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राहुल गांधी से माफी मांगते हुए कांग्रेस नेता खुशबू सुंदर ने नई शिक्षा नीतियों का किया समर्थन

By सोने लाल 
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बीते बुधवार को नई शिक्षा नीतियों को मंजूरी दे दी है। वहीं, कई राजनीतिक दलों ने इसका स्वगत किया है और कुछ ने विराध भी जताया है। फिल्म अभिनेत्री और कांग्रेस नेता खुशबू सुंदर ने मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति का स्वागत किया है। उन्होंने पार्टी लाइन से अलग जाने के लिए राहुल गांधी से ट्वीट कर माफी भी मांगी है।

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नई शिक्षा नीतियों को लेकर कांग्रेस नेता ने किये चार ट्वीट

कांग्रेस नेता ने शिक्षा नीतियों को लकर चार ट्वीट किए। पहले ट्वीट में उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 पर मेरे विचार मेरी पार्टी से अलग हैं। मैं इसके लिए राहुल गांधी से माफी मांगती हूं।

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लेकिन मैं कठपुतली या रोबोट की तरह सिर हिलाने के बजाए तथ्यों पर बात करती हूं। हर चीज पर हम अपने नेता से सहमत नहीं हो सकते हैं लेकिन एक नागरिक के तौर पर बहादुरी से अपनी राय रखने का साहस रख सकते हैं।

राजनीति महज शोर मचाने के लिए नहीं

कांग्रेस नेता ने दूसरे ट्वीट में कहा कि राजनीति महज शोर मचाने के लिए नहीं है, इसके बारे में मिलकर साथ काम करना है और भाजपा, पीएमओ को इसे समझना होगा।

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बतौर विपक्ष, हम इस पर विस्तार से देखेंगे और खामियों को भी बताएंगे। भारत सरकार को नई शिक्षा नीति से जुड़ी खामियों को लेकर हर किसी को विश्वास में लेना चाहिए।

विपक्ष का मतलब देश के भविष्य के लिए काम करना

खुशबू ने यह भी कहा कि वे सकारात्मक पहलू को देखना पसंद करती हैं। नकारात्मक चीजों पर काम करती हूं। हमें समस्याओं के समाधान की पेशकश करनी है न कि केवल आवाजें बुलंद करनी हैं। विपक्ष का मतलब देश के भविष्य के लिए काम करना भी है। मैं अटल जी की जिंदगी से एक अंश लेना चाहूंगी।

नई शिक्षा नीति में कुछ जगहों पर हैं खामियां

उन्होंने आगे कहा कि मैं भाजपा में शामिल नहीं हो रही हूं। सुंदर ने कहा कि संघ से जुड़े लोग आराम कर सकते हैं, लेकिन उन्हें आनन्दित नहीं होना चाहिए। मैं भाजपा में नहीं जा रही हूं। मेरी राय मेरी पार्टी से अलग हो सकती है, लेकिन मैं खुद की सोंच वाली एक व्यक्ति हूं। हां, नई शिक्षा नीति में कुछ जगहों पर खामियां है लेकिन मुझे अभी भी लगता है कि हम सकारात्मकता के साथ बदलाव को देख सकते हैं।’

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35 साल बाद नई शिक्षा नीति पर लगी मुहर

बता दें कि केंद्र सरकार ने 29 जुलाई को 35 साल बाद नई शिक्षा नीति पर मुहर लगाई है। लगभग दो लाख सुझाव मिलने के बाद नई शिक्षा नीति को तैयार किया गया है। इसके तहत अब 10+2 को अलग-अलग फॉर्मेट में 5+3+3+4 के फॉर्मेट में बदल दिया गया है। सभी संस्थानों के लिए प्रवेश परीक्षा होगी। इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में भी ऑनलाइन कोर्स होंगे।

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