1. हिन्दी समाचार
  2. कांग्रेस ने किया दावा- मोदी सरकार ने 20 नहीं, 3.22 लाख करोड़ का दिया है आर्थिक पैकेज

कांग्रेस ने किया दावा- मोदी सरकार ने 20 नहीं, 3.22 लाख करोड़ का दिया है आर्थिक पैकेज

Congress Claims Modi Government Has Given Economic Package Of Not 20 3 22 Lakh Crore

नई दिल्ली। जबसे मोदी सरकार ने 20 लाख के आर्थिक पैकेज की घोंषणा की है तबसे विपक्ष ने इस पर तंज कसने शुरू कर दिये हैं. कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता आनंद शर्मा ने स्पेशल पैकेज पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आखिरी घोषणा के बाद निराशा जाहिर की है. उन्होंने कहा, स्पष्ट हो गया है कि देश को ऐसे खराब आर्थिक हालात से निकालने के लिए केंद्र सरकार के पास कोई रोडमैप नहीं है. सरकार इस लोन को प्रोत्साहन पैकेज नहीं कह सकती है. सभी देशों की सरकारों ने अपनी जनता के लिए फौरी राहत देते हुए प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है. शहरी गरीब लोगों और प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार ने अपने पैकेज में कुछ भी नहीं दिया है.

पढ़ें :- रोहित शर्मा की दमदार पारी ने टीम को दिलाई जीत

कोरोना महामारी से उपजे आर्थिक संकट के बीच पीएम मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ रुपये के स्पेशल पैकेज की घोषणा पर पलटवार करते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि पैकेज सिर्फ 3.22 लाख करोड़ रुपये का ही है जो जीडीपी का 1.6 प्रतिशत है. बीस लाख करोड़ का पैकेज नहीं है, जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा था.

आनंद शर्मा ने ये भी कहा कि वित्त मंत्री की हालत समझी जा सकती है क्योंकि अर्थव्यवस्था तबाह हो चुकी है और शिष्टाचार भी बनाए रखना है लेकिन रेल की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है. लोग सड़कों पर क्यों मर रहे हैं. सरकार सिर्फ जुबानी मदद कर रही है.

उन्होंने आगे कहा कि आज 12.3 करोड़ लोगों की नौकरी जा चुकी है. हमने छोटे व्यापारियों के लिए उन्हें बिना किसी ब्याज के आर्थिक मदद देने को कहा था. जिससे कि छोटे और मंझोले उद्योग में काम करने वाले लोगों का रोजगार बचाया जा सके. जहां तक अनाज देने की बात है वो तो पहले से ही खाद्य सुरक्षा कानून के तहत दिया जा रहा है. जब तक इन लोगों को डायरेक्ट पैसा नहीं दिया जाएगा, इनकी मदद नहीं हो सकती है.

इससे पहले शनिवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सरकार की मदद को किसानों, व्यापारियों और प्रवासी मजदूरों के लिए नाकाफी बताया था. उन्होंने कहा कि सरकार की मदद कर्ज का पैकेट नहीं होना चाहिए. किसान, प्रवासी मजदूरों की जेब में सीधा पैसा जाना चाहिए.

पढ़ें :- लखनऊ में वेब सीरीज तांडव को लेकर दर्ज हुई FIR, निर्देशक और लेखक पर शिकंजा

राहुल गांधी ने कहा, ‘सड़क पर चलने वाले प्रवासी मजदूरों को कर्ज नहीं पैसे की जरूरत है. बच्चा जब रोता है तो मां उसे लोन नहीं देती, उसे चुप कराने का उपाय निकालती है, उसे ट्रीट देती है. सरकार को साहूकार नहीं, मां की तरह व्यवहार करना होगा.’

राहुल गांधी ने कहा कि अभी तूफान आया नहीं है, आने वाला है, देश को जबरदस्त आर्थिक नुकसान होने वाला है. इसमें सबको चोट लगेगी. अगर सरकार ने उन्हें पैसा नहीं दिया और मांग तेज नहीं हुई तो आगे बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है. केंद्र के आर्थिक पैकेज में कर्ज की बात तो है लेकिन इससे मांग नहीं बढ़ेगी. प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि पैसा जनता की जेब तक जाए. मेरी मांग है कि सरकार एक बार फिर से इस पैकेज की समीक्षा करे.

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...