूट देने के आयकर निस्तारण आयोग (आईटीएससी) के आदेश में भी खामियां गिनाने का प्रयास किया। कथित डायरियां नवंबर 2014 में मारे गए छापों के बाद सहारा से जब्त की गई थीं जिनमें नेताओं को कथित रूप से रिश्वत दिए जाने की जानकारी है।




सुरजेवाला ने कहा कि मोदीजी ने दावा किया था कि वह देश के खजाने के चौकीदार हैं। ‘बिड़ला’ और ‘सहारा’ से जुड़े कागजों के मामले में चौकाने वाले तथ्यों में स्वतंत्र जांच की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री की विश्वसनीयता कभी संदेह में नहीं रहनी चाहिए। उन्हें स्वतंत्र जांच का आदेश देने को लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि ‘सहारा समूह’ को 1910 करोड़ रुपए की आय पर आयकर नहीं देने से छूट मिली और जुर्माना तथा मुकदमे से पूरी तरह छूट मिली।




सुरजेवाला ने कई सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार को जवाब देना चाहिए कि आयोग केवल 16 दिन में सहारा के कागजात के पूरे मामले को कैसे सुलझा पाया और वह पूरे सहारा मामले को बंद करने की हड़बड़ी में क्यों था। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता को इन सवालों के जवाब दें। पार्टी ने पड़ोसी देशों को लेकर केंद्र सरकार की नीति पर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी की पत्रिका ‘कांग्रेस संदेश’ के ताजा अंक में पार्टी ने इस बात को पुरजोर तरीके से उठाया है कि पड़ोसी देशों के प्रति सतत नीति के लिए राजनीतिक दलों को विश्वास में लेना चाहिए।