लोकसभा चुनाव: विधानसभा की तर्ज पर ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’ को अपनाएगी कांग्रेस, ये है रणनीति

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लोकसभा चुनाव: विधानसभा की तर्ज पर ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’ को अपनाएगी कांग्रेस, ये है रणनीति

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) को मात देने के लिए कांग्रेस विधानसभा चुनाव की तर्ज पर चुनावी मैदान में उतर चुकी है। लोकसभा चुनाव में आम जनता में अपनी छवि को मजबूत बनाने के लिए कांग्रेस ने रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद की छवि ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’ के तौर पर पेश करने की जुगत में लग गए हैं।

Congress Contest Lok Sabha Polls In Soft Hindutva Agenda :

बीते विधानसभा चुनावों की अगर बात करें तो राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान गुजरात समेत कई अन्य राज्यों में मंदिर में माथा टेककर खुद को एक नरम हिन्दू के तौर पर पेश किया। ठीक उसी तर्ज पर राहुल लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करने की अधिक से अधिक कोशिश करेंगे, वहीं चुनाव घोषणा पत्र में भी अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों को पार्टी एहतियात के साथ उठाएगी।

वहीं कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अल्पसंख्यकों का विकास घोषणा पत्र का हिस्सा होगा। मगर पार्टी वादा करते समय अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर खास एहतियात बरतेगी। पार्टी का कहना है कि इस बार लोकसभा चुनाव काफी अहम हैं। इसलिए, वह भाजपा को धुव्रीकरण का मौका नहीं देगी।

बताते चलें कि गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल ने करीब 28 मंदिरों में जाकर मत्था टेका था। चुनाव प्रचार के दौरान भी राहुल ने खुद को शिव जी का भक्त बताया था। कांग्रेस ने कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी सॉफ्ट हिंदुत्व को अपनाया। जिसका पार्टी को सियासी फायदा भी मिला।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) को मात देने के लिए कांग्रेस विधानसभा चुनाव की तर्ज पर चुनावी मैदान में उतर चुकी है। लोकसभा चुनाव में आम जनता में अपनी छवि को मजबूत बनाने के लिए कांग्रेस ने रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद की छवि ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’ के तौर पर पेश करने की जुगत में लग गए हैं।

बीते विधानसभा चुनावों की अगर बात करें तो राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान गुजरात समेत कई अन्य राज्यों में मंदिर में माथा टेककर खुद को एक नरम हिन्दू के तौर पर पेश किया। ठीक उसी तर्ज पर राहुल लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करने की अधिक से अधिक कोशिश करेंगे, वहीं चुनाव घोषणा पत्र में भी अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों को पार्टी एहतियात के साथ उठाएगी।

वहीं कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अल्पसंख्यकों का विकास घोषणा पत्र का हिस्सा होगा। मगर पार्टी वादा करते समय अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर खास एहतियात बरतेगी। पार्टी का कहना है कि इस बार लोकसभा चुनाव काफी अहम हैं। इसलिए, वह भाजपा को धुव्रीकरण का मौका नहीं देगी।

बताते चलें कि गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल ने करीब 28 मंदिरों में जाकर मत्था टेका था। चुनाव प्रचार के दौरान भी राहुल ने खुद को शिव जी का भक्त बताया था। कांग्रेस ने कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी सॉफ्ट हिंदुत्व को अपनाया। जिसका पार्टी को सियासी फायदा भी मिला।