कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी बोले- देश विरोधी नारों से कमजोर हुआ सीएए के खिलाफ प्रदर्शन

Abhishek manu singhavi
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी बोले- देश विरोधी नारों से कमजोर हुआ सीएए के खिलाफ प्रदर्शन

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने गुरुवार को कहा कि कहीं भी देश विरोधी नारे नहीं लगने चाहिए। उन्होंने कहा कि ये अलगाववाद के नारे हैं। इन नारों की नागरिकता संशोधन कानून 2019 (सीएए) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन में जगह नहीं है। ऐसे नारों से सीएए के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन भी कमजोर हो रहा है।

Congress Leader Abhishek Manu Singhvi Said Protest Against Caa Weakened By Anti National Slogans :

गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। वहीं इसके समर्थन में भी प्रदर्शन हो रहा है। इसी बीच अभिषेक मनु सिंघवी का ट्विटर पर यह बयान आया है। इससे इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं।

यह कानून पिछले साल दिसंबर में संसद में पास हुआ था। इस कानून में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से सताए जाने के कारण भारत आए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है, जो लोग 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए हैं। इस कानून को लेकर देश में घमासान मचा हुआ है।

विपक्ष का कहना है कि सराकर यह कानून मुस्लिमों को निशाना बनाने के लिए लाई है, वहीं सरकार ने बार-बार ये बात साफ किया है कि इस कानून का मकसद केवल और केवल इन तीन देशों के धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना है। इससे किसी के नागरिकता पर कोई खतरा नहीं है। विपक्ष सीएए के बारे में अफवाहें फैला रहा है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सीएए पर गृहमंत्री अमित शाह को बहस करने की चुनौती दी है। मदुरै में एक सभा को संबोधित करते हुए, हैदराबाद से लोकसभा सांसद ने कहा कि अमित शाह सीएए के बारे में बहस करने के लिए सभी को आमंत्रित करते हैं। क्या वह मेरे साथ बहस करने के लिए तैयार हैं? एआइएडीएमके सरकार को सीएए के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। एनपीआर और एनआरसी का कार्यान्वयन मुसलमानों के खिलाफ होगा। सीएए के खिलाफ पूरे संघर्ष के लिए आपको मेरा समर्थन है।

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने गुरुवार को कहा कि कहीं भी देश विरोधी नारे नहीं लगने चाहिए। उन्होंने कहा कि ये अलगाववाद के नारे हैं। इन नारों की नागरिकता संशोधन कानून 2019 (सीएए) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन में जगह नहीं है। ऐसे नारों से सीएए के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन भी कमजोर हो रहा है। गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। वहीं इसके समर्थन में भी प्रदर्शन हो रहा है। इसी बीच अभिषेक मनु सिंघवी का ट्विटर पर यह बयान आया है। इससे इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं। यह कानून पिछले साल दिसंबर में संसद में पास हुआ था। इस कानून में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से सताए जाने के कारण भारत आए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है, जो लोग 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए हैं। इस कानून को लेकर देश में घमासान मचा हुआ है। विपक्ष का कहना है कि सराकर यह कानून मुस्लिमों को निशाना बनाने के लिए लाई है, वहीं सरकार ने बार-बार ये बात साफ किया है कि इस कानून का मकसद केवल और केवल इन तीन देशों के धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना है। इससे किसी के नागरिकता पर कोई खतरा नहीं है। विपक्ष सीएए के बारे में अफवाहें फैला रहा है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सीएए पर गृहमंत्री अमित शाह को बहस करने की चुनौती दी है। मदुरै में एक सभा को संबोधित करते हुए, हैदराबाद से लोकसभा सांसद ने कहा कि अमित शाह सीएए के बारे में बहस करने के लिए सभी को आमंत्रित करते हैं। क्या वह मेरे साथ बहस करने के लिए तैयार हैं? एआइएडीएमके सरकार को सीएए के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। एनपीआर और एनआरसी का कार्यान्वयन मुसलमानों के खिलाफ होगा। सीएए के खिलाफ पूरे संघर्ष के लिए आपको मेरा समर्थन है।