देश में साम्प्रदायिक ताकतों को मजबूत कर रही है कांग्रेस-मायावती

Mayawati
देश में साम्प्रदायिक ताकतों को मजबूत कर रही है कांग्रेस—मायावती

नई दिल्ली। बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस देश में साम्प्रदायिक ता​कतों को मजबूत कर रही है। उन्होने अपनी ट्वीट के माध्यम से जनता को सावधान करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की नीति दोगली है, कांग्रेस साम्प्रदायिक ताकतों को कमजोर करने के बजाय, इसके खिलाफ आवाज उठाने वाली ताकतों को ही कमजोर करने में लगी है।

Congress Is Strengthening Communal Forces In The Country Mayawati :

गौरतलब है कि सोमवार रात अचानक राजस्थान में बसपा के 6 विधायक विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कांग्रेस में शामिल हो गये थे। तभी से मायावती कांग्रेस से काफी नाराज नजर आ रही हैं। आपको बता दें कि कल भी मायावती ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कांग्रेस को गैर भरोसेमन्द व धोखेबाज पार्टी बताया था। यही नही उन्होने यह भी कहा था कि कांग्रेस एससी, एसटी व ओबीसी विरोधी पार्टी है।

जहां अभी तक मायावती बाहर से कांग्रेस को समर्थन देने की बात कहती रहती थी वहीं अचानक कांग्रेस के प्रति उनका ये रूख राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद मायावती ने सपा से गठबन्धन समाप्त कर लिया था और अब कांग्रेस की लगातार आलोचना कर रही हैं। ऐसे में ये देखा जा सकता है कि आने वाले उप चुनाव हों या फिर उत्तर प्रदेश के 2022 के विधानसभा चुनाव, बसपा पार्टी अकेले ही मैदान में उतरने का मन बना चुकी है।

नई दिल्ली। बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस देश में साम्प्रदायिक ता​कतों को मजबूत कर रही है। उन्होने अपनी ट्वीट के माध्यम से जनता को सावधान करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की नीति दोगली है, कांग्रेस साम्प्रदायिक ताकतों को कमजोर करने के बजाय, इसके खिलाफ आवाज उठाने वाली ताकतों को ही कमजोर करने में लगी है। गौरतलब है कि सोमवार रात अचानक राजस्थान में बसपा के 6 विधायक विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कांग्रेस में शामिल हो गये थे। तभी से मायावती कांग्रेस से काफी नाराज नजर आ रही हैं। आपको बता दें कि कल भी मायावती ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कांग्रेस को गैर भरोसेमन्द व धोखेबाज पार्टी बताया था। यही नही उन्होने यह भी कहा था कि कांग्रेस एससी, एसटी व ओबीसी विरोधी पार्टी है। जहां अभी तक मायावती बाहर से कांग्रेस को समर्थन देने की बात कहती रहती थी वहीं अचानक कांग्रेस के प्रति उनका ये रूख राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद मायावती ने सपा से गठबन्धन समाप्त कर लिया था और अब कांग्रेस की लगातार आलोचना कर रही हैं। ऐसे में ये देखा जा सकता है कि आने वाले उप चुनाव हों या फिर उत्तर प्रदेश के 2022 के विधानसभा चुनाव, बसपा पार्टी अकेले ही मैदान में उतरने का मन बना चुकी है।