एंकर से कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनी सुप्रिया श्रीनेत

एंकर से कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनी सुप्रिया श्रीनेत
एंकर से कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनी सुप्रिया श्रीनेत

नई दिल्ली। महाराजगंज लोकसभा सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार रहीं और टीवी एंकर रह चुकी सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Srinet) को कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बना दिया गया है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला की ओर से शनिवार को एक बयान जारी किया गया जिसके मुताबिक पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने सुप्रिया की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की। याद हो कि बीते कुछ महीने पहले तक टीवी पत्रकार रहीं सुप्रिया कांग्रेस के पूर्व सांसद हर्षवर्धन की पुत्री हैं।

Congress Appointed Supriya Srinet As National Spokesperson :

गौरतलब है कि सुप्रिया इस लोकसभा चुनाव में महाराजगंज से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ीं थीं लेकिन उन्हें भाजपा के पंकज चौधरी से हार का सामना करना पड़ा था। बात करें उनके पिता हर्षवर्धन की तो इसी सीट से वो दो बार सांसद रह चुके हैं।

बता ड्ने कि 2014 में पहले सुप्रिया की मां की मौत हुई और 2015 में सुप्रिया के भाई और सियासी वारिस राज्यवर्द्धन सिंह की मौत हो गई। परिवार इस बड़े संकट से उबर पाता कि 2016 में खुद हर्षवर्धन सिंह की मौत हो गई। पिछले तीन साल में परिवार के तीन लोगों की मौत हुई जिसके बाद हर्षवर्द्धन सिंह की सियासी विरासत को अब सुप्रिया ने आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। हालांकि उनके सामने बड़ी दिक्कत कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करना और लोगों के भीतर यह उम्मीद पैदा करना रहा कि वो लोकसभा चुनाव की मजबूत प्रत्याशी हैं।

नई दिल्ली। महाराजगंज लोकसभा सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार रहीं और टीवी एंकर रह चुकी सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Srinet) को कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बना दिया गया है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला की ओर से शनिवार को एक बयान जारी किया गया जिसके मुताबिक पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने सुप्रिया की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की। याद हो कि बीते कुछ महीने पहले तक टीवी पत्रकार रहीं सुप्रिया कांग्रेस के पूर्व सांसद हर्षवर्धन की पुत्री हैं। गौरतलब है कि सुप्रिया इस लोकसभा चुनाव में महाराजगंज से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ीं थीं लेकिन उन्हें भाजपा के पंकज चौधरी से हार का सामना करना पड़ा था। बात करें उनके पिता हर्षवर्धन की तो इसी सीट से वो दो बार सांसद रह चुके हैं। बता ड्ने कि 2014 में पहले सुप्रिया की मां की मौत हुई और 2015 में सुप्रिया के भाई और सियासी वारिस राज्यवर्द्धन सिंह की मौत हो गई। परिवार इस बड़े संकट से उबर पाता कि 2016 में खुद हर्षवर्धन सिंह की मौत हो गई। पिछले तीन साल में परिवार के तीन लोगों की मौत हुई जिसके बाद हर्षवर्द्धन सिंह की सियासी विरासत को अब सुप्रिया ने आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। हालांकि उनके सामने बड़ी दिक्कत कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करना और लोगों के भीतर यह उम्मीद पैदा करना रहा कि वो लोकसभा चुनाव की मजबूत प्रत्याशी हैं।