कर्नाटक: कांग्रेस का आरोप- BJP हमारे विधायको दिया 10 करोड़ का ऑफर

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नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस ने भाजपा पर कुमारस्वामी सरकार को गिराने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने बीजेपी पर कर्नाटक में हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए विधायकों को 10 करोड़ का ऑफर देने और कुमारस्वामी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पूर्व सीएम येदियुरप्पा पर गंभीर आरोप लगाए।

Congress Lashes Out On Bjp Over Karnataka Issue Says Yeddyurappa Is Offering Rs 10 Cr Per Mla :

पार्टी ने कहा कि इस मामले में उच्चतम न्यायालय को भी संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि टेप में उसका उल्लेख किया गया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव एवं कर्नाटक प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘कर्नाटक से कल जो खबर आई इससे पूरा देश सकते में है। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने आडियो टेप जारी कर राज्य की निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के प्रयासों को बेनकाब कर दिया।’

वेणुगोपाल दावा किया, ‘मैंने आडियो क्लिप सुनी है। येदियुरप्पा जी एक-एक विधायक को 10 करोड़ रुपये देने की पेशकश कर रहे हैं। एक विधायक को मंत्री पद और कुछ बोर्डो की जिम्मेदारी देने को बात कर रहे हैं। वह खुद नरेंद्र मोदी और अमित शाह का हवाला दे रहे हैं।’ उन्होंने पूछा, ‘भाजपा किस तरह की राजनीति पर उतर आई है?

विधायकों को देने के लिए भाजपा के पास सैकड़ों रुपये कहां से आये हैं?’ उन्होंने कहा, ‘यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। भाजपा ने पहले भी खरीद-फरोख्त के जरिये सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की है। इस तरह की राजनीति की कड़ी निंदा होनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि चाहे कुछ हो जाये, हमें पूरा भरोसा है कि कर्नाटक की सरकार बनी रहेगी।

बहुमत के लिए चाहिए 113 सीटों का आंकड़ा

गौरतलब है कि 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 113 का आंकड़ा चाहिए। दो विधायकों के इस्तीफा देने के बाद अभी कांग्रेस-जेडीएस सरकार 118 के आंकड़े पर है। हालांकि, कर्नाटक के सीएम लगातार कह रहे हैं कि वे सरकार को लेकर निश्चिंत हैं। वहीं, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया भाजपा के स्थानीय से लेकर शीर्ष नेताओं तक पर सरकार को गिराने के लिए साजिश का आरोप लगा रहे हैं।

दरअसल, कर्नाटक में कांग्रेस और जदएस ने मिलकर सरकार तो बना ली थी, लेकिन उनके पास बड़ा बहुमत नहीं है। ऐसे में अगर कुछ विधायकों ने इस्तीफा दिया तो दिक्कत बढ़ जाएगी।

नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस ने भाजपा पर कुमारस्वामी सरकार को गिराने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने बीजेपी पर कर्नाटक में हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए विधायकों को 10 करोड़ का ऑफर देने और कुमारस्वामी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पूर्व सीएम येदियुरप्पा पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी ने कहा कि इस मामले में उच्चतम न्यायालय को भी संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि टेप में उसका उल्लेख किया गया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव एवं कर्नाटक प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, 'कर्नाटक से कल जो खबर आई इससे पूरा देश सकते में है। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने आडियो टेप जारी कर राज्य की निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के प्रयासों को बेनकाब कर दिया।' वेणुगोपाल दावा किया, 'मैंने आडियो क्लिप सुनी है। येदियुरप्पा जी एक-एक विधायक को 10 करोड़ रुपये देने की पेशकश कर रहे हैं। एक विधायक को मंत्री पद और कुछ बोर्डो की जिम्मेदारी देने को बात कर रहे हैं। वह खुद नरेंद्र मोदी और अमित शाह का हवाला दे रहे हैं।' उन्होंने पूछा, 'भाजपा किस तरह की राजनीति पर उतर आई है? विधायकों को देने के लिए भाजपा के पास सैकड़ों रुपये कहां से आये हैं?' उन्होंने कहा, 'यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। भाजपा ने पहले भी खरीद-फरोख्त के जरिये सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की है। इस तरह की राजनीति की कड़ी निंदा होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि चाहे कुछ हो जाये, हमें पूरा भरोसा है कि कर्नाटक की सरकार बनी रहेगी। बहुमत के लिए चाहिए 113 सीटों का आंकड़ा गौरतलब है कि 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 113 का आंकड़ा चाहिए। दो विधायकों के इस्तीफा देने के बाद अभी कांग्रेस-जेडीएस सरकार 118 के आंकड़े पर है। हालांकि, कर्नाटक के सीएम लगातार कह रहे हैं कि वे सरकार को लेकर निश्चिंत हैं। वहीं, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया भाजपा के स्थानीय से लेकर शीर्ष नेताओं तक पर सरकार को गिराने के लिए साजिश का आरोप लगा रहे हैं। दरअसल, कर्नाटक में कांग्रेस और जदएस ने मिलकर सरकार तो बना ली थी, लेकिन उनके पास बड़ा बहुमत नहीं है। ऐसे में अगर कुछ विधायकों ने इस्तीफा दिया तो दिक्कत बढ़ जाएगी।