सिख विरोधी दंगा: आज सरेंडर कर सकते हैं सज्जन कुमार

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सिख विरोधी दंगा: आज सरेंडर कर सकते हैं सज्जन कुमार

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 सिख विरोधी दंगों में दोषी पाए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार आज सरेंडर करने वाले हैं। कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा उन्हे 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उनके साथ दोषी पाए गए अन्य लोगों पर भी एक-एक लाख रुपये देने होंगे। बता दें कि सज्जन कुमार बड़े नेताओं में शुमार किए किए जाते थे। उन्होंने अपने करियर के पहले ही चुनाव में तूफानी जीत हासिल कर तहलका मचा दिया था।

Congress Leader Sajjan Kumar May Surrender At Delhi Highcourt In Sikh Voilence :

बता दें कि 23 सितंबर 1945 को दिल्ली में जन्मे सज्जन कुमार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। 70 के दशक में वो राजनीति में आए और नगरपालिका चुनाव में बड़ी जीत हासिल की। उन्हे संजय गांधी की खोज माना जाता है। उन्ही के कहने पर सज्जन कुमार नगरपालिका का चुनाव लड़े थे। सज्जन कुमार ने 1980 में पहली बार दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ा और उन्होंने दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री रहे ब्रम्हा प्रकाश को चुनावों में पटखनी दे दी।

वहीं 31 अक्टूबर 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सज्जन कुमार सिख दंगा केस में फंस गए। कांग्रेस ने 1989 में उनका टिकट भी काट दिया और उनकी जगह भारत सिंह को टिकट मिला। नतीजा ये रहा कि कांग्रेस को वो सीट गंवानी पड़ी।

सज्जन कुमार को 1991 के चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस का टिकट मिला और इस बार उन्होंने बीजेपी के कद्दावर जाट नेता साहिब सिंह वर्मा को मात दी। सज्जन कुमार ने आउटर दिल्ली संसदीय क्षेत्र से वर्मा को 86,791 वोटों से चुनाव हराकर बड़ा उलटफेर किया।

सज्जन कुमार 1996 में 2 लाख से भी ज्यादा वोट से चुनाव हार गए। क्योंकि बीजेपी ने उनके खिलाफ ब्राह्मण उम्मीदवार खड़ा कर कर दिया था। इसके बाद अगले दो चुनावों में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया। 2004 में एक बार फिर सज्जन कुमार ने लोकसभा चुनाव लड़ा और उन्होंने दिल्ली के सीएम रह चुके साहिब सिंह वर्मा को एकबार फिर एकतरफा अंदाज में हराया। इस चुनाव में वो 2,23,790 वोट से जीते। इसी के साथ साहिब सिंह का राजनीतिक करियर समाप्त हो गया।

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 सिख विरोधी दंगों में दोषी पाए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार आज सरेंडर करने वाले हैं। कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा उन्हे 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उनके साथ दोषी पाए गए अन्य लोगों पर भी एक-एक लाख रुपये देने होंगे। बता दें कि सज्जन कुमार बड़े नेताओं में शुमार किए किए जाते थे। उन्होंने अपने करियर के पहले ही चुनाव में तूफानी जीत हासिल कर तहलका मचा दिया था। बता दें कि 23 सितंबर 1945 को दिल्ली में जन्मे सज्जन कुमार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। 70 के दशक में वो राजनीति में आए और नगरपालिका चुनाव में बड़ी जीत हासिल की। उन्हे संजय गांधी की खोज माना जाता है। उन्ही के कहने पर सज्जन कुमार नगरपालिका का चुनाव लड़े थे। सज्जन कुमार ने 1980 में पहली बार दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ा और उन्होंने दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री रहे ब्रम्हा प्रकाश को चुनावों में पटखनी दे दी। वहीं 31 अक्टूबर 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सज्जन कुमार सिख दंगा केस में फंस गए। कांग्रेस ने 1989 में उनका टिकट भी काट दिया और उनकी जगह भारत सिंह को टिकट मिला। नतीजा ये रहा कि कांग्रेस को वो सीट गंवानी पड़ी। सज्जन कुमार को 1991 के चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस का टिकट मिला और इस बार उन्होंने बीजेपी के कद्दावर जाट नेता साहिब सिंह वर्मा को मात दी। सज्जन कुमार ने आउटर दिल्ली संसदीय क्षेत्र से वर्मा को 86,791 वोटों से चुनाव हराकर बड़ा उलटफेर किया। सज्जन कुमार 1996 में 2 लाख से भी ज्यादा वोट से चुनाव हार गए। क्योंकि बीजेपी ने उनके खिलाफ ब्राह्मण उम्मीदवार खड़ा कर कर दिया था। इसके बाद अगले दो चुनावों में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया। 2004 में एक बार फिर सज्जन कुमार ने लोकसभा चुनाव लड़ा और उन्होंने दिल्ली के सीएम रह चुके साहिब सिंह वर्मा को एकबार फिर एकतरफा अंदाज में हराया। इस चुनाव में वो 2,23,790 वोट से जीते। इसी के साथ साहिब सिंह का राजनीतिक करियर समाप्त हो गया।