कांग्रेस का आरोप, UP के मजदूरों को लाने के लिए बुक कराई 12 ट्रेनें, गुजरात सरकार ने नहीं दी मंजूरी

ajay kumar
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को हाईकोर्ट से मिली जमानत

लखनऊ। कोरोना संकट के बीच सबसे ज्यादा दिक्कत प्रवासी मजदूरों को आने जाने में हो रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने लॉकडाउन के दौरान गुरुवार को उत्तर प्रदेश और गुजरात की भाजपा सरकारों पर प्रवासी मजदूरों को सकुशल घर वापस लाने के लिये उनकी पार्टी द्वारा बुक की गई ट्रेनों को चलाने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कांग्रेस द्वारा बुक की गई ट्रेनों को भाजपा सरकारों द्वारा चलाने की इजाजत न देने पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि कोरोना महामारी की रोकथाम के लिये लागू लॉकडाउन के चलते उत्तर प्रदेश के लगभग दस लाख मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने मजदूरों को मुफ्त में वापस पहुंचाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन हकीकत ये है कि भाजपा और उससे संबंधित बिचौलिए मजदूरों से तय किराया से ज्यादा वसूल रहे हैं.

Congress Charges 12 Trains Booked To Bring Up Workers Gujarat Government Did Not Approve :

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कही ये बात
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू ने एक बयान में कहा कि सूरत में अभी तक गुजरात कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों के लिये 12 ट्रेनें बुक की थी लेकिन वहां के कलेक्टर फाइल दबा कर बैठ गए हैं और ट्रेनों को उत्तर प्रदेश जाने नहीं दे रहे हैं. प्रदेश के 19 हजार 200 श्रमिक अकेले सूरत में फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि सूरत से अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, फैजाबाद, गोण्डा, फैजाबाद, गोरखपुर, प्रयागराज बलिया के लिए ट्रेन बुक की गई थी.

जबकि बयान में कहा गया है कि सूरत के जिलाधिकारी ने कहा है यदि उत्तर प्रदेश सरकार इन ट्रेनों को अपने राज्य में आने की अनुमति देगी तो वह इन ट्रेनों को भेज देंगे. अजय कुमार लल्लू ने कहा भाजपा सरकारों पर इस मुद्दे पर राजनीतिक साजिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके पहले भी उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से फंसे हुए मजदूरों का विवरण मांगा था और इस संबंध में अभी तक कई पत्र भी लिखे लेकिन किसी का कोई जवाब नहीं मिला.

11 ट्रेनों की नहीं मिल रही इजाजत

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सूरत के अलावा गुजरात के वलसाड से 6 और भरूच से 5 ट्रेनों को इजाजत नहीं दी जा रही है. वहीं, राजस्थान से कांग्रेस द्वारा रिजर्व की गयी 13 ट्रेन से बलिया, गोरखपुर, फतेहपुर, जौनपुर, सहारनपुर, गाजीपुर, कानपुर, लखनऊ, सुल्तानपुर के हजारों श्रमिक घर वापस आये हैं. जबकि लल्लू ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि महामारी के समय राजनैतिक प्रतिद्वंदिता को एक तरफ रखकर श्रमिकों को घर वापस लाने पर विचार करे और कांग्रेस द्वारा रिजर्व की गयी ट्रेनों को प्रदेश में आने से रोका न जाये. साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से फंसे मजदूरों का विवरण प्रदान करने की अपील की ताकि कांग्रेस उन मजदूरों को घर वापस पहुंचाने में मदद कर सके.

लखनऊ। कोरोना संकट के बीच सबसे ज्यादा दिक्कत प्रवासी मजदूरों को आने जाने में हो रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने लॉकडाउन के दौरान गुरुवार को उत्तर प्रदेश और गुजरात की भाजपा सरकारों पर प्रवासी मजदूरों को सकुशल घर वापस लाने के लिये उनकी पार्टी द्वारा बुक की गई ट्रेनों को चलाने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कांग्रेस द्वारा बुक की गई ट्रेनों को भाजपा सरकारों द्वारा चलाने की इजाजत न देने पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि कोरोना महामारी की रोकथाम के लिये लागू लॉकडाउन के चलते उत्तर प्रदेश के लगभग दस लाख मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने मजदूरों को मुफ्त में वापस पहुंचाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन हकीकत ये है कि भाजपा और उससे संबंधित बिचौलिए मजदूरों से तय किराया से ज्यादा वसूल रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कही ये बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू ने एक बयान में कहा कि सूरत में अभी तक गुजरात कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों के लिये 12 ट्रेनें बुक की थी लेकिन वहां के कलेक्टर फाइल दबा कर बैठ गए हैं और ट्रेनों को उत्तर प्रदेश जाने नहीं दे रहे हैं. प्रदेश के 19 हजार 200 श्रमिक अकेले सूरत में फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि सूरत से अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, फैजाबाद, गोण्डा, फैजाबाद, गोरखपुर, प्रयागराज बलिया के लिए ट्रेन बुक की गई थी. जबकि बयान में कहा गया है कि सूरत के जिलाधिकारी ने कहा है यदि उत्तर प्रदेश सरकार इन ट्रेनों को अपने राज्य में आने की अनुमति देगी तो वह इन ट्रेनों को भेज देंगे. अजय कुमार लल्लू ने कहा भाजपा सरकारों पर इस मुद्दे पर राजनीतिक साजिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके पहले भी उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से फंसे हुए मजदूरों का विवरण मांगा था और इस संबंध में अभी तक कई पत्र भी लिखे लेकिन किसी का कोई जवाब नहीं मिला. 11 ट्रेनों की नहीं मिल रही इजाजत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सूरत के अलावा गुजरात के वलसाड से 6 और भरूच से 5 ट्रेनों को इजाजत नहीं दी जा रही है. वहीं, राजस्थान से कांग्रेस द्वारा रिजर्व की गयी 13 ट्रेन से बलिया, गोरखपुर, फतेहपुर, जौनपुर, सहारनपुर, गाजीपुर, कानपुर, लखनऊ, सुल्तानपुर के हजारों श्रमिक घर वापस आये हैं. जबकि लल्लू ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि महामारी के समय राजनैतिक प्रतिद्वंदिता को एक तरफ रखकर श्रमिकों को घर वापस लाने पर विचार करे और कांग्रेस द्वारा रिजर्व की गयी ट्रेनों को प्रदेश में आने से रोका न जाये. साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से फंसे मजदूरों का विवरण प्रदान करने की अपील की ताकि कांग्रेस उन मजदूरों को घर वापस पहुंचाने में मदद कर सके.